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TMC के पूर्व MLA अजीत मैती पर गिरी गाज! 10 साल पुराने 15 लाख की रंगदारी मामले में किया गया गिरफ्तार

ममता बनर्जी की पार्टी के एक और पूर्व MLA पर गाज गिर गई है। दरअसल, TMC के पूर्व विधायक अजीत मैती को 10 साल पुराने 15 लाख की रंगदारी मामले में गिरफ्तार किया गया है।

Ajit Maity arrested- India TV Hindi
Image Source : @AJITMAITY54/X ममता बनर्जी की पार्टी के पूर्व विधायक अजीत मैती गिरफ्तार।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत मैती को आज (शुक्रवार को) गिरफ्तार किया गया है। अजीत मैती को रंगदारी के एक मामले में पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, पिंगला के विधायक रहे मैती को तड़के मदपुर स्टेशन के पास स्थित उनके घर से अरेस्ट किया गया। जानें ये पूरा मामला क्या है।

पिंगला थाने में अजीत मैती पर दर्ज हुई FIR

पश्चिम बंगाल पुलिस के एक अफसर ने कहा, 'इसके बाद उन्हें देबरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां फिलहाल उन्हें रखा गया है।' पुलिस ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता गोबिंदा दास ने बीते 23 सितंबर को पिंगला पुलिस स्टेशन में अजीत मैती के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बेस पर आज यह गिरफ्तारी हुई है।

15 लाख के एवज में TMC का प्रखंड अध्यक्ष बनाने का वादा

इस मामले पर बीजेपी नेता गोबिंदा दास ने आरोप लगाया कि 2016 में जब वह पिंगला-द्वितीय प्रखंड के जमना क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष हुआ करते थे, तब अजीत मैती ने उनको पार्टी का प्रखंड अध्यक्ष बनाने का वादा किया था और उनसे इस एवज में 15 लाख रुपये वसूल लिए थे।

गोबिंदा दास ने पैसे वापस मांगे तो किया परेशान

गोबिंदा दास ने ये भी आरोप लगाया कि पैसा लेने के बाद उन्हें पद नहीं दिया गया। इसके बाद जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो अजीत मैती ने उन्हें प्रताड़ित किया। अजित मैती फिलहाल वेस्ट मेदिनीपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष हैं और कई वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। इससे पहले अजीत मैती 2021 के विधानसभा चुनाव में पिंगला से विधानसभा सदस्य चुने गए थे। हालांकि, इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने अजीत मैती को फिर इसी सीट से कैंडिडेट बनाया था, लेकिन वह बीजेपी के स्वागता मन्ना से 18 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हार गए थे।

अभी ममता बनर्जी वाले धड़े के साथ हैं मैती

बाद में तृणमूल कांग्रेस में विभाजन के चलते अजीत मैती, ममता बनर्जी की लीडरशिप वाले धड़े के साथ ही रहे, जिसने उन्हें घाटाल संगठनात्मक जिला समिति का अध्यक्ष बना दिया। लोकल लोगों ने दावा है कि मई में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रिजल्ट घोषित होने के बाद से मैती इलाके में ज्यादा नजर नहीं आए थे। इससे पहले, हुमायूं कबीर की पार्टी का नेता नकली नोटों के साथ गिरफ्तार हुआ था।

(इनपुट- भाषा)

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