A
  1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. खाकी और काली वर्दी आमने-सामने, लखनऊ में वकीलों का 3 दिन का हड़ताल, पुलिस ने किया था लाठी चार्ज, जानिए मामला

खाकी और काली वर्दी आमने-सामने, लखनऊ में वकीलों का 3 दिन का हड़ताल, पुलिस ने किया था लाठी चार्ज, जानिए मामला

लखनऊ में वकीलों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहने और कार्य का बहिष्कार किया है। बार एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों पर बल प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वकील पर लाठीचार्ज करते हुए पुलिसकर्मी- India TV Hindi
Image Source : PTI वकील पर लाठीचार्ज करते हुए पुलिसकर्मी

लखनऊ नगर निगम द्वारा वजीरगंज क्षेत्र में वकीलों के कथित अवैध चैंबर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर पुलिस ने रविवार को लाठी चार्ज किया। वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में 3 दिन के हड़ताल का ऐलान किया गया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 3 दिन की हड़ताल की घोषणा की है। सोमवार से बुधवार (18 से 20 मई) तक लखनऊ में वकीलों ने काम का बहिष्कार किया है।

जानिए इस मामले में क्या बोले अखिलेश यादव

वहीं, आज वकीलों पर हुए लाठी चार्ज का समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना की निंदा की है। अखिलेश यादव ने इसे अन्याय करार दिया है। साथ ही लाठीचार्ज में घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग की है। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश का पालन- पुलिस

पुलिस के बयान के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम ने अदालत परिसर और उसके आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह इलाका वजीराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। 

कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश 

बयान में कहा गया है, 'कुछ उपद्रवी तत्वों ने विरोध प्रदर्शन करके कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया। इसके बाद अवैध अतिक्रमण शांतिपूर्वक हटा दिए गए।' पुलिस ने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है, हालांकि एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

आम नागरिकों को कैसे मिलेगा न्याय- अखिलेश यादव

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'लखनऊ में वकीलों के चैंबर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए तोड़ना और विद्वान अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज करना बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है।' उन्होंने सवाल किया, 'अगर वकील खुद अन्याय के शिकार होंगे, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा?'

ये भी पढ़ें:

योगी सरकार के 8 नए मंत्रियों को मिले विभाग, भूपेंद्र चौधरी बने MSME मंत्री, जानिए बाकी को मिली कौन सी जिम्मेदारी?