न्यूयॉर्क की टैटू आर्टिस्ट जेमा फेरर (Jema Ferrer) वर्तमान में भारत की यात्रा पर हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव साझा करते हुए एक वीडियो में कहा कि “भारत गरीब नहीं है, बल्कि सदियों से उसे गरीब बनाया गया।” उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे अंग्रेजों ने भारत की समृद्ध अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तत्कालीन ब्रिटिश शासन पर जमकर बरसीं
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @jema_ferrer नामक हैंडल से शेयर किया गया है। जेमा फेरर ने वीडियो में कहा, “भारत दुनिया की सबसे बड़ी टेक्सटाइल शक्तियों में से एक था। इसका कपास, रेशम और मलमल दुनियाभर में सबसे बेहतरीन और मांग वाला कपड़ा माना जाता था।” उन्होंने आगे बताया कि ब्रिटिश शासन के आने के साथ व्यापार के नियम बदल गए। औपनिवेशिक व्यापार नीतियों ने भारतीय उत्पादकों को नुकसान पहुंचाया और ब्रिटिश निर्माताओं को फायदा पहुंचाया। इसके नतीजे विनाशकारी रहे। लाखों कारीगरों और बुनकरों ने अपनी आजीविका खो दी। भारत उत्कृष्टता का उत्पादन करता रहा, लेकिन उसका फायदा किसी और को मिला।
भारतीय इतिहास, संस्कृति और विरासत से हुईं इंप्रेस
जेमा फेरर का यह क्लिप तीन-वीडियो सीरीज का हिस्सा है, जिसमें वे भारत की विरासत, संस्कृति और इतिहास पर अपनी राय रख रही हैं। वे जयपुर सहित विभिन्न जगहों की यात्रा कर रही हैं और पश्चिमी मीडिया द्वारा भारत को भीड़भाड़ वाला और गरीब दिखाने की आलोचना भी कर रही हैं। उन्होंने योग, आयुर्वेद, मेडिटेशन और टेक्सटाइल जैसी भारतीय परंपराओं को पश्चिम द्वारा व्यावसायिक रूप से अपनाए जाने का जिक्र किया, लेकिन मूल समुदायों को उचित मान्यता न मिलने की बात कही।
भारत का अहिंसक स्वतंत्रता संग्राम
जेमा ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और उसमें अपनाई गई अहिंसा की नीति की भी प्रशंसा की। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में काफी हद तक अहिंसक मार्ग अपनाया। उनके विचार में, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन ने यह दिखाया कि व्यापक सशस्त्र हिंसा का सहारा लिए बिना भी एक शक्तिशाली साम्राज्य को चुनौती दी जा सकती है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन किया। कई लोगों ने लिखा कि इतिहास जानने से पता चलता है कि भारत सभ्यता, शिक्षा, कला और विज्ञान में महान रहा है। कुछ ने ब्रिटिश काल की आर्थिक नीतियों पर चर्चा की और कहा कि विदेशी नजरिए से भी सच्चाई सामने आ रही है।
गौरतलब है कि, इससे पहले भारत से सस्ती दवाएं पाकर अमेरिका की बुराई करती विदेशी महिला का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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