'घर की याद आ रही है..' बोलते ही मिल जाती है छुट्टी, भारतीय ने बताया कनाडा के ऑफिस भारत से बेहतर क्यों हैं
सोशल मीडिया पर एक भारतीय शख्स का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उसने बताया है कि, कनाडा के ऑफिस भारत से बेहतर क्यों हैं।

कनाडा में रहने वाले एक भारतीय आईटी प्रोफेशनल ने कनाडा के ऑफिसों के वर्क कल्चर पर प्रकाश डाला है। उन्होंने उन वजहों के बारे में भी बताया कि, कई अप्रवासी अपने देश लौटने के बजाय विदेश में ही रहना क्यों पसंद करते हैं। उनके अनुसार सबसे बड़ा आकर्षण स्वच्छ हवा, बेहतर भोजन या सिविक सेंस नहीं है बल्कि एक ऐसा वर्क कल्चर है जो समय का सम्मान करती है और कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव के बिना छुट्टी लेने की अनुमति देती है। पिछले सात साल से हैलिफ़ैक्स में रह रहे रोहित गुप्ता ने इंस्टाग्राम पर कनाडा और भारत के ऑफिसों के वर्क कल्चर में अंतर बताए हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @therohit_2110 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वे बताते हैं कि, 'मैं पिछले सात सालों से कनाडा के हैलिफ़ैक्स में रह रहा हूं और फिलहाल यहां एक आईटी प्रोफेशनल के तौर पर काम कर रहा हूं। मैंने कई लोगों से सुना है कि कनाडा का पानी अच्छा है, खाना अच्छा है, हवा अच्छी है, सिविक सेंस अच्छा है और इसीलिए लोग भारत वापस नहीं जाना चाहते। लेकिन भाई, ऐसा कुछ नहीं है। जिन लोगों ने अपने जीवन के पहले दो दशक भारत में बिताए हैं, उनके बेहतर हवा, पानी या भोजन के कारण विदेश में रहने की संभावना कम है। अगर आप यहां पैदा नहीं हुए और पले-बढ़े नहीं हैं, और आपने 20-25 साल इसी हवा और पानी का इस्तेमाल करते हुए बिताए हैं तो भाई, इसका मुख्य कारण यहां का काम और वर्क लाइफ बैलेंस है।'
'सीनियर को इंप्रेस करने की जरूरत नहीं पड़ती'
शख्स ने कहा कि कर्मचारियों से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वे केवल अपने सीनियर को इंप्रेस करने के लिए देर तक रुकें। वे बोले कि, 'मेरा मतलब है, अगर आपका ऑफिस शाम 5 बजे खत्म होता है तो इसका मतलब है कि वह शाम 5 बजे ही खत्म होता है। आपको काम करने या किसी को प्रभावित करने के लिए शाम 5:30 या 6 बजे तक बैठने की ज़रूरत नहीं है। अगर आप ऐसा करते भी हैं, तो आपका मैनेजर खुश होगा ऐसा कुछ नहीं है... शाम 5 बजे आपका मैनेजर आपसे पहले ही चला जाएगा।'
'बिना किसी ग्लानि के छुट्टी लेना'
रोहित गुप्ता ने दावा किया कि भारत में कुछ कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे छोटी छुट्टी लेने से पहले ही अपने स्थान पर किसी और को नियुक्त करें और लंबे समय तक चलने वाले कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने बताया कि, 'भारत में लोग मैनेजरों को इंप्रेस करने के लिए रात 8-9 बजे तक काम करने और छुट्टियां लेने में व्यस्त रहते हैं। मैंने सुना है कि मेरे ऑफिस की भारतीय टीम मतलब अगर वे 2-3 दिन की छुट्टी लेते हैं, तो उनका मैनेजर पागल हो जाता है और कहता है, अपनी जगह किसी और को रखो, सौंप दो, 2-3 दिन काम कैसे चलेगा? वगैरह। हालांकि कनाडा में कर्मचारी बर्नआउट, घर की याद या यात्रा योजनाओं पर खुलकर चर्चा करके लंबी छुट्टियां ले सकते हैं।'
'सच बोलकर छुट्टी लेना'
आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि, 'भाई, यहां आप आसानी से 15-20 दिन की छुट्टी ले सकते हैं। बस उन्हें बता दीजिए कि आपको घर की याद आ रही है, आपको भारत जाना है, आपको घूमने जाना है, आप मानसिक रूप से थके हुए हैं, और आपको छुट्टी मिल जाएगी। आपका मैनेजर भी आपकी इस बात की सराहना करेगा कि आपने सच बोला और छुट्टी ली।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो पर कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने लिखा, 'हां, मैं आपसे सहमत हूं।'
दूसरे ने लिखा कि, 'आप सही कह रहे हैं।'
तीसरे ने लिखा कि, 'आपने जो भी कहा, मैं उसका पूरी तरह से समर्थन करता हूं।'
एक अन्य व्यक्ति ने कहा, 'मैं भी अपने ऑफिस में इसी तरह का वर्क कल्चर चाहता हूं।'
गौरतलब है कि, इससे पहले भारतीय महिला का वीडियो वायरल हुआ था। भारतीय महिला ने बताया था कि, कनाडा में हॉलिडे पर कैसा माहौल होता है ? इस वीडियो पर भी कई यूजर्स ने रिएक्ट किया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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