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बिहार के सांसद ने महाराष्ट्र सीएम फडणवीस से मराठी में की धड़ल्ले से बात, दोनों नेताओं की बातचीत का Video वायरल

सोशल मीडिया पर बिहार के सीतामढ़ी सांसद का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सांसद महाराष्ट्र के सीएम से मराठी में बात करते दिख रहे हैं।

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Image Source : IG/@MUMBAI.INSIGHT मराठी में बात करते बिहार के सांसद।

बिहार के सीतामढ़ी से जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से धाराप्रवाह मराठी में बात करते नजर आ रहे हैं। यह संवाद नेपाल में बाढ़ से फंसे महाराष्ट्र के 100 से अधिक तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के दौरान हुआ। देवेश चंद्र ठाकुर ने इन यात्रियों की सहायता कर ‘प्रेम की भाषा’ का उदाहरण पेश किया। 

इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @mumbai.insight नामक हैंडल से शेयर किया गया है। बता दें कि, नेपाल में बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे नागपुर के करीब 100-106 तीर्थयात्री भारत-नेपाल सीमा से सीतामढ़ी होते हुए बिहार पहुंचे। जिला प्रशासन ने उन्हें भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता दी। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने इन व्यवस्थाओं की निगरानी की और उन्हें पटना से नागपुर के लिए ट्रेन में सुरक्षित रवाना कराने में मदद की। अतिरिक्त कोच की व्यवस्था के लिए भी वे सक्रिय रहे।  

'एकदम आरामशीर आहे...

वीडियो में 73 वर्षीय देवेश चंद्र ठाकुर सीएम से मराठी में कहते दिखते हैं, “हो साहेब! एकदम आरामशीर आहे, काही समस्या नाही। ते सर्व आमच्यासोबत आहेत, सुरक्षित आहेत।” यानी “हां साहेब! बिल्कुल आराम से हैं, कोई समस्या नहीं। वे सब हमारे साथ सुरक्षित हैं।” उन्होंने यात्रियों से भी मराठी में बात की, जिससे वे सहज महसूस करने लगे। इस घटना पर यूजर्स ने मराठी को ‘प्रेम की भाषा’ कहा, क्योंकि भाषा ने दो राज्यों के बीच मानवीय जुड़ाव और सहायता का सेतु बनाया। यह सामान्य उपमा नहीं, बल्कि उस खास संदर्भ का हिस्सा है।

इसलिए जानते हैं मराठी 

गौरतलब है कि, सीतामढ़ी सांसद मराठी इसलिए जानते हैं क्योंकि उन्होंने महाराष्ट्र में रहकर पढ़ाई की है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी भाषाई कुशलता और मानवता की तारीफ कर रहे हैं। कई ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर भाषा और संस्कृति का यह सेतु प्रेम का संदेश देता है। महाराष्ट्र सरकार और बिहार प्रशासन के समन्वय से यात्री सुरक्षित घर पहुंचे। यह घटना भाषा को जोड़ने वाली शक्ति के रूप में याद की जा रही है। बिहार के सांसद का मराठी में संवाद और तीर्थयात्रियों की सेवा ‘प्रेम की भाषा’ का जीवंत उदाहरण बन गया है।   
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