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18 साल के लड़के का कमाल! दादाजी को दवा याद दिलाने में मदद करने के लिए बनाया शानदार App

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चीनी लड़के का कमाल काफी वायरल हो रहा है। इसमें उसने दावा किया है कि, उसने दादाजी को दवा खाने का टाइम दिलाने के लिए उसने एकएप विकसित किया है।

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Image Source : PEXELS चीन के लड़के ने बनाया एप।

उम्र सिर्फ 18 साल, लेकिन दिमाग में जुनून और दादाजी के प्रति लगाव। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई के मा काई नाम के एक युवक ने दादाजी की दवाओं का समय याद रखने के लिए एक शानदार AI आधारित ऐप बना दिया। यह ऐप न सिर्फ दवा की याद दिलाता है, बल्कि एक्सपायरी डेट भी चेक करता है। मा काई का यह इनोवेटिव काम World Artificial Intelligence Conference  (WAIC) में चर्चा का विषय बना और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मा ने बताया कि उनका पालन-पोषण उनके दादा ने किया है और वे उनकी केयर करने के लिए कुछ करना चाहते थे इसलिए एप विकसित किया। 

क्या है ऐप में खास?

मा काई ने ऐप को बीजिंग स्थित कंपनी मॉडलबेस्ट के बड़े भाषा मॉडल MiniCPM का उपयोग करके विकसित किया। ऐप के मुख्य फीचर्स में समय पर दवा लेने की याद, दवा की बोतल की फोटो अपलोड करके एक्सपायरी डेट चेक करना और एक्सपायर्ड दवा होने पर जोरदार आवाज में चेतावनी शामिल है। 'यह दवा एक्सपायर्ड हो चुकी है, कृपया इसे न लें' ऐसी चेतावनी सुनकर कोई भी सावधान हो जाएगा। मा काई ने बताया कि दादाजी कुछ पुरानी बीमारियों से जूझ रहे हैं और नियमित दवा लेना जरूरी है। सितंबर में यूनिवर्सिटी के लिए दूसरे शहर जाने वाले मा काई को चिंता थी कि अकेले रहने वाले दादाजी दवा का समय भूल न जाएं। इसी चिंता ने उन्हें ऐप बनाने के लिए प्रेरित किया।   

WAIC सम्मेलन में छाया मा काई

जब शंघाई मॉर्निंग पोस्ट ने WAIC सम्मेलन में मा काई का इंटरव्यू लिया, तब यह कहानी सामने आई। युवक ने सम्मेलन में आम विजिटर के रूप में हिस्सा लिया और अपने ऐप का डेमो दिया। इंटरव्यू वायरल होते ही लोगों ने उनकी सराहना शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं- '18 साल की उम्र में इतना सोच समझकर काम करना कमाल है।' कुछ यूजर्स ने लिखा ​कि, 'दादाजी के प्रति यह लगाव प्रेरणादायक है।'  

AI का सकारात्मक पहलू

गौरतलब है कि, आज AI को अक्सर नौकरियों छीनने या नेगेटिव यूज के लिए जाना जाता है, लेकिन मा काई ने इसका सकारात्मक उपयोग दिखाया। उनका ऐप साधारण रिमाइंडर से आगे जाकर दवा की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे ऐप्स हेल्थकेयर को क्रांतिकारी बना सकते हैं, खासकर दूर रहने वाले परिवारों के लिए।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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