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OMG: इस प्रेस वाले की कमाई सुनकर अपनी सैलरी बताने में आएगी शर्म, महिला ने X पोस्ट में रिवील किया रेवेन्यू मॉडल

OMG: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में एक महिला ने अपने घर के पड़ोस में प्रेस वाले की कमाई का खुलासा किया है।

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Image Source : X/@NALINISKITCHEN महिला ने बताई प्रेस वाले की कमाई।

OMG: कॉरपोरेट नौकरियों में तनाव, बिगड़ते वर्क लाइफ बैलेंस और अतिरिक्त प्रेशर की कहानी सोशल मीडिया पर लोग शेयर करते रहते हैं। ऐसे में लोग अपनी कम सैलरी की तुलना छोटे दुकानदारों से भी करते हैं। कई बार तो ऐसे लोग उस वक्त चौंक जाते हैं जब उनको अप्रत्याशित जवाब मिलता है। ऐसा ही कुछ हुआ एक कंटेंट क्रिएटर के साथ जब उन्होंने अपने पड़ोस के ड्राई क्लीनर की तनख्वाह का अंदाजा लगाया। ड्राई क्लीनर की 2 लाख रुपये से ज़्यादा मासिक कमाई के बारे में की गई उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसे देखने के बाद यूजर्स हैरान हैं और आय और करियर को लेकर बहस छिड़ गई है। 

 

एक्स पोस्ट हुई वायरल 

इस पोस्ट को एक्स पर @NalinisKitchen नामक हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में नलिनी ने अपने घर के पास एक ड्राई क्लीनिंग शॉप के मालिक के साथ हुई हाल की बातचीत का वर्णन किया है। उनके अनुसार, मालिक और उनकी पत्नी मिलकर व्यवसाय चलाते हैं और दो सहायकों को वेतन पर रखते हैं। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि, 'कल मेरी अपने घर के पास वाली ड्राई क्लीनिंग की दुकान के मालिक से बात हो रही थी, जहां मैं नियमित रूप से जाती हूं। वह और उनकी पत्नी दोनों साथ काम करते हैं और उनके पास दो सहायक हैं जिन्हें वेतन मिलता है। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि वे लगभग ₹ 2,00,000 प्रति माह कमाते हैं, जो भारत में 10+ वर्षों के अनुभव वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बराबर है।' 

2 लाख से ज्यादा की कमाई 

यूजर ने दुकान मालिक द्वारा दी गई आय का विस्तृत विवरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि दुकान में प्रतिदिन लगभग 350 कपड़ों पर प्रेस की जाती है , जिसकी दर प्रति कपड़ा 10 रुपये है, जिससे लगभग 3,500 रुपये प्रतिदिन की आय होती है। इसके अतिरिक्त, सूट, चोली और प्रीमियम साड़ियों जैसे लगभग 20 भारी वस्त्रों की ड्राई क्लीनिंग और प्रेस की जाती है, जिसकी दर प्रति वस्त्र 350 रुपये है, जिससे प्रतिदिन 7,000 रुपये की अतिरिक्त आय होती है। इन आंकड़ों के आधार पर, कुल दैनिक आय लगभग 10,500 रुपये बनती है। महीने में केवल 3 दिन की छुट्टी के साथ, अनुमानित मासिक कमाई 2,83,500 रुपये है। उन्होंने बताया कि दुकान मालिक किराया नहीं देते क्योंकि वे उस जगह के मालिक हैं। उनके खर्चों में लगभग 6,000 रुपये का बिजली बिल और दो सहायकों का 40,000 रुपये का वेतन शामिल है। इन खर्चों को घटाने के बाद दंपति को लगभग 2,37,500 रुपये का मुनाफा होता है। उनागर ने बताया , 'उन्होंने मुझे बताया कि ये आंकड़े पिछले महीने के हैं, लेकिन औसतन वे हर महीने 2 लाख रुपये से अधिक कमाते हैं।' 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं

इस पोस्ट ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान तुरंत आकर्षित किया, जिससे मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा कि, 'एक तरफ इंजीनियर रात के 2 बजे तक 2 लाख रुपये प्रति माह के लिए कोड डीबग कर रहे हैं, और भैया उसी वेतन पर 2 मिनट में कोड की खामियों को ठीक कर रहे हैं। कहानी का सार: सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बजाय 'स्टीम इंजीनियरिंग' सीखनी चाहिए थी।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे उस लाभ/आय पर कर नहीं देते! भारत का 80% हिस्सा इसी तरह का है। अगर उनमें से आधे भी नाममात्र कर चुका दें, तो इससे उन लोगों पर बोझ कम हो जाएगा जो आज पूरे समाज का भार उठा रहे हैं!!' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'असली सबक यह नहीं है कि आईटी की नौकरी छोड़ो और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करो। बल्कि यह है: आय शिक्षा के अनुपात में नहीं होती। यह अर्जित मूल्य के अनुपात में होती है।' एक और यूजर ने लिखा, 'हम उच्च पदस्थ नौकरियों और निश्चित वेतन के पीछे भागने के आदी हो चुके हैं, लेकिन इस तरह की कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि व्यवसाय चलाना—चाहे छोटा हो या बड़ा—उतना ही संतोषजनक हो सकता है और कभी-कभी तो कहीं अधिक फायदेमंद भी, जब इसे सच्चे जुनून के साथ किया जाए। इस दृष्टिकोण को साझा करने के लिए धन्यवाद।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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