उत्तर प्रदेश के कानपुर में बवासीर के इलाज के लिए अपनाया गया घरेलू तरीका एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। करीब 45 वर्षीय मजदूर गर्म पानी में पत्थर गर्म करके उससे सिकाई कर रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब डेढ़ किलो वजन का पत्थर शरीर के अंदर चला गया। घटना के बाद युवक डर और झिझक के कारण किसी को कुछ नहीं बता सका और करीब 48 घंटे तक तेज दर्द सहता रहा।
दर्द बढ़ने और पेट में तकलीफ होने पर वह अस्पताल पहुंचा। जांच के दौरान एक्स-रे कराया गया तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। पत्थर मलद्वार के पास फंसा हुआ दिखाई दिया। डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन करने का फैसला लिया। सर्जिकल टीम ने बिना पेट खोले सावधानी से पत्थर बाहर निकाल लिया। फिलहाल युवक की हालत सामान्य बताई जा रही है।
करीब एक साल से बवासीर की शिकायत थी
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसैया घाट का निवासी युवक मजदूरी करता है। बताया जा रहा है कि वह करीब एक साल से बवासीर की समस्या से परेशान था। इलाज के बावजूद आराम नहीं मिलने पर उसने किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय स्थानीय स्तर पर बताए गए घरेलू तरीके को अपनाना शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक, उसे गर्म पानी में पत्थर डालकर गर्म करने और फिर उसकी गर्मी व भाप से सिकाई करने की सलाह दी गई थी। युवक ने करीब 15 दिन तक इस तरीके को अपनाया। शुरुआत में उसे कुछ राहत महसूस हुई तो उसने सिकाई जारी रखी।
सिकाई करते समय अचानक बिगड़ा संतुलन
करीब छह दिन पहले शनिवार को सिकाई के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान पत्थर शरीर के अंदर चला गया। घटना के बाद युवक काफी घबरा गया और शर्मिंदगी के कारण उसने परिजनों तक को इसकी जानकारी नहीं दी। कुछ समय बाद दर्द बढ़ने लगा। करीब 48 घंटे तक वह किसी तरह दर्द सहता रहा। धीरे-धीरे तकलीफ बढ़ी तो पेट में भी तेज दर्द होने लगा। जब स्थिति संभालना मुश्किल हुआ तो वह सोमवार को अस्पताल पहुंचा।
एक्स-रे में दिखाई दिया बड़ा पत्थर
अस्पताल में सीनियर सर्जन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने मरीज की जांच की। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल एक्स-रे कराया गया। रिपोर्ट सामने आने पर डॉक्टरों को शरीर के अंदर बड़ा पत्थर फंसा दिखाई दिया। डॉक्टरों के सामने चुनौती यह थी कि पत्थर अगर और अंदर खिसक जाता तो आंतों तक पहुंच सकता था। ऐसी स्थिति में पेट खोलकर बड़ी सर्जरी करनी पड़ सकती थी। इसलिए डॉक्टरों ने बिना देरी किए ऑपरेशन का निर्णय लिया।
बिना पेट खोले निकाला गया पत्थर
डॉक्टर और उनकी सर्जिकल टीम ने सावधानीपूर्वक प्रक्रिया शुरू की। टीम ने बिना पेट में चीरा लगाए करीब डेढ़ किलो वजन के पत्थर को बाहर निकालने में सफलता हासिल की। ऑपरेशन के बाद मरीज को निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत फिलहाल सामान्य है और वह खतरे से बाहर है।
डॉक्टर बोले- घरेलू नुस्खों के बजाय विशेषज्ञ से कराएं इलाज
मामले के सामेन आने के बाद डॉक्टर ने लोगों को किसी भी बीमारी का इलाज खुद करने या बिना चिकित्सकीय सलाह के घरेलू तरीके अपनाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बवासीर जैसी समस्या में भी सही जांच और विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूरी है। उन्होंने कहा कि बीमारी में झिझक या शर्म के कारण इलाज टालना भी खतरनाक हो सकता है। समय पर डॉक्टर से संपर्क करने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
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