बेंगलुरु की खराब और गड्ढों से भरी सड़कों पर की गई वायरल पोस्ट ने एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। शहर की उद्यमी एलिशा रॉय (जो एक कंपनी की फाउंडर हैं) ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा कि शहर की टूटी-फूटी सड़कें लोगों के स्वास्थ्य को नष्ट कर रही हैं। उन्होंने लिखा, 'मेरी पीठ बेंगलुरु से नफरत करने लगी है।'
लिंक्डइन पर शेयर की गई पोस्ट
इस पोस्ट को लिंक्डइन पर @Elisha_Roy हैंडल से शेयर किया गया है। उद्यमी ने बताया कि वे लगभग रोज ऑटो रिक्शा से यात्रा करती हैं। ट्रैफिक की वजह से कैब ज्यादा समय लेती है, इसलिए वे ऑटो चुनती हैं। लेकिन ऑटो में सस्पेंशन इतना अच्छा नहीं होता कि गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सड़कों के झटकों को सोख सके। हर बंप, गड्ढा और असमान हिस्सा सीधे उनकी पीठ पर असर डालता है। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जिसमें ऑटो ड्राइवर गड्ढे से बचने की कोशिश में अचानक मुड़ा और वे लगभग बाहर गिरने वाली थीं। एलिशा रॉय ने कहा, “मैं ड्राइवर को दोष नहीं दे सकती। वे एक गड्ढे से बचने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पूरी सड़क ही एक बड़ा गड्ढा बन चुकी थी।”
Image Source : Linkedin : @Elisha_Royलिंक्डइन पर की गई पोस्ट।
खराब सड़कों को बताया नुकसानदेह
उन्होंने दावा किया कि उन्हें दो ऐसे लोगों के बारे में पता है जिनकी स्लिप्ड डिस्क रोजमर्रा की यात्रा के कारण ट्रिगर हुई या बिगड़ गई। रॉय के अनुसार, खराब सड़कें सिर्फ असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य संकट बन गई हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और बेंगलुरु की सड़क समस्याओं पर पुरानी बहस को फिर से ताजा कर दिया। शहर के निवासी लंबे समय से गड्ढों, बार-बार की खुदाई, खराब मरम्मत और धूल की शिकायत करते रहे हैं।
लंबे समय से उठती रही हैं समस्याएं
एलिशा रॉय जैसी आवाजें शहर के आम नागरिकों की पीड़ा को उजागर करती हैं। आईटी हब होने के बावजूद बुनियादी ढांचे की समस्याएं जारी हैं। कई यूजर्स कहते हैं कि टैक्स तो ऊंचा वसूला जाता है, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिलती। कुछ निवासी यहां तक कह चुके हैं कि अगर प्रशासन सड़क नहीं बना सकता तो नागरिकों को खुद मरम्मत करने की अनुमति दी जाए। इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर याद दिलाया कि बेंगलुरु की सड़कें सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर चुनौती बन चुकी हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
बेंगलुरु में रात 2 बजे भी लगता है ट्रैफिक जाम, Video हो रहा Viral, यूजर्स ने उठाए सवाल