1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी पुलिस के DGP एक्शन में, 9 जिलों के 10 थानाध्यक्ष सस्पेंड, वजह भी सामने आई

यूपी पुलिस के DGP एक्शन में, 9 जिलों के 10 थानाध्यक्ष सस्पेंड, वजह भी सामने आई

यूपी पुलिस के DGP एक्शन में आ गए हैं और उन्होंने 9 जिलों के 10 थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा संबंधित जिलों से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

DGP- India TV Hindi
Image Source : PTI/FILE यूपी पुलिस के DGP एक्शन में

लखनऊ: यूपी पुलिस के DGP ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने 9 जिलों के 10 थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया है। जनशिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतने पर ये कार्रवाई की गई है।

जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उसमें लखनऊ के बाबू बनारसीदास थाने के प्रभारी समेत खीरी, उन्नाव, एटा, आगरा, प्रतापगढ़, बदायूं, बिजनौर और मथुरा के SHO शामिल हैं।  

डीजीपी ने सभी संबंधित जिलों से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

डीजीपी के इस एक्शन की राज्य में काफी चर्चा हो रही है और पुलिस अधिकारी भी जनशिकायतों के निपटारे में अलर्ड मोड में हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में क्या बताया गया?

मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "पुलिस महानिदेशक, यूपी ने जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की जनसुनवाई में लापरवाही बरतने वाले 9 जनपदों के 10 थानाध्यक्षों को प्रत्यावर्तित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए थाने और चौकी स्तर पर ही शिकायतकर्ता की शिकायत पर समुचित कार्यवाही की जाये।"

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उपरोक्त निर्देश के प्रभावी अनुपालन हेतु आज, दिनांक 27 अक्टूबर, 2026 को पुलिस महानिदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) के साथ जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की।बैठक में जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेने हेतु निर्देशित किया गया जिससे शिकायतकर्ताओं को जनपदीय अथवा पुलिस मुख्यालय पर आने की आवश्यकता ना पड़े।"

उन्होंने कहा, "इसके अतिरिक्त थाने एवं चौकी पर जनसुनवाई को और बेहतर करने, भूमि एवं अन्य स्थानीय विवादों में विभागीय समन्वय तथा संवेदनशील मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की गई। जनशिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण आईजीआरएस, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता से सुना जाए। किसी भी शिकायत को दर्ज करने से मना न किया जाए।"

इससे पहले यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल हुआ था और 18 IPS अफसरों का तबादला हुआ था।

ये भी पढ़ें-

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस SI भर्ती 2025 के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाई, क्या है कारण?