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'खूनी' पालतू कुत्ते का आतंक: पहले दादी को उतारा मौत के घाट, अब मां को किया लहूलुहान

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 'खूनी' पालतू कुत्ते का आतंक देखने को मिला है। पहले कुत्ते ने युवक की दादी को मौत के घाट उतारा और अब मां को भी काटकर लहूलुहान कर दिया है।

kanpur dog attack women injured- India TV Hindi
Image Source : REPORTER कुत्ते के हमले में महिला घायल।

उत्तर प्रदेश के ​कानपुर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। एक पालतू जानवर जिसे वफादारी का प्रतीक माना जाता है, वह एक ही परिवार के लिए 'काल' बन गया है। शहर के थाना रावतपुर के एक पॉश इलाके में एक जर्मन शेफर्ड डॉग ने अपनी ही मालकिन पर जानलेवा हमला कर उन्हें अधमरा कर दिया। आइए जानते हैं इस घटना के बारे में।

​क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ये पूरी घटना कानपुर की है, जहाँ 63 वर्षीय किरन त्रिवेदी अपने घर में मौजूद थीं, तभी उनके पालतू जर्मन शेफर्ड ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने किरन को इस कदर नोचा कि उनके हाथ, पैर और कमर पर गहरे जख्म हो गए हैं। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें 29 टांके लगाए हैं। फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।

आतंक का ​पुराना इतिहास

चौंकाने वाली बात यह नहीं है। चौंकाने वाला सच तो यह है कि यह इस 'खूनी' कुत्ते का दूसरा हमला है। ​पिछले साल इसी जर्मन शेफर्ड ने किरन की 91 वर्षीय सास मोहिनी त्रिवेदी पर हमला किया था। उस हमले में बुजुर्ग मोहिनी देवी की जान चली गई थी। दादी की मौत के बाद भी किरन के बेटे प्रशांत त्रिवेदी ने इस खूंखार हो चुके कुत्ते को घर से नहीं हटाया। परिवार की इसी लापरवाही का नतीजा आज प्रशांत की मां को भुगतना पड़ रहा है। जिस कुत्ते ने पहले घर की बुजुर्ग महिला को मार डाला, उसे घर में ही पालकर रखना अब पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

लोगों में भारी रोष

स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक हिंसक जानवर को रिहायशी इलाके में दोबारा हमला करने का मौका क्यों दिया गया? क्या प्रशासन और परिवार अब भी किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हैं?

आपको बता दें कि ​जर्मन शेफर्ड जैसी नस्लें बहुत ऊर्जावान और सुरक्षात्मक होती हैं। यदि किसी कुत्ते ने एक बार जानलेवा हमला कर दिया है, तो उसे बिना पेशेवर ट्रेनिंग या निगरानी के घर में रखना बेहद खतरनाक है। इस मामले में कानूनी और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से कुत्ते को तुरंत किसी शेल्टर होम या विशेषज्ञों के पास भेजना अनिवार्य है। (रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र शुक्ला)

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