पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रीजनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार सखाराव सरकार के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने मुस्लिम बहुल क्षेत्र के मतदाताओं से बीजेपी को वोट देने की अपील की। अधिकारी ने कहा कि चुनाव में हिंदू-मुस्लिम की बात करने के बजाय विकास और रोजगार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंटे हुए विपक्ष पर अपना वोट बर्बाद न करें।
रीजनगर को मॉडल विधानसभा बनाने का वादा
अधिकारी ने कहा कि अगर बीजेपी उम्मीदवार जीतते हैं तो रीजनगर को 'मॉडल विधानसभा क्षेत्र' बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह खुद क्षेत्र के विकास की निगरानी करेंगे और इसे नंदीग्राम और भवानीपुर की तरह विकसित किया जाएगा। उन्होंने रीजनगर में नेताजी सुभाष सेवा केंद्र खोलने का भी वादा किया। यहां लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
40 हजार मजदूरों को वापस लाने का दावा
शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र से दूसरे राज्यों में काम करने के लिए जाने वाले मजदूरों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार दो साल में करीब 40 हजार मजदूरों को वापस लाने की कोशिश करेगी। उन्होंने अगले छह महीने में 125 दिन का काम देने की बात भी कही। इसके अलावा, रीजनगर में औद्योगिक क्षेत्र बनाने का वादा किया। अधिकारी ने कहा कि इसके लिए जमीन देख ली गई है और डेढ़ साल के अंदर यहां कारखाने शुरू होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और महिलाओं की योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि रीजनगर क्षेत्र के 2,01,555 लोगों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया गया है। इनमें करीब 40 हजार प्रवासी मजदूर हैं। उन्होंने कहा कि करीब 70 हजार महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें लगभग 35 हजार महिलाएं अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। अधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ देने में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर के कथित बयान पर भी हमला बोला। कबीर ने हाल में अधिकारी के जल्द 'दुनिया से चले जाने' की प्रार्थना करने की बात कही थी। अधिकारी ने कहा कि राजनीति में मतभेद और बहस हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि रीजनगर की जनता अपने वोट के जरिए इसका जवाब देगी।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
सीएम अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस में चल रहे विवाद, वाम दलों और कांग्रेस की कमजोर स्थिति को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने तृणमूल सरकार के पिछले कार्यकाल में नौकरियों, मनरेगा और आवास योजनाओं में कथित गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया।
छह उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
रीजनगर सीट पर छह पक्षों के बीच मुकाबला है। इसमें आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी), बीजेपी, ममता बनर्जी गुट की तृणमूल कांग्रेस, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला तृणमूल गुट, कांग्रेस और माकपा शामिल हैं।
बता दें कि रीजनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने इस सीट से अपने बेटे गोलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, ममता बनर्जी गुट की ओर से रबीउल आलम चौधरी चुनाव मैदान में हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने सफीउद्दीन शेख (सफीउज्जमान शेख) को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को टिकट दिया है, जबकि CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।
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