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अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी धारा 163, झड़प के बाद प्रशासन का फैसला

अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर अब अगले 60 दिनों तक धारा 163 लागू रहेगी। प्रशासन ने शुक्रवार देर रात जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई झड़प के बाद यह फैसला लिया।

Abhishek banerjee- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अभिषेक बनर्जी का घर

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर अब अगले 60 दिनों तक धारा 163 लागू रहेगी। शुक्रवार रात घर के बाहर हुई झड़प के बाद प्रशासन ने इसे सख्ती से लागू करने का फैसला लिया। बता दें कि  अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर जन्मदिन के जश्न के दौरान शुक्रवार रात हुई झड़प हुई थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करके प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

देर रात हुई झड़प के बाद अभिषेक बनर्जी के घर को बाहर सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। उनके घर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी। यह धारा पहले से ही 13 अक्टूबर से उनके आवास के आसपास लागू थी। हालांकि, जन्मदिन के जश्न के दौरान शुक्रवार रात हुई झड़प के बाद प्रशासन ने इसे जारी रखने का फैसला किया है।

Image Source : Reporter Inputसेक्शन 163 लागू करने का नोटिस

अभिषेक बनर्जी ने क्या आरोप लगाया?

बता दें कि  तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार देर रात यहां उनके आवास पर हमला किया जिसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने दावा किया कि यह हमला उनकी जान लेने की साजिश के तहत किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से पहले लगातार दो दिन तक उनके कार्यालय और आवास पर नजर रखी गई। उन्होंने कहा कि झड़प में उनके कई समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए। 

अभिषेक बनर्जी ने 'एक्स' पर पोस्ट में एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''लगातार दो दिन तक रैकी करने के बाद भाजपा के गुंडों ने देर रात दो बजे मेरे आवास पर हमला किया। फुटेज देखें और खुद फैसला करें। अगर एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल में आम आदमी की दुर्दशा की कल्पना कीजिए।"

नारेबाजी और तीखी बहस के बाद मारपीट-पथराव के आरोप

आरोप हैं कि पहले बीजेपी समर्थकों ने बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर 'चोर-चोर' के नारे लगाए, जहां ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस खेमे के कार्यकर्ता शनिवार को अभिषेक के जन्मदिन से पहले इसके आयोजन के संबंध में इकट्ठा हुए थे। नारों के बाद दोनों पक्षों के बीच जवाबी नारेबाजी, तीखी बहस और झड़प शुरू हो गई, जिसमें मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ के आरोप भी लगाए गए हैं। बनर्जी हमले में कथित रूप से घायल पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने रात में अपने आवास से बाहर निकले। 

उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कांटेदार छड़ियों से हमला किया और पार्टी के स्थानीय कार्यालय में तोड़फोड़ की। उन्होंने दावा किया कि उनके चार-पांच समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें एक की प्लास्टिक सर्जरी करानी होगी और दूसरे को फ्रेक्चर आया है। बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद होने के बावजूद हमले को नहीं रोक पाए। बनर्जी ने पुलिस और न्यायपालिका पर अपने ऊपर बार-बार हमलों की कोशिश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। 

6 महीने में हत्या का सातवां प्रयास

डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने दावा किया कि यह "पिछले छह महीनों में मेरी जान लेने का सातवां प्रयास था। फिर भी, कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई और कोई न्यायिक हस्तक्षेप नहीं हुआ।" उन्होंने आरोप लगाया, "गुंडे पूरे राज्य में दंगे कर रहे हैं क्योंकि न्यायपालिका आंखें मूंदे हुए है। मूक दर्शक बने रहने के लिए धन्यवाद, माई लॉर्ड्स!" हालांकि, भाजपा ने उनके इन आरोपों को खारिज कर दिया।  उसने तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर टकराव के लिए उकसाने का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि "जब सत्ता हाथ से चली जाती है, तो ऐसे आरोप लगाना आम बात है।" कोलकाता पुलिस ने कहा कि दोनों गुटों के बीच हंगामा हुआ था, जिसके बाद पुलिस टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा। 

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