उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कसारी-मसारी का नाम बदलकर श्रीकृष्णपुरी रखे जाने के फैसले का कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद फरहान ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नाम बदले जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। अगर भगवान श्री कृष्ण के नाम से इलाके का नामकरण हुआ है, तो उसी के अनुरूप उसका विकास और काम भी होना चाहिए।
सिद्धार्थ नाथ सिंह का बयान सामने आने के बाद मोहम्मद फरहान ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपना ज्ञान बढ़ाना चाहिए। फरहान ने कहा कि मसारी का अर्थ मछली और कसारी का मतलब तालाब होता है। अरबी भाषा में कसारी-मसारी का मतलब होता है मछली का तालाब।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह और बीजेपी की जिम्मेदारी है कि श्रीकृष्णपुरी में न तो गोकशी हो और न ही अवैध जमीन पर कब्जा हो। इसके साथ ही , इस इलाके में गांजा और कच्ची शराब की बिक्री भी न हो। उन्होंने कहा कि इस बात की भी गारंटी लोगों को सिद्धार्थ नाथ सिंह और बीजेपी पार्टी को जनता को देनी चाहिए। इसलिए अब इस इलाके की सम्मान की जिम्मेदारी भी बीजेपी और सिद्धार्थ नाथ सिंह पर है।
सीएम ने नाम बदलने का किया ऐलान
बता दें कि सीएम योगी ने प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों से मुक्त कराई गई जमीन पर 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान इलाके का नाम बदलकर श्रीकृष्णपुरी करने का ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा कि अतीक अहमद ने जिस कसारी-मसारी में ये जमीन कब्जा की हुई थी, उसका नाम अब से श्रीकृष्णपुरी होगा। इस इलाके को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करेंगे।
कसारी-मसारी का नाम बदलने के ऐलान के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ये विकास की प्रक्रिया का हिस्सा है। यहां जो आवास बनेंगे, जो टाउनशिप विकसित होगी वह सब इसी श्रीकृष्णपुरी का हिस्सा होगा, पूरा क्षेत्र नई आभा के साथ आगे बढ़ेगा। 15 बीघे लैंड पर माफिया अतीक अहमद और उसके गुंडों ने कब्जा कर अपना अस्तबल बनाया था। उसके नाजायज साम्राज्य को ध्वस्त कर इस लैंड को वापस लिया गया। अब यहां गरीबों के लिए आवास बनेगा।
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