बेंगलुरु का सुहावना मौसम अक्सर शहर में रहने के सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है। हालांकि एक पर्यटक के लिए, ठंडे और बादल भरे मौसम का उल्टा असर हुआ है, जिससे वह असामान्य रूप से आलसी और अनुत्पादक महसूस कर रहा है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में स्टैंडअप कॉमेडियन शुभम पुजारी ने मजेदार अंदाज में सवाल उठाया कि बेंगलुरु के निवासी शहर के नींद लाने वाले मौसम के बावजूद हर सुबह कैसे उठते हैं, तैयार होते हैं और काम पर जाने का प्रबंध करते हैं।
'यहां बेहद प्रोडक्टिव महसूस होता है'
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @notsopujari नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में शख्स ने लिखा कि, 'बेंगलुरु के लोगों से मेरा एक सवाल है: आप लोग यहां काम कैसे करते हैं? सुबह उठकर तैयार होकर ऑफिस कैसे जाते हैं? आपको क्या प्रेरित करता है? क्या आप सब भारी कर्ज के बोझ तले दबे हैं? क्योंकि सच कहूं तो मैं इस मौसम में काम नहीं कर सकता।' शुभम ने बताया कि, मैं यहां हर दो महीने में स्टैंड-अप शो के लिए आता हूं और हर बार मुझे बेहद निरर्थक महसूस होता है। मेरा मन करता है कि बस बिस्तर पर लेट जाऊं, कंबल ओढ़ लूं, पंखा तीन की स्पीड पर चलाऊं, दिन भर फ़ोन देखता रहूं, सो जाऊं और आराम करूं। ये शहर तो मानो रिटायरमेंट के लिए ही बना है।'
बेंगलुरु vs दिल्ली
बेंगलुरु और दिल्ली की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक कप चाय पीने से उन्हें आमतौर पर अपनी दिनचर्या में वापस लौटने में मदद मिलती है। हालांकि, बेंगलुरु में कई कप चाय पीने के बाद भी उन्हें सक्रियता का अहसास नहीं हुआ। वे बताते हैं कि, 'यहां, मैं सुबह से दो-तीन कप चाय पी चुका हूं, फिर भी मुझे बहुत सुस्ती और भारीपन महसूस हो रहा है। क्या यहां काम करने के लिए कोई नियमावली है? क्या शहर में प्रवेश करते ही सरकार द्वारा कोई विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है?' इसके बाद उन्होंने निवासियों की एनर्जी बनाए रखने के लिए उनकी प्रशंसा की और मजाक में कहा कि बेंगलुरु में 10,000 या 15,000 रुपये कमाने वाले भी किसी अन्य शहर में पेशेवर रूप से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वीडियो को "प्रिय बेंगलुरु हमें बात करनी है" कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, 'यह मौसम उत्पादकता को पूरी तरह से खत्म कर देता है।'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'सोमवार के ट्रैफिक का तो जायजा लो।'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'हम कंबल ओढ़कर काम करते हैं।'
चौथे यूजर ने लिखा, 'कॉफी बेंगलुरु को चलाती है।'
पांचवें यूजर ने लिखा, 'संघर्ष बिल्कुल वास्तविक है।'
छठे यूजर ने लिखा, 'इस मौसम में झपकी लेने का मन करता है।'
वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, 'बेंगलुरु की जिंदगी में आपका स्वागत है।'
गौरतलब है कि, इससे पहले बेंगलुरु के पॉजिटिव मिजाज पर एक महिला का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें उसने दावा किया था कि, '6 महीने में ये जगह किसी को भी बेंगलुरुवासी बना सकती है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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