सूरत रेलवे स्टेशन पर एक कंटेंट क्रिएटर ने फर्जी टीटीई (Travelling Ticket Examiner) बनकर यात्रियों के टिकट चेक करने और पैसे लेने का वीडियो बनाया। यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इंटरनेट पर सवाल उठे। यूजर्स ने इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला बताया। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने संज्ञान लिया और कार्रवाई की। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी को गिरफ्तार करने का भी दावा किया गया है।
पैन कार्ड को फेक आईडी कार्ड बनाकर पहुंचा स्टेशन
25 वर्षीय सामीउल्लाह शेख (सामी)ने रविवार को सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर टीटीई जैसी वेशभूषा पहनकर बिना अनुमति रेलवे परिसर में प्रवेश किया। उन्होंने पैन कार्ड को आईडी कार्ड बनाकर गले में लटकाया और 20 रुपये की कॉपी लेकर यात्रियों के टिकट चेक करने शुरू कर दिए। वीडियो में उसने कहा कि, वो देखना चाहता है कि फेक टीटीई बनकर कितनी कमाई हो सकती है। कुछ यात्रियों के पास पैसे नहीं थे तो कुछ झूठ बोल रहे थे। प्लेटफॉर्म पर पैसे मिलने के बाद वो कॉन्फिडेंस में ट्रेन के अंदर भी चला गया। उसने कुछ यात्रियों से पैसे लिए और बाद में लौटा दिए।
एक्स पर शेयर किया वीडियो
यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @JharkhandRail हैंडल से शेयर किया गया था। इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि यह कोई प्रैंक नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारी का रूप धारण करना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है। ऐसे स्टंट यात्रियों को गुमराह कर सकते हैं और व्यस्त स्टेशनों पर जोखिम पैदा कर सकते हैं। हैंडल ने डीआरएम मुंबई सेंट्रल से हस्तक्षेप की अपील की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीआरएम मुंबई ने मामले का संज्ञान लिया और आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) द्वारा जांच चलने की जानकारी दी। जीआरपी वडोदरा ने भी कार्रवाई जारी बताई। मुंबई डिवीजन के कंट्रोल रूम से शिकायत मिलने के बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर भंवर सिंह, कांस्टेबल राकेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल नितिन वसावा और कांस्टेबल कृपाल सिंह की टीम ने लिम्बायत-उधना इलाके से सामीउल्लाह को गिरफ्तार किया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वीडियो मनोरंजन के लिए बनाया था। रेलवे पुलिस ने उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(ए) और 147 के तहत मामला दर्ज किया। आरोप है कि उन्होंने रेलवे परिसर में बिना अनुमति प्रवेश किया, फर्जी टीटीई बनकर टिकट चेक किया और उपद्रव पैदा किया। गिरफ्तारी के बाद सामीउल्लाह ने माफी मांगी और सभी अकाउंट से रील डिलीट कर दी। बता दें कि, फर्जी टीटीई बनना कानूनन अपराध है। इससे यात्री भ्रमित हो सकते हैं और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। रेलवे में असली टीटीई बनने के लिए कठिन चयन प्रक्रिया और ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। कंटेंट के नाम पर ऐसे स्टंट न सिर्फ गलत संदेश देते हैं बल्कि कानूनी परेशानी भी पैदा करते हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट की सीमाओं की याद दिलाता है। रेलवे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि ऐसे कृत्यों पर सख्ती बरती जा रही है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
Video: गजब मास्टरनी है! ट्रेन के एसी कोच में बिना टिकट सफर कर रही थीं, TTE ने मांगा टिकट तो दिखाने लगीं अकड़