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मुंबई के ऑटो चालक ने कस्टमर से मराठी में बात करने के लिए लगाया गजब दिमाग, Viral Video में देखें

सोशल मीडिया पर मुंबई के एक ऑटो चालक का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें ऑटो चालक ने मराठी सीखने के लिए गजब दिमाग लगाया है।

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Image Source : IG/@NEETUPRAMODSINGH08 मुंबई के ऑटो चालक का वीडियो वायरल।

मुंबई के एक ऑटो रिक्शा चालक ने यात्रियों से मराठी में संवाद करने के लिए एक आसान और प्रभावी तरीका अपनाया है। उन्होंने अपने ऑटो के अंदर हाथ से लिखी हिंदी-मराठी अनुवाद शीट चिपका रखी है, जिसमें रोजमर्रा के इस्तेमाल के वाक्य शामिल हैं। यह शीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और लोगों ने चालक की मेहनत व जुगाड़ की जमकर तारीफ की है। एक महिला ने ऑटो में सवार होकर यह शीट देखी और इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर दिया। शीट में हिंदी वाक्यों के साथ उनके मराठी अनुवाद साफ-साफ लिखे हैं, ताकि चालक जरूरत पड़ने पर तुरंत देख सकें। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर neetupramodsingh08 नामक हैंडल से शेयर किया गया है।   

इन शब्दों को लिस्ट में लिखा 

  • छुट्टे नहीं हैं = छुट्टे नाहीत  
  • रुको जरा = थांबा जरा  
  • रास्ता बताइए = रस्ता सांगा  
  • जल्दी बताइए = लवकर सांगा  
  • इंतजार कीजिए = थांबा  
  • कौनसा रास्ता है = कोणता रस्ता  
  • कहां उतरोगे = कुठे उतरणार  
  • आगे उतरिए = पुढे उतरा  
  • ट्रैफिक है = ट्रॅफिक आहे  
  • लंबा रास्ता है = लांब रस्ता आहे 

क्यों पड़ी ये जरूरत 

यह पहल महाराष्ट्र सरकार के उस अभियान के बीच आई है जिसमें ऑटो, टैक्सी और ऐप-बेस्ड कैब चालकों से मराठी की कार्यकारी जानकारी अनिवार्य की गई है। राज्य परिवहन विभाग ने अगस्त 2020 से गैर-मराठी भाषी चालकों की मराठी जानकारी की जांच शुरू की थी। अप्रैल में घोषणा हुई थी कि चालकों को बेसिक मराठी सीखनी होगी और कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं।  

शीट देखकर लोगों ने दीं प्रतिक्रियाएं 

सोशल मीडिया पर इस शीट को देखकर लोग भावुक हो गए। कई यूजर्स ने लिखा कि परिवार पालने की मजबूरी में लोग भाषा सीखने के लिए भी जुगाड़ कर रहे हैं।

एक कमेंट में कहा गया, "हम सब अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। सही होने या दयालु होने में से चुनना हो तो दयालु बनो।" कई लोगों ने चालक की सराहना करते हुए कहा कि यह रोजी-रोटी के लिए संघर्ष की कहानी है।

एक यूजर ने कहा, "वे पहले ही बहुत कुछ झेल चुके हैं, और अब यह भाषा की बाधा भी, फिर भी वे अपने परिवार के लिए आगे बढ़ते रहते हैं।" 

दूसरे ने लिखा कि, 'यह बेहद दुखद है।'

एक और ने लिखा कि, 'कठिन परिस्थिति से निकलने का रास्ता खोजने का यह एक बड़ा प्रयास है… इससे हमें यह सीखने को मिलता है कि एक आम आदमी अपनी आजीविका कमाने के लिए किस तरह छोटे-छोटे कदम उठाता है।'

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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