1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. दुनिया का इकलौता देश, जहां एक साल में 13 महीने होते हैं; इनका कैलेंडर देखकर दिमाग घूम जाएगा

दुनिया का इकलौता देश, जहां एक साल में 13 महीने होते हैं; इनका कैलेंडर देखकर दिमाग घूम जाएगा

Interesting Facts: सोशल मीडिया पर आपने कई देशों के बारे में अनोखे और अनसुने तथ्य पढ़े होंगे। मगर आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके कैलेंडर में 13 महीने होते हैं।

which country has 13 months, 13 months country name, which country has 13 months in year, Ethiopia, - India TV Hindi
Image Source : AP अफ्रीकी देश में जश्न।

Interesting Facts: दुनिया के अलग-अलग देशों में कई तरह के नियम-कानून और कई तरह की संस्कृतियां-परंपराएं हैं। इन्हीं विविधताओं के लिए दुनिया में लगभग हर देश फेमस है। अब अगर कैलेंडर की ही बात की जाए तो कहने को दुनिया के कई देशों में ग्रेगोरियन कैलेंडर मान्य और प्रचलित है। हालांकि, भारत में शक् कैलेंडर (भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर) का उपयोग भी होता है। ऐसे सभी कैलेंडर्स में महीनों या दिनों की संख्या उस देश के प्राचीन मान्यताओं पर आधारित है। ऐसा ही एक और देश भी है जो कि संभवत: दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जिसके कैलेंडर में 12 नहीं बल्कि, पूरे 13 महीने होते हैं। यदि आपको उस देश के बारे में नहीं पता है तो आज हम आपको इसी के बारे में बताते हैं। 

किस देश के कैलेंडर में 13 महीने होते हैं 

दअसल, ये देश और कोई नहीं बल्कि, अफ्रीकी देश इथियोपिया है जो कभी औपनिवेशिक शासन के अधीन नहीं आया। इटालियंस ने 1935 में उपनिवेश स्थापित करने का प्रयास किया और छह वर्षों तक देश पर सैन्य कब्ज़ा करने में सफल भी रहे, लेकिन इथियोपियाई सेनाएं पूरे समय सैन्य प्रतिरोध करती रहीं और पूरा देश कभी भी उनके नियंत्रण में नहीं आया।  

इथियोपिया के कैलेंडर में 13 महीने का लॉजिक 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इथियोपिया में ईसामसीह के जन्म की गणना के कारण इथियोपियाई कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से भिन्न है। यही वजह है कि, यहां का कैलेंडर लगभग 7-8 वर्ष पीछे है। पहले 12 महीनों में 30 दिन होते हैं, जबकि अंतिम महीने जिसे 'पगुमे' कहा जाता है उसमें केवल 5 या 6 दिन होते हैं। आज तक, इथियोपिया अपने प्राचीन कैलेंडर का उपयोग करता है, जिससे कैलेंडर के अंतर के कारण यात्रियों को शायद ही कोई असुविधा होती है। हालांकि, आजकल अधिकांश इथियोपियाई लोग ग्रेगोरियन कैलेंडर से परिचित हैं, और कुछ लोग दोनों कैलेंडरों का परस्पर उपयोग भी करते हैं। बता दें कि, इथियोपिया नव वर्ष (एनकुटाटाश) ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 11 या 12 सितंबर को आता है। 

त्योहारों का देश इथियोपिया  

रिपोर्ट्स की मानें तो इथियोपिया को 'त्योहारों का देश' भी कहा जाता है क्योंकि ये जीवंत त्योहारों से भरा देश है। सबसे बड़ा त्योहार, तिमकेत, तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव है जो जॉर्डन नदी में यीशु मसीह के बपतिस्मा का सम्मान करता है। पुजारी प्रत्येक चर्च से 'ताबोट्स' (संधि की प्रतिकृति) निकालते हैं और निकटतम जल स्रोत की ओर मार्च करते हैं, जहां सामूहिक बपतिस्मा होता है। जुलूस में हजारों स्थानीय लोग चमकदार सफेद पारंपरिक पोशाक में सजे होते हैं, जो पुजारियों के औपचारिक वस्त्रों और चमकीले मखमली छतरियों के रंगों से बिल्कुल मेल खाती है।

Image Source : APत्योहारों का देश।

इथियोपिया की संसद में पीएम मोदी 

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार द्विपक्षीय दौरे पर इथियोपिया पहुंचे हैं। यहां पहुंचते ही नेशनल पैलेस में उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने मोदी को एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से रिसीव किया खुद कार ड्राइव करके अपने साथ होटल तक ले गए।

इथियोपिया ने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा अवॉर्ड 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' भी दिया। मोदी दुनिया के पहले ग्लोबल हेड ऑफ स्टेट या हेड ऑफ गवर्नमेंट हैं जिन्हें यह अवॉर्ड मिला है।

सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने कहा, 'मैं सभी भारतवासियों की ओर से इस सम्मान को पूरी विनम्रता और कृतज्ञता से ग्रहण करता हूं। यह सम्मान उन अनगिनत भारतीयों का है जिन्होंने हमारी साझेदारी को आकार दिया।' गौरतलब है कि, आज पीएम मोदी इथियोपिया की संसद के जॉइंट सेशन को संबोधित करेंगे। 
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें- 
दुनिया का इकलौता शहर, जहां स्थित है बाल झड़ने का इलाज करने वाला पवित्र तीर्थस्थल; जानिए वायरल दावे का सच 

दुनिया का इकलौता देश, जहां कानून तय करता है पुरुष और महिलाओं की कमर का साइज; नाम सुन चौंक जाएंगे आप