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UP चुनाव में BJP लोनी में जीत की हैट्रिक लगा पाएगी या नहीं? सियासी इतिहास से समझिए 2027 का समीकरण

UP Assembly Election 2027 में BJP के सामने लोनी विधानसभा सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने की चुनौती है। लोनी में इस बार BJP-RLD और कांग्रेस-सपा का गठबंधन आमने-सामने हो सकता है। समझिए लोनी सीट पर 2027 के चुनाव का समीकरण।

Loni Assembly Election 2027- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पढ़िए लोनी विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास।

यूपी की हॉट सीटों में गाजियाबाद की लोनी सीट भी शुमार है। लोनी सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और यहां अब तक हुए 3 विधानसभा चुनावों में 2 बार BJP और एक बार BSP ने जीत हासिल की है। लोनी में पहला विधानसभा चुनाव 2012 में हुआ था। बाद में फिर 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव हुआ। इन तीन चुनावों में लोनी सीट पर प्रत्याशी के रूप में मुख्य चेहरे जाकिर अली, नंदकिशोर गुर्जर और मदन भैया रहे हैं। 2027 के चुनाव में BJP के सामने जीत की हैट्रिक लगाने का चैलेंज है तो वहीं, सपा इस सीट को पहली बार जीतने का ख्वाब पूरा करना चाहती है। लोनी इस बार एक खेमे में BJP-RLD और दूसरे पाले में सपा और कांग्रेस दिखाई दे सकते हैं। आइए जानते हैं कि लोनी विधानसभा सीट का सियासी इतिहास क्या है और 2027 में लोनी विधानसभा सीट पर क्या चुनावी समीकरण हो सकते हैं।

लोनी के पहले चुनाव में BSP के जाकिर अली के सिर पर बंधा जीत का सेहरा

बात करें लोनी विधानसभा सीट की तो यहां पर पहला चुनाव 2012 में हुआ था और पहली बार जीत का सेहरा बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार जाकिर अली के सिर पर सजा था। जाकिर अली को तब 89 हजार 603 वोट मिले थे और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी RLD उम्मीदवार मदन भैया को 25 हजार 248 वोटों के अंतर से हरा दिया था। मदन भैया 64 हजार 355 वोटों पर सिमट गए थे। इस चुनाव में कांग्रेस और RLD का गठबंधन था। कांग्रेस ने लोनी में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था।

लोनी के 2012 के चुनाव में BJP तीसरे नंबर पर रही थी। बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. विनोद सिंह बंसल ने 48 हजार 319 वोट हासिल किए थे। 2012 के चुनाव में मुख्य टक्कर BSP और RLD के बीच थी। दिलचस्प ये था कि जब 2012 के चुनाव में यूपी की जनता ने सपा को पूर्ण बहुमत दिया था, तब लोनी में समाजवादी पार्टी चौथे नंबर पर रही थी। सपा के औलाद अली महज 6 हजार 666 वोट मिले थे।

BJP के नंदकिशोर गुर्जर ने दर्ज की लोनी के 3 चुनावों की सबसे बड़ी जीत

हालांकि, 2017 के विधानसभा चुनाव में लोनी की सियासत में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला था। 5 साल पहले ही तीसरे नंबर पर रही BJP ने इस बार लोनी विधानसभा सीट अपने नाम कर ली थी। BJP ने उम्मीदवार के रूप में इस बार नंदकिशोर गुर्जर पर दांव लगाया था और ये सही भी साबित हुआ। नंदकिशोर गुर्जर ने 1 लाख 13 हजार 88 वोट हासिल किए थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी BSP उम्मीदवार जाकिर अली को 70 हजार 275 वोटों के साथ ही संतोष करना पड़ा था। 2017 के चुनाव में नंदकिशोर गुर्जर ने 42 हजार 813 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

इस चुनाव में 2012 के रनरअप और RLD उम्मीदवार तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। मदन भैया को 42 हजार 539 वोट मिले थे। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी फिर से चौथे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार राशिद मलिक 42 हजार 302 वोटों पर ही सिमट गए थे। सपा का इस चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन था। इसके बावजूद, लोनी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। 2017 के चुनाव में बीजेपी की जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि लोनी में हुए 3 विधानसभा चुनावों में यह वोटों के लिहाज से सबसे बड़े अंतर की जीत थी।

वर्ष विजेता पार्टी विजेता के वोट रनर-अप पार्टी रनर-अप के वोट जीत का अंतर
2012 जाकिर अली BSP 89,603 मदन भैया RLD 64,355 25,248
2017 नंदकिशोर BJP 1,13,088 जाकिर अली BSP 70,275 42,813
2022 नंदकिशोर BJP 1,27,410 मदन भैया RLD 1,18,734 8,676

(सोर्स- Election Commission Of India)

जीत का अंतर घटा लेकिन BJP ही जीती

लोनी विधानसभा चुनाव 2022 में BJP ने फिर से नंदकिशोर गुर्जर को सियासी मैदान में उतारा और उनके सामने एक बार फिर थे RLD उम्मीदवार मदन भैया। 2022 का मुकाबला बाकी चुनावों के मुकाबले कड़ा था क्योंकि इस बार सपा और RLD का गठबंधन था। 2022 के चुनाव में नंदकिशोर गुर्जर ने 1 लाख 27 हजार 410 वोट हासिल किए, जबकि RLD प्रत्याशी मदन भैया को 1 लाख 18 हजार 734 वोट मिले थे। इस बार नंदकिशोर गुर्जर का जीत अंतर घटकर 2017 के 42 हजार 813 के मुकाबले 8 हजार 676 वोट रह गया था।

लोनी के इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में रंजीता धामा ने भी दम दिखाया था लेकिन उन्हें 27 हजार 289 वोटों के साथ संतोष करना पड़ा था। BSP का प्रदर्शन 2022 के चुनाव में और भी खराब हो गया था। BSP के उम्मीदवार अकील चौथे नंबर पर रहे और उन्हें 25 हजार 717 वोट ही मिल पाए थे।

लोनी विधानसभा में BJP बनकर उभरी सबसे कामयाब पार्टी

लोनी विधानसभा सीट पर अब तक तीन बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। 2012 में BSP को जीत मिलने के बाद लगातार दो बार से BJP ही लोनी पर काबिज है। लोनी के विधायक नंदकिशोर खुद भी अपने बयानों को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बने रहते हैं। तीनों चुनावों के आंकड़े लोनी की बदलती हुई सियासी तस्वीर के बारे में भी बताते हैं। 2012 के चुनाव में BSP ने लोनी सीट पर जीत से शुरुआत की थी, लेकिन 2017 में BJP ने बड़े अंतर से चुनाव जीत लिया।

फिर 2022 में भी RLD-SP के गठबंधन से कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन लोनी सीट BJP के खाते में ही गई। इस सीट पर BJP और RLD मजबूत हैं, तो देखना होगा क्या RLD ये सीट, सीट बंटवारे में मांगेगी। साथ ही, 2027 के विधानसभा चुनाव में लोनी में BJP-RLD अलायंस और सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच देखने को मिल सकता है।

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