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कानपुर के दवा कारोबारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, बहू निकली मुख्य साजिशकर्ता, पुराने नौकर को दी थी 6 लाख की सुपारी

कानपुर में दवा कारोबारी की हत्या मामले में बहू ही मुख्य साजिशकर्ता निकली है। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि बहू ने हत्या के लिए पुराने नौकर को 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी।

मृतक की बहू समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT मृतक की बहू समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।

कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में चर्चित दवा कारोबारी विनीत मीनोचा की हत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, करोड़ों रुपये के कारोबारी विनीत मीनोचा की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता उनकी बहू शालू निकली। खर्चों और गतिविधियों पर पाबंदी लगाए जाने से नाराज शालू ने कथित तौर पर पुराने नौकर विशाल गौतम को ससुर की हत्या की सुपारी दी थी। विशाल ने अपने साथी राज किशोर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

घर के अंदर चाकू से किए 26 वार

विनीत मीनोचा बिरहाना रोड स्थित ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम की फर्म चलाते थे। पुलिस के अनुसार उनका सालाना कारोबार करीब 40 से 50 करोड़ रुपये का था। वह कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में रहते थे, शनिवार रात विनीत घर में अकेले थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। रविवार तड़के करीब तीन बजे उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का बच्चा घर लौटे। बेडरूम में विनीत की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। कमरे में संघर्ष के निशान मिले। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर चाकू के करीब 26 वार किए जाने की बात सामने आई।

छह लाख की सुपारी का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश कथित तौर पर शालू ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, शालू अपने खर्चों और गतिविधियों पर लगाई जा रही पाबंदियों से नाराज थी। इसी नाराजगी के चलते उसने अपने पुराने नौकर विशाल गौतम को कथित तौर पर छह लाख रुपये की सुपारी दी। आरोप है कि विशाल ने अपने साथी राज किशोर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। दोनों डुप्लीकेट चाबी की मदद से फ्लैट में दाखिल हुए और विनीत पर चाकू से हमला कर दिया।

गार्ड को बताया दवाइयां लेकर आए हैं

पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले विशाल और राज किशोर रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट पहुंचे थे। मुख्य गेट पर तैनात गार्ड ने दोनों को ऊपर जाने से रोका। इसके बाद दोनों ने शालू से फोन पर बात की। आरोप है कि शालू ने गार्ड से उन्हें अंदर जाने देने के लिए कहा और बताया कि दोनों दवाइयां लेकर आए हैं। इसके बाद दोनों फ्लैट तक पहुंचे। कुछ देर बाद शालू अपने पति सुब्रत और बच्चे के साथ बाहर चली गई और विनीत घर में अकेले रह गए। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान विशाल और राज किशोर ने विनीत की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपी फ्लैट से निकल गए। घर से कोई सामान चोरी नहीं हुआ। इससे पुलिस को शुरुआती जांच में ही यह संकेत मिला कि हत्या का मकसद लूट नहीं था।

घर लौटकर रोने किया नाटक

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद शालू सुबह अपने पति और बच्चे के साथ घर लौटी। घर के अंदर ससुर की लाश देखकर उसने कथित तौर पर रोने का नाटक किया, ताकि हत्या में अपनी भूमिका छिपाई जा सके। हालांकि पुलिस की जांच में सामने आए इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों ने कहानी की कई कड़ियां जोड़ दीं।

CCTV और कॉल डिटेल से खुला राज

पुलिस ने अपार्टमेंट की सीसीटीवी फुटेज, गेट रजिस्टर और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच शुरू की। हत्या वाले दिन शालू और विशाल के बीच हुई बातचीत और दोनों की गतिविधियों को खंगाला गया। अपार्टमेंट में वारदात के समय करीब 45 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, जबकि मुख्य गेट पर तीन गार्ड ड्यूटी पर थे। पुलिस ने गेट रजिस्टर में दर्ज एंट्री और सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया। रात करीब 8:28 बजे की एंट्री समेत संदिग्ध आवाजाही की जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को शालू और आरोपियों के बीच संपर्क तथा उनके घटनास्थल तक पहुंचने की कड़ियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

मुठभेड़ के बाद पकड़े गए दोनों आरोपी

पुलिस ने रविवार रात करीब 8:15 बजे विशाल गौतम और राज किशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों से हत्या के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान विशाल ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसने शालू के कहने पर विनीत की हत्या की और इसके बदले उसे पैसे मिलने थे। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार कर लिया। DCP वेस्ट कासिम आब्दी ने बहू शालू की गिरफ्तारी और मामले में उसकी भूमिका की पुष्टि की है।

परिवार के भीतर की साजिश से पुलिस भी हैरान

करोड़ों रुपये का दवा कारोबार चलाने वाले विनीत मीनोचा की हत्या ने शुरुआत में पुलिस को भी कई सवालों में उलझाया था। घर के अंदर हत्या हुई, शरीर पर चाकू के कई वार थे, लेकिन घर से कोई सामान चोरी नहीं हुआ था। जांच आगे बढ़ी तो मामला लूट के बजाय परिवार के भीतर रची गई कथित साजिश की ओर मुड़ गया। पुलिस अब शालू, विशाल और राज किशोर के बीच संबंध, पैसों के लेनदेन, कॉल डिटेल और हत्या से पहले व बाद की गतिविधियों की पूरी कड़ी जोड़ रही है।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार हुई, छह लाख रुपये की सुपारी का भुगतान किस तरह तय हुआ और वारदात में इनके अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। विनीत मीनोचा हत्याकांड में बहू की गिरफ्तारी ने इस सनसनीखेज मामले की सबसे बड़ी गुत्थी सुलझा दी है। अब पुलिस के सामने हत्या की पूरी साजिश, मकसद और पैसों के लेनदेन की अंतिम कड़ियों को जोड़ने की चुनौती है। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)

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