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'पांडवों की तरह सिर्फ 5 गांव मांगे थे, अब महाभारत तय', अखिलेश ने जवाब नहीं दिया तो ओवैसी भड़के

असदुद्दीन ओवैसी द्वारा यूपी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर दी गई डेडलाइन आज खत्म हो गई। इसके बाद ओवैसी के तेवर बदल गए। उन्होंने सपा मुखिया को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि जो गलती अखिलेश कर रहे हैं, वही गलती तेजस्वी यादव ने बिहार में की थी।

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Image Source : PTI असदुद्दीन ओवैसी।

आज ये तय हो गया है कि यूपी के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में जगह नहीं मिलेगी। ओवैसी ने कुछ दिन पहले कहा था कि वह 2 अक्टूबर तक अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार करेंगे। अगर दो अक्टूबर तक अखिलेश ने गठबंधन पर फैसला नहीं किया, तो वह यूपी में पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। आज डैडलाइन खत्म हो गई इसलिए ओवैसी के तेवर बदल गए।

'अखिलेश वही गलती कर रहे हैं जो तेजस्वी ने बिहार में की'

ओवैसी ने अखिलेश यादव को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश को बिहार के नतीजों का एनालिसिस करना चाहिए। जो गलती अखिलेश कर रहे हैं, वही गलती तेजस्वी ने बिहार में की थी। ओवैसी ने कहा कि वो तो पांडवों की तरह सिर्फ पांच गांव मांग रहे हैं, अगर अखिलेश इसके लिए भी तैयार नहीं हैं तो महाभारत होगा।

ओवैसी को अखिलेश ने क्या जवाब दिया?

लेकिन ओवैसी की बातों को अखिलेश ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि जो बीजेपी को हराना चाहता है, देश के लोकतंत्र को बचाना चाहता है, वो बीजेपी को फायदा पहुचाने वाला काम न करे। इसके बाद अखिलेश से सीधा सवाल पूछा गया कि समाजवादी पार्टी AIMIM को गठबंधन में शामिल करेगी या नहीं, इस पर अखिलेश ने सीधा जबाव देते हुए कहा कि अब नए अलायन्स की गुंजाइश कहां है, जो अलायन्स लोकसभा चुनाव के वक्त था, वही रहेगा।

अखिलेश ने बागियों को दिया ऑफर

ओवैसी के ऑफर को ठुकाने के बाद अखिलेश ने उन नेताओं को साथ आने का ऑफर दिया, जो पिछले कुछ सालों में साथ छोड़कर गए। अखिलेश ने कहा कि राज्यसभा का चुनाव है, अगर इस वक्त कोई उनका साथ देना चाहता है। फिर से साथ आना चाहता है तो उसका स्वागत है, वो पिछली कड़वी बातें भूलने को तैयार हैं।

अखिलेश यादव ने ये बात निषाद पार्टी के संजय निषाद और सुहैल देव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर जैसे नेताओं के लिए कही। क्योंकि संजय निषाद और राजभर पहले समाजवादी पार्टी के साथ थे, बाद में योगी के साथ चले गए। अब राज्यसभा के चुनाव में दोनों का रोल अहम है। अगर अखिलेश समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को जिताना चाहते हैं तो उन्हें कम से कम 11 विधायकों के सपोर्ट का जुगाड़ करना है। इसी जुगाड़ के चक्कर में अखिलेश पुरानी कड़वी बातें भूलने को तैयार हैं।

अखिलेश के ऑफर पर क्या बोले संजय निषाद?

संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर इस बात को समझ रहे हैं इसलिए जैसे ही अखिलेश ने ऑफर दिया तो संजय निषाद ने इसे ठगी की चाल बता दिया। संजय निषाद ने कहा कि यूपी की सभी पार्टियां, सारे विधायक अखिलेश की चालबाजी समझते हैं इसलिए उनके साथ कोई जाने वाला नहीं है।

यूपी में सपा ने कांग्रेस को 53 से 55 सीट देने का दिया ऑफर

वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव में सपा कम से कम 350 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सपा की ओर से कांग्रेस को 53 से 55 सीटें देने का ऑफर दिया गया है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि उनकी पार्टी कम से कम 150 सीट पर चुनाव लड़ना चाह रही है। हालांकि समाजवादी पार्टी ज्यादा सीट देने के मूड में नजर नहीं आ रही है।

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