बिहार के सारण जिले के दिघवारा निवासी 19 वर्षीय शुभम कुमार ने लोकप्रिय मोबाइल गेम कैंडी क्रश सागा में एक अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इस गेम में 22,222वां लेवल पार करके इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। यह उपलब्धि किशोर वर्ग में कैंडी क्रश सागा में सबसे ऊंचा लेवल हासिल करने की श्रेणी में दर्ज की गई है।
संगठन से मिला सर्टिफिकेट और मेडल
शुभम कुमार ने 5 जुलाई 2026 को यह मील का पत्थर हासिल किया। उस समय उनकी आयु 19 वर्ष, 8 महीने और 25 दिन थी। इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की वेबसाइट के अनुसार , संगठन ने उनकी उपलब्धि को "कैंडी क्रश सागा में उच्चतम स्तर (किशोर)" श्रेणी में मान्यता दी है। संगठन ने उनकी इस उपलब्धि को प्रमाणपत्र और पदक देकर सम्मानित किया है। इस पोस्ट को एक्स पर @gharkekalesh नामक हैंडल से शेयर किया गया है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स
शुभम की उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स नहीं, बल्कि इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी है। यह संगठन लोगों की अनूठी प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने और दुनिया को प्रेरित करने का मंच बताता है। रिकॉर्ड में यह स्पष्ट रूप से किशोर श्रेणी का है, न कि किसी भी उम्र के खिलाड़ी द्वारा अब तक हासिल किए गए सबसे ऊंचे लेवल का सामान्य दावा। दिलचस्प बात यह है कि शुभम रिकॉर्ड स्तर पर नहीं रुके। कैंडी क्रश की आधिकारिक कम्युनिटी (किंग कम्युनिटी) पर उन्होंने बाद में बताया कि वे 23,105 और फिर लगभग 23,165 लेवल तक पहुंच चुके हैं। ये अपडेट स्व-रिपोर्टेड हैं और रिकॉर्ड की आधिकारिक मान्यता 22,222 लेवल पर ही आधारित है।
कौन हैं शुभम दिघवारा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुभम दिघवारा (सारण/छपरा) के रहने वाले हैं और सीवान स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं। बिहार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने भी उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है और कॉलेज तथा राज्य का नाम रोशन करने के लिए उन्हें सराहा है।
क्या है Candy Crush Saga
कैंडी क्रश सागा किंग कंपनी द्वारा विकसित एक मैच-थ्री पजल गेम है, जिसमें खिलाड़ी एक ही रंग की कैंडीज को मिलाकर विभिन्न लक्ष्य पूरे करते हैं जैसे बाधाएं हटाना, स्कोर हासिल करना या खास कैंडीज क्लियर करना। गेम में स्तर आगे बढ़ने के साथ चुनौतियां बढ़ती जाती हैं और नए लेवल लगातार जोड़े जाते जाते हैं। लाखों खिलाड़ी दुनिया भर में इस गेम को खेलते हैं, लेकिन इतने ऊंचे स्तर तक पहुंचना निरंतरता, धैर्य और लंबे समय तक अभ्यास का नतीजा है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा पैदा की। कई यूजर्स ने शुभम की लगन और लगातार प्रयास की तारीफ की, जबकि कुछ ने स्क्रीन टाइम पर हल्के-फुल्के मजाक भी किए। हालांकि, यह साफ है कि इतने लेवल पार करने के लिए वर्षों की नियमितता और समर्पण की जरूरत पड़ती है। रिकॉर्ड में यह नहीं बताया गया कि शुभम ने कितने समय से गेम खेला या रोज कितने घंटे समर्पित किए, लेकिन उनकी उपलब्धि पारंपरिक शैक्षणिक या खेल उपलब्धियों से अलग एक अनोखा उदाहरण पेश करती है।
गौरतलब है कि, इससे पहले शीर्षासन करते हुए 3 मिनट तक शिव तांडव स्तोत्रम पढ़ने वाले बच्चे का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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