दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर भीड़ के बीच अपने माता-पिता से बिछड़ा एक छोटा लड़का रोते-बिलखते खड़ा था। उसकी बेचैनी भरी प्रतीक्षा तब खत्म हुई जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने तुरंत हस्तक्षेप किया, उसे सुरक्षित रखा और परिवार से मिलाया। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और 14 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है।
मेट्रो से रोते हुए उतरीं और बेटे को लगाया गले
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @rk.singh3713 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में दिखता है कि ट्रेन रुकते ही लड़के की मां तेजी से प्लेटफॉर्म पर उतरती हैं और उनके पीछे पिता भी दौड़ते हुए आते हैं। मां बेटे को देखते ही उसे कसकर गले लगा लेती हैं और सांत्वना देती हैं। बच्चे के चेहरे पर डर और राहत दोनों साफ नजर आते हैं। मां की आंखें नम हो जाती हैं और पूरा परिवार राहत की सांस लेता है।
CISF का जेस्चर काबिल-ए-तारीफ
CISF जवान ने बच्चे को अकेला नहीं छोड़ा। उन्होंने उसे शांत किया, साथ खड़े रहे और माता-पिता के आने तक उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। मिलन के दौरान जवान ने परिवार से कहा, “टेंशन मत लो, हम लोग लगे हैं सेवा में।” यानी चिंता मत करो, हम सेवा के लिए मौजूद हैं। इन शब्दों ने वीडियो देखने वालों का दिल जीत लिया।
फोन नंबर याद कराने की सलाह
इस दौरान एक सहयात्री ने माता-पिता को सलाह दी कि बच्चे को घर का पता तो पता है, लेकिन एक फोन नंबर याद करा दें। इससे भविष्य में अगर वह फिर बिछड़ जाए तो आसानी से संपर्क हो सकेगा। जवान की उपस्थिति और संवेदनशीलता ने इस घटना को खास बना दिया। भीड़ भरे मेट्रो स्टेशन पर खोए बच्चे को तुरंत सहारा मिलना सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती दिखाता है।
यूजर्स भी हुए इमोशनल
सोशल मीडिया पर वीडियो को देखकर लोग भावुक हो गए। कई यूजर्स ने सीआईएसएफ जवान की तारीफ की और कहा कि ऐसे कर्मचारियों की वजह से जनता को सुरक्षा का अहसास होता है। कुछ ने लिखा कि मां-बेटे का गले लगना देखकर आंखें भर आईं। CISF के आधिकारिक खाते ने भी इस घटना का जिक्र किया और जवान की तत्परता व मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।
हर मुश्किल में मदद करती है CISF
दिल्ली मेट्रो में रोजाना लाखों यात्री यात्रा करते हैं। भीड़ में बच्चे आसानी से माता-पिता से बिछड़ सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सीआईएसएफ दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था संभालती है और समय-समय पर खोए बच्चों को परिवार से मिलाने में मदद करती रही है। पिछले आंकड़ों के अनुसार, बल ने कई बच्चों को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया है। यह घटना सिर्फ एक मिलन की कहानी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सेवा भाव का उदाहरण है। जवान ने न सिर्फ ड्यूटी निभाई बल्कि बच्चे को मानसिक सहारा भी दिया। माता-पिता के चेहरे पर राहत देखकर साफ था कि उन कुछ मिनटों में कितना तनाव रहा होगा। मां का गले लगाना और बच्चे का रोना बंद होना इस पल को यादगार बनाता है।
गौरतलब है कि, इससे पहले एयरपोर्ट पर CISF ने 15 मिनट में महिला का खोया हुआ फोन ढूंढ़कर दिया था। इसका वीडियो भी काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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