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कतर में इजरायली हमले में हमास ने माना कि मारे गए उसके 5 अहम सदस्य, टॉप लीडर के सुरक्षित होने का दावा

कतर की राजधानी दोहा में मंगलवार को किए गए इजरायली हमले में हमास के 5 सदस्य मारे गए हैं। हमास ने खुद एक बयान जारी करके यह बात स्वीकार की है। हालांकि अपने टॉप लीडर के सुरक्षित होने का दावा भी किया है।

कतर में इजरायली हमले के बाद उठता धुआं (फाइल)- India TV Hindi
Image Source : AP कतर में इजरायली हमले के बाद उठता धुआं (फाइल)

दुबई: अमेरिकी समर्थित संघर्षविराम वार्ता के बीच इज़रायल ने मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में हमास के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाते हुए घातक हवाई हमला किया। इस अप्रत्याशित हमले ने खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक विश्वास पर गहरी चोट पहुंचाई है। हमास ने बुधवार को स्वीकार किया कि इजरायल के इस हमले में उसके 5 अहम सदस्य मारे गए, लेकिन टॉप लीडर सुरक्षित है। मारे गए सदस्यों में ग़ाज़ा के लिए हमास के नेता खलील अल-हय्या का बेटा भी शामिल है।

अमेरिका को पहले से थी हमले की जानकारी

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि अमेरिका को हमले की पूर्व सूचना थी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कतर को सतर्क करने की कोशिश की थी। हालांकि कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बम गिरने के वक्त ही जानकारी मिली, जिससे चेतावनी का कोई लाभ नहीं हुआ। 

कतर की तीखी प्रतिक्रिया

कतर ने इजरायली हमले को "कायरतापूर्ण" और "अंतरराष्ट्रीय कानूनों व संप्रभुता का उल्लंघन" करार देते हुए कड़ी निंदा की।
कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि हमले में आंतरिक सुरक्षा बल का एक सदस्य मारा गया और कई अन्य घायल हुए। इजरायली हमले के बाद दोहा के आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए।  एक ऐसे शहर में जो आमतौर पर अमेरिकी रक्षा प्रणाली की सुरक्षा में रहता है।

नेतन्याहू ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले को लेकर इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा, "इज़रायल ने योजना बनाई, अंजाम दिया, और पूरी ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है।" उन्होंने बताया कि यह निर्णय येरुशलम में सोमवार को हुए हमले में 6 नागरिकों की मौत और ग़ाज़ा में 4 इज़रायली सैनिकों की हत्या के बाद लिया गया था। इज़राइली सेना ने कहा कि उसने इस ऑपरेशन में "सटीक हथियारों और अतिरिक्त खुफिया जानकारी" का उपयोग किया।

युद्धविराम वार्ता अधर में

कतर लंबे समय से इज़रायल-हमास के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, अब खुद इस टकराव का हिस्सा बन गया है।
हमले के समय हमास नेतृत्व दोहा में संघर्षविराम पर बातचीत कर रहा था, जिसमें अमेरिकी प्रस्ताव के तहत बंधकों की रिहाई की शर्त शामिल थी। अब इस हमले से वार्ता की संभावनाएं धूमिल हो गई हैं और ग़ाज़ा में एक और बड़े इज़रायली ज़मीनी हमले की आशंका जताई जा रही है।

हमले से शांति को बढ़ावा नहीं मिलेगा:ट्रंप 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को इजरायल के इस हमले को "दुर्भाग्यपूर्ण घटना" बताया और कहा कि इससे शांति की दिशा में कोई मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह इज़रायल का स्वयं का निर्णय था और अमेरिका ने इसे प्रत्यक्ष रूप से स्वीकृति नहीं दी। ट्रंप ने दोहा और तेल अवीव दोनों के नेताओं से बातचीत कर यह आश्वासन दिया कि ऐसा हमला फिर नहीं होगा।

सऊदी अरब ने जताया विरोध

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कतर के अमीर से फोन पर बातचीत में हमले को "अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" बताया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी हमले की निंदा की और कहा, "सभी पक्षों को स्थायी युद्धविराम की दिशा में कार्य करना चाहिए, न कि उसे नष्ट करने की।"

अमेरिका की प्रतिष्ठा दांव पर

यह दूसरी बार है, जब युद्ध के दौरान कतर सीधे हमले की चपेट में आया है। कतर अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी है और अल-उदैद एयरबेस में 10,000 अमेरिकी सैनिकों की मेज़बानी करता है। पिछले महीनों ईरान-इज़रायल युद्ध के दौरान भी यह एयरबेस ईरानी मिसाइलों का निशाना बना था। अब इस नए घटनाक्रम ने न केवल हमास के खिलाफ इज़रायली अभियान को विस्तार दिया है, बल्कि अमेरिका की मध्य पूर्व में विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। (एपी)

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