कानपुर: जिले के गुजैनी क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के बाद एक महिला ने अपनी 14 माह की मासूम बच्ची को फेंक दिया और फिर खुद जाकर दूसरी मंजिल की छत से छलांग लगा दी। गनीमत रही कि जिस वक्त बच्ची को गुस्से से फेंका उस वक़्त पति ने तत्परता दिखाते हुए मां द्वारा फेंकी गई बच्ची को सामने कैच कर के पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन बच्ची को फेंकने के बाद मां दूसरी मंजिल पर गयी और छलांग लगा दी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल महिला ने दो दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद रविवार सुबह दम तोड़ दिया।
मातम में बदलीं सालगिरह की खुशियां
जानकारी के अनुसार मामला गुजैनी थाना क्षेत्र के मर्दनपुर इलाके का है। यहां रहने वाले नूर आलम सिलाई का काम करते हैं। परिवार में उनकी 20 वर्षीय पत्नी रोशनी और 14 माह की बेटी थी। परिजनों के मुताबिक, 7 अक्टूबर को दंपति की शादी की तीसरी सालगिरह थी। इस मौके पर रोशनी की बड़ी बहन ईशरत भी घर आई थीं। परिवार ने साथ में केक काटा और खाना खाया। बताया गया कि देर रात किसी बात को लेकर नूर आलम और ईशरत के बीच बहस हो गई। विवाद के बाद ईशरत घर से जाने लगीं। रोशनी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन बड़ी बहन के नहीं रुकने से वह नाराज हो गई।
बच्ची को नीचे फेंकने के बाद खुद लगाई छलांग
परिजनों के अनुसार, नाराज रोशनी ने पहले अपनी 14 माह की बेटी को फेंक दिया। हालांकि सामने मौजूद पिता नूर आलम ने तुरंत बच्ची को पकड़ लिया। इसके बाद रोशनी ने दूसरी मंजिल से जाकर छलांग लगा दी। अचानक हुई इस घटना से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन मां और बच्ची को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत खतरे से बाहर बताई, जबकि रोशनी को गंभीर चोटें आई थीं।
अस्पताल में दो दिन चला इलाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद रोशनी की हालत गंभीर होने पर 9 अक्टूबर को उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उनका इलाज चल रहा था। परिवार को उनके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन रविवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना पर गुजैनी पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि दोनों परिवार पहले तो पोस्टमार्टम न कराने की बात पर अड़े थे, लेकिन थाना प्रभारी के समझाने के बाद राजी हो गए। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा के मुताबिक, परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की आगे जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)
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