उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके चलते रेलवे प्रशासन के सिस्टम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां पर गार्ड ने कुर्सी नहीं मिलने की वजह से वैशाली एक्सप्रेस को स्टेशन पर 50 मिनट तक रोके रखा जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने कोचिंग ऑफिस इन्फार्मेशन सिस्टम (सीओआइएस) पर मध्य पूर्व रेलवे को कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि गार्ड ब्रेक वान में इनबिल्ट कुर्सी होती है, अलग से कुर्सी का प्रावधान नहीं है। गार्ड के चलते 17 अगस्त को गाड़ी संख्या 15566 नंबर की वैशाली एक्सप्रेस गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर 50 मिनट लेट हुई और इसके चलते यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जो गार्ड ट्रेन को लेकर आए, वह बिना कुर्सी के गोरखपुर पहुंचे
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना को लेकर बात की जाए तो 17 अगस्त को गार्ड रामाशीष ने गोरखपुर स्टेशन अधीक्षक को मेमो प्रदान कर आरोप लगाया है कि 'जो गार्ड ट्रेन को लेकर आए, वह बिना कुर्सी के गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने जब चार्ज लिया है तो गार्ड यान में कुर्सी उपलब्ध नहीं थी। कुर्सी नहीं मिलने के चलते ट्रेन 50 मिनट खड़ी रही। बकौल रामाशीष वह 50 मिनट तक इंतजार करते रहे लेकिन स्टेशन अधीक्षक कुर्सी व टेबल उपलब्ध नहीं करा सके। देवरिया स्टेशन पर एक छोटा टेबल मिला, जिसपर किसी तरह बैठकर कार्य किया। उनकी सेवानिवृत्ति में महज आठ माह बचे हैं। ऐसे में वह खड़े होकर कैसे ड्यूटी करते, जबकि डायरी में हर गतिविधियां नोट करनी पड़ती हैं। इस पूरे प्रकरण में गार्ड की घोर लापरवाही सामने आई, जिसको लेकर उसके खिलाफ कार्यवाही की बात मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कर रहे है।
नए एलएचबी ब्रेक वान में कुर्सी की भी व्यवस्था
ट्रेनों में नए आधुनिक लिंक हाफमैन बुश यानी एलएचबी कोच, पावरकार में अटैच ब्रेक वान लग रहे हैं। सबकी अलग-अलग डिजाइन होती है। ब्रेक वान में कुर्सी इनबिल्ट होती है। अलग से भी कुर्सी होती है। अटैच पावरकार में भी अधिकतम दो कुर्सियां होती हैं, जिनका उपयोग गार्ड करते रहते हैं। कुर्सी नहीं मिलने पर बाक्स पर बैठकर ड्यूटी निभाते हैं, नहीं तो खड़े रहना पड़ता है। वैशाली एक्सप्रेस में बिहार संपर्क क्रांति की पावरकार लगा दी गई थी, जो अव्यवस्थित थी जिसमें कुर्सी नहीं थी। गोरखपुर में गार्ड ने जब चार्ज लिया तो मामला प्रकाश में आया। गार्ड ने ना सिर्फ स्टेशन प्रबंधन से कुर्सी की मांग की, बल्कि ट्रेन को सिग्नल देने से भी मना कर दिया। सिग्नल ना देने के कारण वैशाली एक्सप्रेस गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 50 मिनट खड़ी रही और सभी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
(रिपोर्ट - राज श्रीवास्तव)
ये भी पढ़ें
गंगा के उफान से कानपुर में बढ़ी टेंशन! 2.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, घाटों पर निगरानी तेज
महोबा में दहेज की मांग ने तोड़ा रिश्ता, 7 माह की गर्भवती को पीटने और तीन तलाक देकर घर से निकालने का आरोप