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साइबर फ्रॉड का शिकार हुईं पूजा पाल, उनके बैंक खाते से उड़ गए 1.55 लाख रुपये

चायल विधानसभा की विधायक पूजा पाल साइबर फ्रॉड का शिकार हो गईं। पूजा पाल के बैंक खाते से 1 लाख 55 हजार रुपये साइबर ठगों ने निकाल लिए हैं। इस मामले में प्रयागराज के धूमनगंज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है।

Pooja Pal Cyber Fraud- India TV Hindi
Image Source : ANI (फाइल फोटो) पूजा पाल साइबर फ्रॉड का शिकार हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश के कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल साइबर फ्रॉड का शिकार हो गईं। उनके बैंक खाते से कई बार में करीब 1 लाख 55 हजार रुपये निकाले गए। जानकारी के मुताबिक, 22 अगस्त से 13 सितंबर के बीच उनके खाते से UPI बेस्ड ऐप के जरिए कई ट्रांजेक्शन किए गए। विधायक पूजा पाल को इसकी जानकारी 14 सितंबर को बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद हुई।

पूजा पाल के फोन के हैक होने का है शक

पूजा पाल ने पुलिस को दी शिकायत में आशंका जताई है कि किसी ने उनके फोन को हैक कर बैंकिंग और निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया। विधायक पूजा पाल ने साइबर पुलिस से सभी UPI और फोन-पे ट्रांजैक्शन की जांच की मांग की है। मामले में प्रयागराज के धूमनगंज थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस साइबर सेल की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

पूजा पाल कौन हैं?

पूजा पाल, यूपी की एक प्रमुख सियासी और वर्तमान में BJP की उत्तर प्रदेश इकाई की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। पूजा पाल, कौशांबी की चायल सीट से विधायक हैं। पूजा पाल के सियासी सफर की शुरुआत एक बड़ी व्यक्तिगत त्रासदी से हुई थी। जनवरी, 2005 में उनकी शादी BSP के तत्कालीन विधायक राजू पाल से हुई थी। शादी के महज 9 दिन बाद ही राजू पाल को दिनदहाड़े मार डाला गया था, जिसका आरोप माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर लगा था।

2007 में पहली बार विधायक बनी थीं पूजा पाल

इस घटना के बाद वह सियासत में आईं और BSP के टिकट पर इलाहाबाद शहर (वेस्ट) सीट से 2007 और 2012 में विधायक चुनी गई थीं। फिर, साल 2018 में BSP से अलग होने के बाद पूजा पाल 2019 में सपा में शामिल हो गई थीं। उन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से जीत हासिल की।

BJP कैंडिडेट के पक्ष में की थी क्रॉस-वोटिंग

बाद में पूजा पाल ने 2024 के राज्यसभा चुनावों में पार्टी लाइन से हटकर BJP कैंडिडेट के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं के खात्मे की खुलकर तारीफ करने की वजह से अखिलेश यादव की सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है। फिर, पूजा पाल, BJP में शामिल हो गई थीं। फिर, जून 2026 में BJP को ने पूजा पाल ने संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी और यूपी BJP का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया

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