1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. उज़्बेकिस्तान गुलाम नहीं होने के बाद भी क्यों मनाता है स्वतंत्रता दिवस? 35 साल पहले ऐसा क्या हुआ था; जानिए

उज़्बेकिस्तान गुलाम नहीं होने के बाद भी क्यों मनाता है स्वतंत्रता दिवस? 35 साल पहले ऐसा क्या हुआ था; जानिए

क्या आपको जानते हैं कि उज़्बेकिस्तान कभी किसी का गुलाम नहीं रहा, हालांकि फिर ​भी यहां हर साल 1 सितंबर को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। आखिर, ऐसा क्यों है? आइए जानते हैं:

Uzbekistan celebrate Independence Day, Uzbekistan Independence Day 2026, Uzbekistan 35th Independenc- India TV Hindi
Image Source : GOV.UZ उज़्बेकिस्तान में जश्न।

उज़्बेकिस्तान प्रत्येक वर्ष 1 सितंबर को अपना सबसे बड़ा राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस मनाता है। वहां पर स्वतंत्रता दिवस को 'मुस्तक़िलिक कुनी' कहा जाता है। कई लोग ऐसा सोचते हैं कि, जब ये देश पारंपरिक तौर पर किसी का गुलाम नहीं था तो ​​फिर ये स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाता है ? यदि आप भी यही सोचते हैं तो उज़्बेकिस्तान की सरकारी वेबसाइट gov.uz पर आपको इसका जवाब मिल जाएगा। उज़्बेकिस्तान  के सरकारी पोर्टल के मुताबिक, ये देश 35 साल पहले यानी 31 अगस्त, 1931 को सोवियत संघ (USSR) से अलग होकर पूर्ण राज्य स्वतंत्रता प्राप्त करने वाला देश बना था। उस दिन ताशकंद में उज़्बेक SSR की सुप्रीम सोवियत के असाधारण सत्र में दो ऐतिहासिक दस्तावेज पारित किए गए- 'रिपब्लिक ऑफ उज़्बेकिस्तान की राज्य स्वतंत्रता की घोषणा' और 'राज्य स्वतंत्रता के आधारों पर कानून।' उसी निर्णय से उज़्बेक SSR का नाम बदलकर रिपब्लिक ऑफ उज़्बेकिस्तान कर दिया गया और 1 सितंबर को स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया। 

35 साल पहले क्या हुआ था ? 

1991 सोवियत संघ के पतन का साल था। अगस्त में मॉस्को में हुए असफल तख्तापलट (अगस्त कूप) के बाद कई सोवियत गणराज्यों ने स्वतंत्रता की घोषणा शुरू कर दी। उज़्बेकिस्तान ने भी 31 अगस्त को यह कदम उठाया। यह सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं थी। देश को अब खुद अपनी विदेश नीति, रक्षा, अर्थव्यवस्था और कानून बनाने का पूरा अधिकार मिल गया। पहले ये सब मॉस्को के नियंत्रण में थे। उज़्बेकिस्तान 1924 से उज़्बेक सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक के रूप में सोवियत संघ का हिस्सा था। लगभग 67 साल तक यह एक संघीय व्यवस्था का हिस्सा रहा। इसमें पूर्ण संप्रभुता नहीं थी। इसलिए 1991 में मिली स्वतंत्रता को देश की राजनीतिक और आर्थिक आजादी का प्रतीक माना जाता है। gov.uz इसे 'हर राष्ट्र की शाश्वत और पवित्र इच्छा' बताता है।

क्यों मनाया जाता है यह दिन

सरकारी पोर्टल के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस उज़्बेकिस्तान का मुख्य राष्ट्रीय अवकाश है। 1992 में पहली बार इसे बड़े पैमाने पर मनाया गया। 1992 के कानून और श्रम संहिता के तहत यह आधिकारिक छुट्टी का दिन है। इस दिन देशभर में उपलब्धियों का जायजा लिया जाता है, भविष्य की योजनाएं बनाई जाती हैं और राज्य के सर्वोच्च पुरस्कार दिए जाते हैं।

उज़्बेकिस्तान स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाता है 

gov.uz के मुताबिक, पूरा गणराज्य स्वतंत्रता की वर्षगांठ को व्यापक और हर्षोल्लासपूर्ण ढंग से मनाता है। उज़्बेकिस्तान का प्रत्येक क्षेत्र अपना-अपना उत्सव कार्यक्रम तैयार करता है। इस दिन आप जहां भी हों, मनमोहक दृश्य आपका इंतजार करते हैं। लोकगीत समूहों की प्रस्तुतियां, खेल प्रतियोगिताएं, विविध कार्यक्रम और लोक शिल्पकारों के शोरगुल भरे मेले। इस दिन का उत्सव पुलाव मुख्य व्यंजन होता है जिसके लिए परिवार, सहकर्मी, पड़ोसी और मित्र सब एकत्रित होते हैं। इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल होती हैं। उज़्बेकिस्तान की राजधानी में उत्सव की तैयारियां पहले से ही शुरू हो जाती हैं, क्योंकि यह भव्य और विशाल आयोजन इतना शानदार होता है कि इसे देखकर लोग दंग रह जाते हैं। इसमें सैकड़ों कलाकार, दर्जनों संगीत और नृत्य समूह, और पॉप और फिल्म जगत के जाने-माने सितारे शामिल होते हैं। शाम को चौक पर भव्य आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलता है। 

ये भी पढ़ें -
ओवरब्रिज और स्काईवॉक में क्या अंतर होता है, नहीं जानते हैं तो जान लीजिए सही जवाब