उत्तर प्रदेश मेरठ के लोहियानगर इलाके में एक प्राइवेट अस्पताल (एमसीसी हॉस्पिटल) के अंदर 25 साल की नर्स नेहा की संदिग्ध मौत ने सबको चौंका दिया था। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, क्योंकि नेहा की लाश के पास सल्फर की गोलियां और एक सुसाइड नोट मिला था। लेकिन पुलिस की जांच में जो सच सामने आया, उसने सबको हैरान करके रख दिया है। दरअसल नेहा की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही प्रेमी सुरेश ने अपने एक दोस्त फरहान के साथ मिलकर की थी। नेहा पिछले कुछ समय से सुरेश पर शादी करने का दबाव बना रही थी, लेकिन सुरेश इस शादी के लिए तैयार नहीं था। नेहा को रास्ते से हटाने के लिए सुरेश ने एक खौफनाक साजिश रची।
सुरेश ने ड्रिप में मिलाया जहरीला केमिकल
पुलिस जांच में पता चला कि घटना वाले दिन नेहा ने सुरेश से कहा कि उसे बहुत कमजोरी महसूस हो रही है। सुरेश को यही सही मौका लगा। वह इलाज के बहाने नेहा को ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले गया। वहां उसने नेहा को ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई और चुपके से उस ड्रिप में एक जहरीला केमिकल मिला दिया। जहर शरीर में फैलते ही नेहा की मौत हो गई।
हैंडराइटिंग के जरिए हुआ बड़ा खुलासा
हत्या करने के बाद सुरेश और उसके दोस्त फरहान ने इसे आत्महत्या साबित करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने नेहा के नोटपैड पर एक फर्जी सुसाइड नोट लिखा और उसे लाश के पास रख दिया। साथ ही वहां सल्फर की गोलियां भी बिखेर दीं ताकि पुलिस को लगे कि नेहा ने खुदकुशी की है। लेकिन नेहा के परिवार वालों को शक था कि वह आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग पर सवाल उठाए। जब पुलिस ने नेहा की असली लिखाई से सुसाइड नोट का मिलान किया, तो झूठ पकड़ा गया। पुलिस ने जब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो सुरेश पर शक गहरा गया। सख्ती के साथ पूछताछ करने पर पूरा राज खुल गया। पुलिस ने सुरेश और उसके साथी फरहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मेरठ पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा?