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बहू शालू की कस्टडी रिमांड मंजूर, कल दोपहर 12 बजे से शुरू होगी पूछताछ, खुलेगा विनीत मिनोचा हत्याकांड का पूरा राज!

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के अब तक अनसुलझे सवाल अब सुलझ सकते हैं। पुलिस बुधवार दोपहर 12 बजे आरोपी बहू शालू समेत तीनों आरोपियों को जेल से लेकर आएगी और गुरुवार दोपहर 12 बजे तक उनसे पूछताछ करेगी।

दवा कारोबारी विनीत...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT दवा कारोबारी विनीत मीनोचा की हत्या मामले में आरोपी बहू शालू की कस्टडी रिमांड मंजूर।

कानपुर में चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी बहू शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी। पुलिस बुधवार दोपहर 12 बजे तीनों आरोपियों को जेल से लेकर आएगी और गुरुवार दोपहर 12 बजे तक उनसे पूछताछ करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस हत्या की साजिश, डुप्लीकेट चाबी, आरोपियों के आपसी संपर्क और वारदात से पहले की गतिविधियों को लेकर पूछताछ करेगी।

शालू ने रिमांड के खिलाफ दाखिल की थी अर्जी

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज मंगलवार को शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कोर्ट में पेश किया गया। शालू मास्क और दुपट्टे से चेहरा छिपाकर कोर्ट पहुंची, जबकि राजकिशोर कैमरों से बचने के लिए हाथ से चेहरा ढकता नजर आया। विशाल से हत्या से जुड़े सवाल पूछे गए तो उसने सिर हिलाकर जवाब देने से इनकार कर दिया। शालू की ओर से 19 सितंबर को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। इसमें उसने कहा था कि पुलिस ने उसकी रिमांड का आधार जिस कथित बयान को बनाया है, उसने विवेचक को ऐसा कोई बयान नहीं दिया। शालू ने बिना दबाव के कोर्ट के सामने अपना पक्ष दर्ज कराने के लिए कलमबंद बयान दर्ज करने की अनुमति भी मांगी थी। कोर्ट ने उसकी अर्जी खारिज करते हुए पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी।

डुप्लीकेट चाबी को लेकर भी होगी पूछताछ

पुलिस के मुताबिक जांच में फ्लैट की चाबियों का मामला भी सामने आया है। शालू की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि पुलिस उससे फ्लैट की चाबी दिखाने और परेड चौराहे पर उस स्थान की तस्दीक कराने की बात कह रही है, जहां उसने कथित तौर पर विशाल को चाबी दी थी। पुलिस रिमांड के दौरान यह जानने की कोशिश कर सकती है कि फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी कहां और किस दुकान से बनवाई गई थी और उसे किसे दी गई। इसके साथ ही हत्या से पहले विशाल के घर आने-जाने और शालू से उसके संपर्क को लेकर भी सवाल किए जाएंगे।

विशाल से साजिश और हत्या से पहले की गतिविधियों पर सवाल

पुलिस रिमांड के दौरान विशाल गौतम से यह जानने की कोशिश करेगी कि उसने विनीत मिनोचा की हत्या किसके कहने पर की और वारदात की योजना कब बनाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले विशाल कारोबारी के बेटे सुब्रत के संपर्क में था। पुलिस इस संपर्क की वजह और हत्या से पहले की उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ करेगी, इसके साथ ही पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि हत्या से पहले विशाल और राजकिशोर के बीच फोन पर क्या बातचीत हुई थी और वारदात के बाद भागने की क्या योजना थी। पुलिस मर्डर के बाद विशाल की ओर से किए गए फोन कॉल की भी जानकारी जुटा रही है।

सुब्रत से 309 बार बातचीत की बात सामने आई

जांच के दौरान पुलिस ने शालू, सुब्रत और विशाल के सात मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले हैं। पुलिस के अनुसार एक मई से पांच सितंबर के बीच विशाल और सुब्रत के बीच 309 बार बातचीत हुई। हत्या से दो दिन पहले विशाल ने नया जियो सिम लिया था और उससे सुब्रत से बातचीत की थी। पुलिस ने सुब्रत से यह भी पूछा कि उसकी फर्म में 17 कर्मचारी और घर में मेड समेत तीन हाउस हेल्पर होने के बावजूद विशाल की जरूरत क्यों पड़ती थी। सुब्रत ने पुलिस को बताया था कि विशाल बिजली का अच्छा मैकेनिक था और छोटे-मोटे काम के लिए उसे बुलाता था।

चाबी बनवाने के दौरान साथ होने पर भी सवाल

अब तक कि जांच में पुलिस के द्वारा की गौई पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि हत्या से करीब 20 दिन पहले सुब्रत, विशाल और शालू को एक साथ देखा गया था। पुलिस के मुताबिक उस दौरान चाबी बनवाने की बात भी सामने आई। जांचकर्ताओं ने सुब्रत से पूछा कि उसने चाबी बनवाने की वजह और विशाल को उसकी जरूरत के बारे में जानकारी क्यों नहीं ली। पुलिस ने सुब्रत और विशाल के एक साथ गुमटी में दिखाई देने और विशाल को डॉक्टर के पास ले जाने को लेकर भी सवाल किए। सुब्रत ने बताया कि विशाल की तबीयत खराब थी, इसलिए वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गया था।

हत्या के बाद भी विशाल से संपर्क को लेकर जांच

पुलिस के अनुसार विशाल ने करीब 12 साल तक कारोबारी की दुकान और घर में काम किया था। हत्या के बाद जब सुब्रत को सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई तो उसने आरोपियों को पहचानने में असमर्थता जताई थी। पुलिस ने यह भी पूछा कि जब विनीत ने विशाल को काम से निकाल दिया था, तब भी सुब्रत उसके संपर्क में क्यों रहा। सुब्रत ने छोटे-मोटे काम के लिए फोन करने की बात कही थी।

49 हजार की पार्टी पर भी उठे सवाल

पुलिस की जांच में हत्या की रात की पार्टी भी चर्चा में है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक पांच सितंबर की रात सुब्रत और शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में कपल किटी पार्टी में गए थे। पुलिस के अनुसार पार्टी में दवा कारोबार से जुड़े करीब 35 लोग शामिल थे। लाउंज के रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों रात करीब 10:30 बजे पहुंच गए थे, जबकि पार्टी 11:30 बजे शुरू होनी थी। दोनों के रात करीब तीन बजे लाउंज से निकलने की बात सामने आई। पार्टी की बुकिंग करीब 1400 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से हुई और कुल बिल लगभग 49 हजार रुपये बताया गया। पूछताछ में सुब्रत ने बताया था कि उसे 35 हजार रुपये वेतन और शालू को करीब 10 हजार रुपये खर्च के लिए मिलते थे। ऐसे में पुलिस ने 45 हजार रुपये की मासिक आय के मुकाबले 49 हजार रुपये की पार्टी के खर्च को लेकर भी सवाल किए।

सोशल मीडिया से पोस्ट और फोटो हटाने की भी जांच

पुलिस के मुताबिक हत्या के कुछ दिन बाद सुब्रत ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी फर्म ‘फार्मा ट्रेडर्स’ का वॉलपेपर लगाया था। पोस्ट पर लगातार कमेंट आने के बाद उसे हटा दिया गया। इसके साथ ही फेसबुक और इंस्टाग्राम से फोटो और रील्स हटाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस इन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।

5 सितंबर की रात हुई थी कारोबारी की हत्या

विनीत मिनोचा रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर सी-104 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे। वह बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। परिवार के मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये था। पांच सितंबर की रात विनीत मिनोचा की गले और सीने पर चाकू से कई वार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 6 सितंबर की रात कारोबारी की दुकान पर काम करने वाले विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार विशाल ने पूछताछ में शालू का नाम लिया था। इसके बाद शालू को भी गिरफ्तार किया गया।

पत्नी की वसीयत भी जांच के दायरे में

पुलिस जांच के दौरान विनीत मिनोचा की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार वसीयत का दस्तावेज भी रजिस्ट्री कार्यालय से सामने आया है। पुलिस इस दस्तावेज की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वसीयत में संपत्ति से जुड़े प्रावधानों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है, फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को 24 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करेगी। रिमांड के दौरान हत्या की कथित साजिश, डुप्लीकेट चाबी, मोबाइल संपर्क, वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों तथा संपत्ति से जुड़े संभावित पहलुओं पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

इससे पहले भाई-बहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शालू को बेगुनाह बताया था। उन्होंने कहा कि ससुर की बीमारी से लेकर खाने-पीने तक का शालू ध्यान रखती थी। जो चींटी मारने से डरती थी, वो ससुर की हत्या कैसे कर सकती है।

(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)

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