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बहराइच में तेंदुए का तांडव, रात में नल पर पानी पीने गए 9 साल के मासूम की दर्दनाक मौत

सुजौली के बड़खड़िया आनंद नगर गांव में सोमवार रात नल पर पानी पीने गए 9 साल के राजवीर पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के दौड़ने पर तेंदुआ भाग तो गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल राजवीर को जब अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Boy dies in leopard attack- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT तेंदुए के हमले मे बालक की मृत्यु

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कतर्नियाघाट रेंज के अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र के बड़खड़िया आनंद नगर गांव में सोमवार की रात तेंदुए के हमले से एक नौ वर्षीय मासूम की मौत हो गई। गांव में घनी आबादी के बीच अचानक तेंदुआ घुस गया और महिला कंसीला के घर के आंगन में छिपकर बैठ गया।

क्या है पूरा मामला?

घटना रात करीब 9:30 बजे की है, जब अचानक बिजली चले जाने के कारण पूरे इलाके में अंधेरा छा गया। मां कंसीला अपने पांच छोटे बच्चों के साथ घर में मौजूद थीं। इसी दौरान उनका नौ वर्षीय बेटा राजवीर प्यास लगने पर आंगन में लगे हैंडपंप पर पानी पीने गया। घात लगाए बैठे तेंदुए ने अंधेरे का फायदा उठाकर मासूम पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया।

बेटे की चीख सुनते ही मां बिना अपनी जान की परवाह किए तेंदुए से भिड़ गई। मां ने लगभग दो मिनट तक तेंदुए से कड़ा संघर्ष किया और हिम्मत दिखाते हुए बच्चे को तेंदुए के चंगुल से छुड़ा लिया। हालांकि, तेंदुए के हमले से राजवीर के गले और गर्दन पर गहरे जख्म हो गए थे और अत्यधिक खून बह जाने से उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई।

इलाज के दौरान मासूम ने तोड़ा दम

चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और समाजसेवी महिपाल यादव मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस को फोन न लग पाने पर महिपाल यादव ने तुरंत अपनी निजी गाड़ी से गंभीर रूप से घायल राजवीर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुजौली पहुंचाया। हालांकि, वहां इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वन विभाग के रेंजर आशीष गौड़ पहुंचे मौके पर

घटना के बाद सुबह वन विभाग के रेंजर आशीष गौड़ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपये की फौरी आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर गांव में वनकर्मियों की टीम तैनात की गई है।

इस हादसे से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि यदि उस वक्त बिजली न जाती तो बच्चे की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए रात में बिजली कटौती बंद करने, तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और गांव में सोलर लाइट लगाने की मांग की है।

बहराइच से बच्चे भारती की रिपोर्ट

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