उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भोजपुर थाना पुलिस की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। हापुड़ के धौलाना क्षेत्र से चोरी के आरोपी को पकड़कर भोजपुर थाने लाया गया था, लेकिन पुलिस की निगरानी के बावजूद आरोपी थाने से ही फरार हो गया। जिस पुलिसकर्मी को उसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी, वह कुर्सी पर सोता रहा। इसी दौरान आरोपी धीरे-धीरे थाने से बाहर निकल गया। थाने के बाहर ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड की नजर जब आरोपी पर पड़ी तो उसने उसे पकड़ने के लिए पीछा किया। पुलिस को आता देख आरोपी दौड़ पड़ा और पास के गन्ने के खेत में घुसकर गायब हो गया।
घंटों खेतों में तलाश, अधिकारियों को देर से सूचना
आरोपी के फरार होने के बाद भोजपुर थाना पुलिस ने जंगल और गन्ने के खेतों में काफी देर तक कांबिंग की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। आरोप है कि घटना की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के बजाय थाना पुलिस काफी समय तक अपने स्तर पर ही आरोपी की तलाश करती रही। जब तलाश में सफलता नहीं मिली, तब अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए भोजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरिराज किशोर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।
चोरी की कई वारदातों में आया था आरोपी का नाम
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक, भोजपुर थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में कई घरों में चोरी की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों की जांच के दौरान सर्विलांस, बीटीएस और सीसीटीवी फुटेज के जरिए हापुड़ के धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आरिफ उर्फ बल्लू उर्फ कलवा उर्फ हुक्का और उसके गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। इसी आधार पर बुधवार को भोजपुर पुलिस की टीम धौलाना पहुंची और आरिफ को हिरासत में लेकर थाने लाई थी। पुलिस को उससे पूछताछ के दौरान चोरी की चार घटनाओं का खुलासा होने की उम्मीद थी। आपको बता दें कि दूसरी ओर नोएडा पुलिस ने शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले प्रेमी जोड़े और उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है।
निगरानी में तैनात आरक्षी सोता रहा
पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे आरिफ की निगरानी में तैनात 2025 बैच का आरक्षी कुर्सी पर बैठा था। इसी दौरान उसकी आंख लग गई। आरोपी ने इस मौके का फायदा उठाया और थाने के अंदर से निकलकर बाहर चला गया। बाहर तैनात होमगार्ड ने उसे जाते देखा तो पीछा किया, लेकिन आरोपी तेजी से भागकर गन्ने के खेत में दाखिल हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने खेत और आसपास के जंगल में काफी देर तक तलाश की, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया।
थाने के रिकॉर्ड में भी दर्ज नहीं किया गया था आरोपी
डीसीपी ग्रामीण ने बताया कि आरिफ उर्फ बल्लू शातिर चोर है। उसके खिलाफ गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में चोरी समेत कुल सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उससे पूछताछ के जरिए चोरी की अन्य घटनाओं का भी पता लगाने की तैयारी में थी। मामले में एक और गंभीर बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को थाने के अभिलेखों में दाखिल किए जाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। इसके बावजूद उसके थाने से फरार होने के बाद तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी गई।
डीसीपी ने क्या कहा?
इस पूरी घटना को लेकर डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि "प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने और अधिकारियों को सही जानकारी समय पर न देने के आरोप में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरिराज किशोर सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।" (रिपोर्ट: जुबैर अख्तर)
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