नेपाल में भूकंप से तबाही 900 की मौत,भारत भी थर्राया
नई दिल्ली: नेपाल में शनिवार को आए भूकंप में करीब 900 लोगों की जानें चली गई। ये पिछले 80 साल का सबसे विनाशकारी भूंकंप है जिसमें काठमांडू में ऐतिहासिक धरहारा टॉवर और मशहूर दरबार चौक

नई दिल्ली: नेपाल में शनिवार को आए भूकंप में करीब 900 लोगों की जानें चली गई। ये पिछले 80 साल का सबसे विनाशकारी भूंकंप है जिसमें काठमांडू में ऐतिहासिक धरहारा टॉवर और मशहूर दरबार चौक ध्वस्त हो गए।
7.9 रिक्टर पैमाने पर आए भूकंप में अकेले राजधानी काठमांडू में 259 लोगों की जाने गईं और हज़ारों घायल हो गए। सैकड़ों लोग अभूी लापता हैं।
नेपाल के गृह मंत्रालय के अनुसार भक्तपुर में 150, ललितपुर में 67 और धादिंग ज़िले में 37 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा देश के पूर्वी क्षेत्रों में 20, पश्चिमी क्षेत्र में 33 और बाकी अन्य क्षेत्रों में मारे गए।
सुबह 11:56 पर आए बूकंप का केन्द्र लामजुंग था जो काठमांडू से 80 किमी दूर है। इसका असर बिहार, पश्चिम बंगाल और यूपी के कई शहरों पर भी पड़ा। भूकंप इतना ज़बरदस्त था कि इसे चीन, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी मेहसूस किया गया।
इतने ज़बरदस्त भूकंप की पांचवी शताब्दी का पशुपतिनाथ मंदिर पर ज़रा भी आंच नहीं आई जबकि अन्य कई मंदिर ध्वस्त हो गए। काठमांडू में कई इमारतें ढह गई जिसमें सैकड़ों लोगों की दाने चली गई। धारपरा मीनार के मलबे से अब तक कम से कम 180 शव निकाले जा चुके हैं।
भूकंप में राजधानी का दरबार चौक पूरी तरह ध्वस्त हो गया। ये 1934 के बाद सबसे विनाशकारी भूकंप है। 1934 में नेपाल-बिहार सीमा पर भूकंप आया था जो रिक्टर पैमाने पर 8.4 आंका गया था।
वीडियो फूटेज में कई इमारतें दिखाई दे रही हैं जो या तो ढह गई हैं या फिर उनमें गहरी दरारे पड़ गई हैं। शहर की सड़कों पर गड्डे पड़ गए जिससे राहत-बचाव के काम में बाधा पड़ रही है।
नेपाल में शनिवार को आए तेज भूकंप की वजह से दर्शनीय स्थल पोखरा में 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता कमल सिंह बान ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें पोखरा इलाके में 10 लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है।
नेपाल के ग्रामीण और दूरवर्ती इलाकों में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके कारण लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। जहां पहुंच पाना संभव है, वहां सेना भेजने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल में शनिवार को 8.1 तीव्रता वाले एक तीव्र भूकंप के बाद 7.0 तीव्रता वाला एक और भूकंप आया। यह जानकारी चाइना अर्थक्वैक नेटवर्क्स सेंटर (सीईएनसी) ने दी। सेंटर के मुताबिक, दूसरे भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से 75 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम स्थित लामजुंग में 28.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 84.8 डिग्री पूर्वी देशांतर में धरती के नीचे 30 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
भूकंप में नेपाल में एक व्यक्ति के मरने की ख़बर है जबकि बिहार के दरभंगा में दो लोगों की मौत हो गई और दस अन्य गंभीर रुप से घायल हो गए।
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप का केंद्र धरती से 15 किलोमीटर नीचे था और इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.9 थी।
सीएनईसी के मुताबिक, 8.1 तीव्रता वाले पहले भूकंप के 12 मिनट बाद चीन के किंजियांग जिले के चांगकिंग नगरनिगम में 3.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया।
भूकंप भारत और बांग्लादेश में भी महसूस किए गए हैं।
इस बीच दिल्ली एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत, पंजाब, गुजरात, सिक्किम, गुवाहाटी में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके करीब 2 मिनट तक महसूस किए गए। नेपाल में भूकंप के चार केंद्र थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई है। भूकंप सुबह 11:30 के लगभग आया।
राजधानी काठमांडू स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास परिसर में एक पुरानी इमारत के गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। काठमांडू में कार्यरत एक पत्रकार ने बताया कि मृतक नेपाली नागरिक है। भूकंप इतना तेज़़ था कि काठमांडू की नौमंज़िला ऐतिहासिक धारहरा मीनार भरभरा के गिर पड़ी और इसमें करीब 400 लोगों के दबने की आशंका है।
अभी तक मिली खबर के अनुसार भूकंप में नेपाल में कई इमारतें गिर गई और सड़कों पर दरारे पड़ गईं। भारत में सबसे ज़्यादा नुकसान आगरा में हुआ है जहां एक कॉलेज की इमारत एक हिस्सा गिरने से कुछ वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
यूएस जिओलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप का केंद्र लांमजुंग से 35 किमी पूर्व था। लांमजुंग में भूकंप की तीव्रता 7.9 मापी गई है।
काठमांडू से सबसे ज़्यादा नुकसान की ख़बरें आ रही हैं जहां कई इलाकों में सड़कों पर बड़ी बड़ी दरारे पड़ गई। भूकंप के बाद नेपाल में मोबाइल सेवाएं ठप्प हो गई और एहतियातन काठमाण्डू एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है और उड़ानें भारत की तरफ मोड़ दी गई हैं।
भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि लोग दफ्तर और घरों से बाहर निकल आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप के बाद आज तीन बजे वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
इस बीच एनडीआरएफ की चार टीमें नेपाल से लगे बिहार प्रदेश भेजी गई हैं जहां भूकंप के काफी तेज़ झटके मेहसूस किए गए हैं। एनडीआरएफ को नेपाल भेजने के लिए भी तैयार रखा गया है।
इस बीच मौसम विभाग ने दोबारा भूकंप आने की संभावना बताई है और लोगों से सावधान रहने को कहा है।
काठमांडू स्तिथ भारतीय दूतावास ने पाल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जिन पर संपर्क किया जा सकता है।
+9779851107021, +9779851135141