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BJP का अभेद्य किला है नोएडा, यहां एक चुनाव भी नहीं जीत पाए विपक्षी, यूपी चुनाव 2027 में क्या बन रहा समीकरण?

नोएडा विधानसभा अभी तक ऐसी सीट बनी हुई है, जिसपर BJP के अलावा किसी को एक बार भी जीत नसीब नहीं हुई है। जानिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में नोएडा का चुनावी समीकरण क्या होने वाला है।

Noida seat election history- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पढ़िए नोएडा विधानसभा सीट का सियासी इतिहास।

दिल्ली से सटा नोएडा विधानसभा क्षेत्र यूपी की हॉट सीटों में से एक है और यह अब तक BJP के लिए अभेद्य किला बना हुआ है। यहां सामान्य विधानसभा चुनाव और उपचुनाव मिलाकर अब तक 4 चुनाव हुए हैं और हर बार जीत BJP की हुई है। पिछले 4 चुनाव में 1 बार भी करीबी मुकाबला देखने को नहीं मिला है। पिछले 2 बार से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, नोएडा के विधायक हैं। नोएडा के पहले चुनाव में BSP प्रत्याशी और बाकी के 3 चुनावों में सपा उम्मीदवार रनरअप रहा। हालांकि, कोई भी विरोधी उम्मीदवार BJP को टक्कर नहीं दे पाया। हर बार चुनाव एकतरफा ही हुआ। जान लें कि नोएडा विधानसभा, गौतम बुद्ध नगर लोकसभा का पार्ट है। परिसीमन के बाद नोएडा विधानसभा साल 2008 में वजूद में आई थी। नोएडा का विधानसभा नंबर 61 है। आइए चुनावी इतिहास से समझते हैं कि नोएडा विधानसभा का हाल और यूपी चुनाव 2027 के लिए सियासी समीकरण।

नोएडा के पहले चुनाव में ही BJP ने सीट पर जमाया कब्जा

बात करें नोएडा के 2012 के विधानसभा चुनाव की तो ये त्रिकोणीय मुकाबला था। इसमें बीजेपी, बीएसपी और सपा में जोरदार टक्कर थी। ECI की आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2012 के नोएडा विधानसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार महेश कुमार शर्मा को 77 हजार 319 वोट मिले थे। वहीं, दूसरे नंबर 49 हजार 643 वोटों के साथ बहुजन समाज पार्टी के ओमदत्त शर्मा रहे थे। महेश शर्मा ने 27 हजार 676 वोटों के अंतर से ओमदत्त शर्मा को हरा दिया था। सपा इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही थी। सपा उम्मीदवार सुनील चौधरी को 42 हजार 71 वोटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस 2012 के चुनाव में चौथे नंबर पर रही थी। उसके प्रत्याशी वीएस चौहान 25 हजार 482 वोट ही हासिल कर पाए थे। तो इस प्रकार नोएडा का पहला विधायक बनने का गौरव बीजेपी के महेश शर्मा को मिला।

2014 के उपचुनाव में बढ़ा BJP की जीत का अंतर

जान लें कि 2014 में नोएडा की पॉलिटिक्स में अहम बदलाव आया। जिस लोकसभा गौतम बुद्ध नगर में नोएडा आता है, महेश शर्मा उसके सांसद चुन लिए गए। इसके बाद नोएडा विधानसभा सीट पर 2014 में ही उपचुनाव हुआ। और इस बार मुकाबला दो पर दो था क्योंकि BSP ने उम्मीदवार उतारा नहीं था और कांग्रेस टक्कर दे नहीं पाई। इस उपचुनाव में बीजेपी ने विमला बाथम पर भरोसा जताया था और उन्होंने जीत का अंतर बढ़ाते हुए 58 हजार 952 वोटों से जीत दर्ज की थी। विमला बाथम को 1 लाख 433 वोट मिले, जबकि सपा की काजल शर्मा ने 41 हजार 481 वोट हासिल किए। इस चुनाव में कांग्रेस के वोट पिछली बार के 25 हजार 482 के मुकाबले और घट गए। कांग्रेस कैंडिडेट राजेंद्र अवाना ने महज 17 हजार 212 वोट हासिल किए।

चुनाव विजेता पार्टी वोट रनर-अप पार्टी वोट जीत का अंतर
2012 महेश कुमार शर्मा BJP 77,319 ओमदत्त शर्मा BSP 49,643 27,676
2014 उपचुनाव विमला बाथम BJP 1,00,433 काजल शर्मा SP 41,481 58,952
2017 पंकज सिंह BJP 1,62,417 सुनील चौधरी SP 58,401 1,04,016
2022 पंकज सिंह BJP 2,44,319 सुनील चौधरी SP 62,806 1,81,513

(सोर्स- Election Commission Of India)

2017 में राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह बने विधायक

2017 के विधानसभा चुनाव में BJP ने नोएडा सीट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह के रूप में नया चेहरा उतारा। बीजेपी ने उम्मीदवार जरूर बदला, लेकिन नोएडा में नतीजा वही रहा। ECI के अनुसार, बीजेपी के पंकज सिंह को 1 लाख 62 हजार 417 वोट मिले थे। वहीं, समाजवादी पार्टी के सुनील चौधरी 58 हजार 401 वोट ही हासिल कर पाए थे। पंकज सिंह ने नोएडा का चुनाव 1 लाख 4 हजार 16 वोटों के बड़े अंतर से जीत लिया था। पकंज सिंह की जीत के साथ ही BJP ने नोएडा में जीत की हैट्रिक लगा दी। BSP के उम्मीदवार 2012 के मुकाबले इस चुनाव में तीसरे नंबर पर खिसक गए। बीएसपी के रविकांत को 27 हजार 365 वोटों से संतोष करना पड़ा था।

2022 में फिर आमने-सामने थे पंकज सिंह और सुनील चौधरी

नोएडा के 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने पंकज सिंह पर फिर से विश्वास जताया। इस बार भी पकंज सिंह को चुनौती दे रहे थे समाजवादी पार्टी के सुनील चौधरी। चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणाम के अनुसार, पंकज सिंह ने 2 लाख 44 हजार 319 वोट हासिल किए, जबकि सुनील चौधरी 62 हजार 806 वोटों पर ही सिमट गए। पंकज सिंह की जीत का अंतर इस बार और बढ़ गया और उन्होंने 1 लाख 81 हजार 513 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। इस चुनाव में BSP और कांग्रेस के कैंडिडेट भी थे। BSP के कृपा राम शर्मा को 16 हजार 292, जबकि कांग्रेस की पंखुड़ी पाठक को 13 हजार 494 वोट मिले थे।

2027 के लिए नोएडा विधानसभा का समीकरण

खास बात है कि बीजेपी की जीत का अंतर 2022 के नोएडा विधानसभा चुनाव में अब तक यहां हुए 3 सामान्य चुनाव और एक उपचुनाव में सबसे ज्यादा रहा था। जितने वोट दूसरे नंबर पर रहने वाले सपा प्रत्याशी ने पाए, बीजेपी के प्रत्याशी पंकज सिंह की जीत अंतर उससे 2.8 गुना था। उपचुनाव को भी मिला लें तो नोएडा विधानसभा सीट पर एक बार भी सपा, BSP या कांग्रेस का प्रत्याशी BJP के उम्मीदवार को टक्कर नहीं दे पाया है। एक नजर में नोएडा को BJP का ऐसा अभेद्य किला कहा जा सकता है, जिसमें कोई भी पार्टी एक बार भी सेंध नहीं लगा पाई है। 2027 के चुनाव में यहां BJP को हराने के लिए सपा-कांग्रेस मिलकर जोर लगाती नजर आ सकती हैं। वहीं, BSP किस कैंडिडेट को नोएडा में उतारती है, ये भी देखना दिलचस्प होगा।

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