उत्तर प्रदेश के कानपुर में यूपी एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने 22 अगस्त को बकर खान और उसकी बहन उरूज फातिमा को हिरासत में लिया। यूपी एटीएस ने दोनों संदिग्धों को पाकिस्तान से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका में हिरासत में लिया है। दोनों से संदिग्ध गतिविधियों में पाकिस्तान से जुड़े होने के बारे में पूछताछ की जा रही है। इससे पहले कर्नाटक में मोहम्मद समीर और सलमान को हिरासत में लिया गया था। पाकिस्तान और ISIS से कथित संबंधों के लिए दोनों की जांच चल रही है। पाकिस्तान से जुड़े संदिग्धों की संख्या चार बताई जा रही है। यूपी एटीएस और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क में संबंधों की जांच कर रही हैं। पिछले महीने भी यूपी एटीएस ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी आईएसआई के एजेंट के तौर पर काम करने के शक में बलरामपुर जिले से 29 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान शहरज अहमद के तौर पर हुई जिसे 18 अगस्त को जमधारा गांव से गिरफ्तार किया गया था।
बलरामपुर से गिरफ्तार हुआ शहरज
बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने शहरज अहमद की गिरफ्तारी की पुष्टि की। यूपी एटीएस सूत्रों के मुताबिक अहमद मुंबई में कढ़ाई कारीगर के तौर पर काम करता था और कथित तौर पर फेसबुक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल के जरिए आईएसआई के लोगों के संपर्क में आया था। एटीएस ने आगे दावा किया कि वह आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था और उसे राजस्थान के श्री गंगानगर से हथियार और विस्फोटक लाने का काम सौंपा गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में लखनऊ के ATS पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।
पिछले महीने गिरफ्तार हुआ था सद्दाम
यूपी एटीएस ने जुलाई महीने में भी एक अंतर-राज्यीय रैकेट के कथित मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया था, जो नकली भारतीय दस्तावेज तैयार करने और विदेशी नागरिकों के लिए धोखाधड़ी से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज हासिल करने में शामिल था। यूपी एटीएस ने एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाले आरोपी सद्दाम को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से गिरफ्तार किया गया था। ATS ने बताया कि उस पर 25,000 रुपये का इनाम था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एक ऐसे गिरोह का मुख्य सदस्य था जो कथित तौर पर बांग्लादेशी, नेपाली और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए धोखाधड़ी से आधार कार्ड हासिल करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और स्कूल प्रमाण पत्र जैसे नकली भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था। ATS ने बताया कि उसने पहले ही इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था और इस मामले में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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