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'ये खर्चे बस बढ़ते ही जा रहे हैं...' महिला ने फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद कभी न खत्म होने वाले खर्चों की सच्चाई बताई; Video

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो हो रहा है। इस वीडियो में महिला ने फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद कभी न खत्म होने वाले खर्चों के बारे में बताया है।

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Image Source : IG/@OYEEE__SWATII महिला का वीडियो वायरल।

एक महिला ने सोशल मीडिया पर फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद आने वाले लगातार खर्चों की हकीकत साझा की है, जो कई युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के अनुभव से मेल खाती है। स्वati सिंह नाम की महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया कि फ्लैट में जाने से पहले उन्हें लगता था कि सिर्फ शुरुआती खर्च होंगे, लेकिन असल में खर्चों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग अपनी कहानियां शेयर कर रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @oyeee__swatii नामक हैंडल से शेयर किया गया है। सिंह ने वीडियो में साफ कहा, “फ्लैट में शिफ्ट होने से पहले मुझे लगता था कि एक बार शिफ्ट हो जाओ तो सिर्फ शुरुआती खर्च होते हैं जैसे सिक्योरिटी डिपॉजिट और जरूरी घरेलू सामान खरीदना। उसके बाद कोई खर्च नहीं—सिर्फ किराया दो, बिजली का बिल दो और बस।” लेकिन उनकी असलियत इससे बिल्कुल अलग निकली।  उन्होंने आगे बताया, “जब से मैं इस फ्लैट में शिफ्ट हुई हूं, खर्च बस बढ़ते ही जा रहे हैं। मैं घरेलू सामान खरीद-खरीदकर थक गई हूं, किराया देते-देते थक गई हूं, बिजली के बिल का तो मुझे अंदाजा ही नहीं।” स्वाति ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आमतौर पर लोगों के मिसलेनियस खर्च 2,000 से 3,000 रुपये तक होते हैं, लेकिन उनके मामले में हर चीज मिसलेनियस खर्च बन गई है। 20,000 रुपये की चीजें आती रहती हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता।  

पहली बार फ्लैट जाने वालों की कहानी

यह अनुभव उन हजारों युवाओं की कहानी है जो पीजी या हॉस्टल छोड़कर पहली बार स्वतंत्र फ्लैट में रहते हैं। शुरुआती खुशी के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट, ब्रोकरेज, फर्नीचर, बर्तन, बेड, गद्दे, पर्दे, सफाई का सामान, गैस कनेक्शन, वाटर प्यूरीफायर, वाशिंग मशीन या फ्रिज किराए पर लेना—ये सब खर्च एक के बाद एक आते हैं। फिर मेंटेनेंस चार्ज, पानी का बिल, इंटरनेट, घर की छोटी-मोटी मरम्मत और रोजमर्रा की जरूरतें जुड़ जाती हैं। कई लोग बताते हैं कि अनफर्निश्ड फ्लैट में जाने पर सेटअप कॉस्ट पहले महीने में ही दसियों हजार रुपये पहुंच जाती है। स्वाति के वीडियो ने कई लोगों को अपनी याद दिला दी। कमेंट सेक्शन में यूजर्स लिख रहे हैं कि उन्होंने भी यही सोचा था कि किराया और बिजली बिल ही मुख्य खर्च होंगे, लेकिन असल में बर्तन टूटने से लेकर पर्दे सिलवाने, बल्ब बदलने, छोटी मरम्मत और अचानक आने वाली जरूरतों ने बजट बिगाड़ दिया। 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की कई प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिनमें से कई लोगों ने कहा कि किराए के घर में जाने के बाद अप्रत्याशित खर्चों का पता चलने के अनुभव से वे खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। एक यूजर ने लिखा, "बिल्कुल सही, विविध खर्चे किराए से भी ज्यादा हैं।" 
दूसरे ने सहमति जताते हुए कहा, "इन छिपे हुए खर्चों के बारे में कोई आपको आगाह नहीं करता।"
अन्य लोगों ने भी इसी तरह के अनुभव साझा किए। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, "मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा है, बिल्कुल यही स्थिति है।" दूसरे ने कहा, "हर हफ्ते कुछ न कुछ नया खरीदने को मिल जाता है।" 

गौरतलब है कि, इससे पहले​ खर्च कम करने के लिए PG से फ्लैट में शिफ्ट महिला ने भी अपना रिएक्शन शेयर किया था। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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