1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. 'चेक-इन के बाद एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर क्यों होते हैं?' बेटी के सवाल को शख्स ने किया फॉरवर्ड, यूजर्स ने दिया जवाब

'चेक-इन के बाद एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर क्यों होते हैं?' बेटी के सवाल को शख्स ने किया फॉरवर्ड, यूजर्स ने दिया जवाब

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में एक शख्स ने बेटी के सवाल को आगे बढ़ाते हुए पूछा कि, चेक-इन के बाद एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर क्यों होते हैं?

father daughter viral post, father daughter question, daughter asks question to father, viral post - India TV Hindi
Image Source : X/@SHRI_SHOBHIT बेटी ने पूछा एयरपोर्ट से जुड़ा सवाल।

एक छोटी सी बच्ची के जिज्ञासु सवाल ने सोशल मीडिया पर दिलचस्प चर्चा छेड़ दी है। टेक प्रोफेशनल शोभित श्रीवास्तव ने एयरपोर्ट पर बैठे हुए अपनी बेटी के सवाल को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि उनकी बेटी ने पूछा, “चेक-इन के बाद एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर क्यों होते हैं?” वे उस दुकान के सामने 20 मिनट से बैठे थे और कोई अंदर नहीं गया। सेल्समैन से पूछना अजीब लग रहा था, लेकिन बेटी को जवाब चाहिए था और उनके पास कोई जवाब नहीं था। 

यूजर्स ने एक्स पर दिए जवाब 

इस पोस्ट को एक्स पर @shri_shobhit नामक हैंडल से शेयर किया गया। सैकड़ों यूजर्स ने इसके जवाब दिए और एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर्स की उपयोगिता समझाई। कई लोगों ने बताया कि ये दुकानें आखिरी मिनट की जरूरतों के लिए होती हैं। यात्री कभी-कभी वजन सीमा पार होने पर सामान बांटने के लिए अतिरिक्त बैग खरीदते हैं। कुछ लोग एयरपोर्ट पर खरीदारी करने के बाद अतिरिक्त लगेज लेते हैं। 

वहीं, एक यूजर ने कहा कि एयरपोर्ट रिटेल ज्यादातर इमरजेंसी खरीदारी पर टिका होता है। जब जरूरत पड़ती है तभी इन दुकानों की अहमियत समझ में आती है। कई यात्रियों ने व्यक्तिगत अनुभव शेयर किए। 

एक ने बताया कि सेल्फ-ट्रांसफर लेओवर के दौरान उनका सूटकेस बैगेज बेल्ट में फंसकर फट गया था। अगर चेक-इन से पहले दुकान होती तो नया बैग खरीद सकते थे, लेकिन उन्हें पुराने बैग को रैप करना पड़ा।

दूसरे लोगों ने बताया कि बैग टूटने, जिपर खराब होने, स्पिल हो जाने या सामान फिट न होने जैसी स्थितियों में ये स्टोर काम आते हैं। कुछ यात्री छुट्टियों में ज्यादा खरीदारी कर लेते हैं और वापसी पर अतिरिक्त सूटकेस की जरूरत पड़ती है। एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर ऐसे यात्रियों के लिए उपलब्ध रहते हैं जिनके पास समय सीमित होता है और बाहर जाकर खरीदना संभव नहीं।

अब जाकर पता चली असली वजह 

शोभित के पोस्ट ने आम जिज्ञासा को सामूहिक ज्ञान में बदल दिया। बच्चों के सरल सवाल अक्सर वयस्कों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। इस मामले में बेटी के सवाल ने एयरपोर्ट की छोटी-छोटी सुविधाओं की अहमियत उजागर कर दी। लोग अब समझ गए कि चेक-इन के बाद लगेज स्टोर सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि अप्रत्याशित समस्याओं का समाधान हैं। यह चर्चा याद दिलाती है कि यात्रा के दौरान छोटी-छोटी चीजें कितनी महत्वपूर्ण हो सकती हैं। बेटी का सवाल और पिता का इंटरनेट पर जवाब तलाशना दोनों ही प्यारे हैं। सोशल मीडिया ने एक बार फिर साबित किया कि ज्ञान साझा करने का सबसे अच्छा माध्यम है। अब जब भी कोई एयरपोर्ट पर लगेज स्टोर देखेगा, तो शायद इस चर्चा को याद करेगा।
गौरतलब है कि, इससे पहले हमने आपको उस एयरपोर्ट के बारे में बताया था जहां से 150 देशों के लिए फ्लाइट मिलती है। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें - 
Video : एयरपोर्ट पर छूट गया महिला का आईपैड, नहीं मिला तो CISF ने की मदद; डिवाइस मिलते खिल उठी यात्री