यूपी के गाजियाबाद जिले की साहिबाबाद विधानसभा सीट पश्चिमी यूपी की हॉट सीटों में से एक है। साहिबाबाद सीट इसलिए भी खास है क्योंकि इस सीट पर पिछले दो चुनावों में पूरे यूपी में सबसे ज्यादा वोटों से जीतने का रिकॉर्ड है। हालांकि, साहिबाबाद सीट का चुनावी इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। साहिबाबाद विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी थी। साहिबाबाद की विधानसभा क्षेत्र संख्या 55 है। 2008 में साहिबाबाद विधानसभा के अस्तित्व में आने के बाद यहां पहला विधानसभा चुनाव 2012 में हुआ था। 2012 से अब तक साहिबाबाद में 3 विधानसभा चुनाव हुए और उसमें एक बार BSP और 2 बार BJP भारी पड़ी। जानें 2027 के विधानसभा चुनाव साहिबाबाद में क्या चुनावी समीकरण होने वाला है।
पहले चुनाव में BSP के खाते में गई थी साहिबाबाद
साहिबाबाद विधानसभा सीट पर पहली बार 2012 में विधानसभा चुनाव हुआ था। इस चुनाव में प्रदेश में मायावती की सरकार चली गई थी लेकिन BSP के अमरपाल शर्मा ने जीत हासिल कर ली थी। यानी सबसे पहली बार साहिबाबाद सीट से विधायक बनने का गौरव, अमरपाल शर्मा के नाम ही है। ECI के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, BSP के अमरपाल शर्मा को 1 लाख 24 हजार 332 वोट मिले थे। वहीं, BJP के सुनील कुमार शर्मा ने 99 हजार 984 वोट हासिल किए और दूसरे नंबर पर रहे थे। दोनों कैंडिडेट्स के बीच जीत-हार का अंतर 24 हजार 348 वोटों का था।
2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से प्रत्याशी सतीश चंद्र त्यागी थे और उन्होंने 51 हजार 195 वोट हासिल किए थे। समाजवादी पार्टी भी 2012 में साहिबाबाद सीट पर मैदान में थी और उनके उम्मीदवार प्रहलाद शर्मा को 36 हजार 266 वोट मिले थे। यानी जब 2012 में यूपी की जनता ने सपा को पूर्ण बहुमत दिया था, तब साहिबाबाद में सपा चौथे नंबर पर आई थी।
2017 में सुनील शर्मा को झोली भर-भरकर वोट मिले
हालांकि, साहिबाबाद की सियासी तस्वीर 2017 के विधानसभा चुनाव में पूरी तरह बदल गई थी। BJP ने फिर से सुनील कुमार शर्मा पर दांव लगाया था और वह प्रचंड समर्थन से 2 लाख 62 हजार 741 वोट हासिल करने में कामयाब रहे थे। ये जीत उस चुनाव में पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी जीत थी। सुनील कुमार शर्मा ने अपने प्रतिद्वंदी को 1 लाख 50 हजार 685 वोटों के अंतर से हराया था।
ये चुनाव इसलिए भी दिलचस्प था क्योंकि सुनील शर्मा के सामने अमरपाल शर्मा जो 2012 में BSP के टिकट पर चुनाव लड़े थे और जीते थे, वो इस बार कांग्रेस के टिकट पर सियासी मैदान में थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा का गठबंधन था और साहिबाबाद सीट तब कांग्रेस के खाते में आई थी। अमरपाल को 1 लाख 12 हजार 56 वोट मिले थे और वे दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं, BSP ने जलालुद्दीन को साहिबाबाद सीट से उतारा था और वह तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। BSP, साहिबाबाद में 41 हजार 654 वोटों पर सिमट गई थी।
| वर्ष | विजेता | पार्टी | विजेता के वोट | रनर-अप | पार्टी | रनर-अप के वोट | जीत का अंतर |
| 2012 | अमरपाल शर्मा | BSP | 1,24,332 | सुनील कुमार शर्मा | BJP | 99,984 | 24,348 |
| 2017 | सुनील कुमार शर्मा | BJP | 2,62,741 | अमरपाल शर्मा | कांग्रेस | 1,12,056 | 1,50,685 |
| 2022 | सुनील कुमार शर्मा | BJP | 3,22,882 | अमरपाल शर्मा | समाजवादी पार्टी | 1,08,047 | 2,14,835 |
(सोर्स- Election Commission Of India)
2022 में फिर रिकॉर्ड वोटों जनता ने BJP को जिताया
वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में भी BJP ने उम्मीदवार के रूप में BJP ने सुनील कुमार शर्मा पर विश्वास जताया था। उनके सामने एक बार फिर अमरपाल शर्मा थे और वे इस बार समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर मैदान में थे। चुनाव से करीब 1 साल पहले ही सुनील कुमार शर्मा, सपा में शामिल हुए थे, अखिलेश यादव ने खुद उन्हें सदस्यता दिलाई थी।
ECI के आंकड़ों के अनुसार, 2022 के चुनाव में BJP के सुनील कुमार शर्मा को 3 लाख 22 हजार 882 वोट मिले थे, जबकि सपा के अमरपाल शर्मा ने 1 लाख 8 हजार 47 वोट हासिल किए थे। सुनील कुमार शर्मा ने 2017 की तरह एक बार फिर रिकॉर्ड वोटों से जीत दर्ज की और यूपी चुनाव 2022 में सबसे ज्यादा वोटों से इलेक्शन जीतने वाले विधायक बन गए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 2 लाख 14 हजार 835 वोटों से हरा दिया था।
2017 के मुकाबले सुनील कुमार शर्मा की जीत का अंतर 64 हजार 150 और बढ़ गया था। इस चुनाव में BSP के वोट और घट गए थे। उनके कैंडिडेट अजीत कुमार पाल को महज 24 हजार 136 वोट ही मिले थे। 2022 के चुनाव में BSP फिर से तीसरे स्थान पर रही थी।
साहिबाबाद का चुनावी समीकरण
साहिबाबाद का चुनावी समीकरण देखें तो 2012 में यहां बहुजन समाज पार्टी का जोर था। लेकिन उसके बाद से लगातार दो विधानसभा चुनाव साहिबाबाद में BJP जीती है। यहां बीते 3 चुनावों में सुनील कुमार शर्मा और अमरपाल शर्मा ही आमने-सामने रहे हैं। इसमें 2 बार सुनील कुमार शर्मा जीते तो 1 बार अमरपाल शर्मा ने भी जीत हासिल की। दिलचस्प है कि अमरपाल शर्मा तीनों बार अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़े हैं। 2012 में अमरपाल शर्मा BSP से, 2017 में कांग्रेस से और 2022 में सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में थे। वहीं, सुनील कुमार शर्मा अभी योगी सरकार में मंत्री हैं और चौथी बार साहिबाबाद से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। दूसरी तरफ, ये भी देखना होगा कि अगर सपा और कांग्रेस का गठबंधन होता है तो क्या ये सीट बंटवारे में कांग्रेस के पास जाएगी या फिर सपा अपना ही उम्मीदवार उतारेगी।