डुप्लेक्स और पेंटहाउस में क्या अंतर है, बहुत कम लोग ही जानते हैं; रईसों में तेजी से हो रहे पॉपुलर
सोशल मीडिया पर आपने कई बार फ्लैट के साथ-साथ डुप्लेक्स घर और पेंटहाउस के विज्ञापन देखे होंगे। मगर क्या आपको पता है कि, ?डुप्लेक्स और पेंट हाउस में क्या अंतर है ?

फैमिली के साथ अपनी लाइफस्टाइल को अपग्रेड करने के लिए लोग सबसे पहले अच्छे और लग्जरी घर की तलाश शुरू करते हैं। हालांकि, बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए अब लोग 2BHK से 5BHK, बंग्ला, डुप्लेक्स, रो हाउस और पेंटहाउस का रुख ज्यादा करने लगे हैं। इतना ही नहीं अब ऐसे घरों की खरीद केवल खुद के रहने के लिए नहीं बल्कि इन्वेंस्टमेंट के तौर पर भी देखी जाने लगी है। खासकर मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों में इनकी कुछ ज्यादा ही डिमांड है। अपार्टमेंट और फ्लैट से इतर लोगों का इंट्रेस्ट अब डुप्लेक्स और पेंटहाउस में बढ़ रहा है। यही वजह है कि बड़े शहरों में दोनों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। वैसे कई बार ऐसा भी होता है जब लोग डुप्लेक्स और पेंटहाउस को एक ही समझ लेते हैं। जबकि, ऐसा नहीं है क्योंकि डुप्लेक्स और पेंटहाउस में बहुत बड़ा अंतर होता है। आज हम आपको बताएंगे कि डुप्लेक्स और पेंटहाउस में क्या फर्क है?
डुप्लेक्स क्या होता है
डुप्लेक्स में एक ही अपार्टमेंट/फ्लैट में दो फ्लोर बने होते हैं। भारत के शहरी क्षेत्रों जैसे मुंबई, दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में डुप्लेक्स मकान काफी लोकप्रिय हैं। डुप्लेक्स मकान का डिजाइन आमतौर पर आकर्षक होता है और एक अलग एहसास देता है। डुप्लेक्स मकानों में बड़ा कारपेट एरिया, बड़ी बालकनी और ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां होती हैं। डुप्लेक्स घरों के डिजाइन आमतौर पर बिल्डर के अनुसार अलग-अलग होते हैं, लेकिन आधुनिक डुप्लेक्स घरों में आरामदायक जीवन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद होती हैं। भारत में, डुप्लेक्स मकान के डिजाइन में अक्सर मुख्य बेडरूम ऊपरी मंजिल पर और किचन और अन्य कमरे निचली मंजिल पर होते हैं। डुप्लेक्स मकान की परिभाषा केवल दो मंजिलों वाला घर है, तीन या चार मंजिलों वाला घर कभी नहीं, क्योंकि ऐसी स्थिति में इसे मल्टीप्लेक्स कहा जाता है।
पेंटहाउस क्या होते हैं
पेंटहाउस एक लग्जरी अपार्टमेंट होता है, जो आमतौर पर किसी अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स की सबसे ऊपरी मंजिल या मंजिलों पर स्थित होता है। इसमें आमतौर पर अपनी विशेष सुविधाएं और व्यवस्थाएं होती हैं। अधिकांश पेंटहाउस में एक ऊपरी और एक ग्राउंड फ्लोर होता है, जिसमें एक छत और/या एक बाहरी बैठने की जगह होती है। लग्जरी पेंटहाउस अपार्टमेंट की तुलना में अधिक क्षेत्रफल, शहर के शानदार दृश्य, खुला बाहरी स्थान, विस्तारित बालकनी, बेहतर सुविधाएं और साज-सामान, और विशेष प्रकाश व्यवस्था शामिल हैं। पेंटहाउस में भार वहन करने वाली दीवारें कम होती हैं, जिससे आंतरिक लेआउट को अधिक मनचाहा बनाया जा सकता है। आमतौर पर पेंटहाउस के लिए अलग प्रवेश द्वार या लिफ्ट की सुविधा होती है। ऊंची छतें इन घरों की एक आम विशेषता हैं, जिससे ये अपने वास्तविक आकार से बड़े दिखाई देते हैं। बढ़ी हुई सुरक्षा अक्सर एक ऐसी खास विशेषता होती है जो पेंटहाउस को सामान्य अपार्टमेंट से अलग बनाती है।
आसान भाषा में समझें डुप्लेक्स और पेंटहाउस में अंतर
आमतौर पर पेंटहाउस हाईराइज अपार्टमेंट की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित अपार्टमेंट यूनिट होती है, जबकि डुप्लेक्स घर किसी भी मंजिल पर हो सकता है। हाईराइज में पेंटहाउस पूरी मंजिल को कवर कर सकते हैं और आमतौर पर महंगे होते हैं क्योंकि इनसे सबसे ऊपरी मंजिल का शानदार नजारा दिखता है और ये इमारत में सबसे बेहतरीन डिजाइन वाले आवास होते हैं। वहीं, डुप्लेक्स घर अधिक किफायती होते हैं। डुप्लेक्स घरों की तुलना में पेंटहाउस में आपको ऊंची छतें, गार्डन फ्लैट, स्काई लॉफ्ट आदि जैसे अभिनव और विशिष्ट फ्लोर प्लान भी देखने को मिलेंगे।
रईसों के बीच क्यों हो रहे पॉपुलर
दरअसल, डुप्लेक्स का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है। मसलन घर में ऑफिस बनाना, वर्क फ्रॉम होम इत्यादि। वहीं, पेंटहाउस शब्द सुनते ही मन में भव्यता और शान-शौकत की छवि उभर आती है। डुप्लेक्स मकान उन जगहों पर आम हैं जहां ट्रैफिक कम होता है और पर्याप्त ज़मीन उपलब्ध होती है। पेंटहाउस में मिलने वाली प्राइवेसी बेजोड़ है। इसके अलावा, इन आलीशान घरों में अलग-अलग प्रवेश द्वार होते हैं और सबसे ऊपरी मंजिल पर उनके असाधारण आकार के कारण कम अपार्टमेंट होते हैं। इन सबके अलावा डुप्लेक्स और पेंटहाउस को संपन्न लोग अतिरिक्त आय और इन्वेंस्टमेंट के लिहाज से भी खरीद रहे हैं। ऐसे ही तमाम फायदों के कारण धनाड्य यानी रईस लोगों के लिए डुप्लेक्स और पेंटहाउस उनकी पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
गौरतलब है कि, इससे पहले हमने आपको 1BHK और स्टूडियो रूम में अंतर भी बताए थे।
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