1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. Israel Election Results LIVE: नेतन्याहू-आइसेनकोट में कड़ा मुकाबला, अरब पार्टियां बनेंगी 'किंगमेकर'?
Live now

Israel Election Results LIVE: नेतन्याहू-आइसेनकोट में कड़ा मुकाबला, अरब पार्टियां बनेंगी 'किंगमेकर'?

इजरायल में हुए चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। नेतन्याहू गुट और आइसेनकोट गुट में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस बीच, अरब पार्टियों ने किंगमेकर बनने का दावा किया है। जानें कब आएगा चुनाव का रिजल्ट?

इजरायल में कौन जीतेगा चुनाव - India TV Hindi
Image Source : PTI इजरायल में कौन जीतेगा चुनाव

इजरायल में हुए चुनाव में वोटों की गिनती जारी है। सेंट्रल इलेक्शंस कमिटी द्वारा जारी और 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती नतीजों में नेतन्याहू गुट और आइसेनकोट गुट में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। सेंट्रल इलेक्शंस कमिटी के रात 11:35 बजे (स्थानीय समय) तक के आंशिक नतीजों के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट के पास 53 सीटें हैं, जबकि उनके विरोधी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गुट के पास 48 सीटें हैं। 'द जेरूसलम पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, अरब पार्टियों - 'जॉइंट लिस्ट' और 'राआम' - के पास 19 सीटें हैं। इस तरह से अरब पार्टियों ने किंगमेकर बनने का दावा ठोका है। 

जानें पल पल के अपडेट्स

 

Latest World News

Live updates : नेतन्याहू-आइसेनकोट में कड़ा मुकाबला, अरब पार्टियां बनेंगी 'किंगमेकर'?

  • 12:14 PM (IST) Posted by Kajal Kumari

    चुनाव में धांधली का आरोप

    इसमें कहा गया है कि लिकुड पार्टी कई अरब मतदान केंद्रों पर चुनाव में धांधली से जुड़े सैकड़ों बयान और सबूत पुलिस, शिन बेट और केंद्रीय चुनाव समिति को सौंप रही है।

  • 11:37 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    कब आएगा इजरायल चुनाव का रिजल्ट?

    अल जजीरा के मुताबिक, इजरायल में हुए चुनाव के अंतिम नतीजे गुरुवार की शाम तक आ सकते हैं, हालांकि किसी स्पष्ट विजेता के सामने आने की उम्मीद नहीं है। अभी भी 5,00,000 से अधिक विशेष 'डबल-लिफाफे' वाले मतपत्रों की गिनती बाकी है, जिससे सीटों का बंटवारा बदल सकता है। 

  • 10:38 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    इजरायल चुनाव के नतीजे पर ट्रंप ने क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इजरायल के चुनाव में नेतन्याहू के प्रदर्शन का श्रेय खुद लिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह इजरायल में एक 'यूनिटी गवर्नमेंट' (मिली-जुली सरकार) बनाने के प्रयासों में शामिल होने पर विचार कर सकते हैं। बुधवार को 'एक्सियोस' (Axios) के साथ बातचीत में, ट्रंप ने कहा कि आंशिक नतीजों में नेतन्याहू का राजनीतिक गुट आगे चल रहा है, जिससे उनकी स्थिति मजबूत दिख रही है। ट्रंप ने कहा, "मैंने सुना है कि मेरे समर्थन से बीबी (नेतन्याहू) को काफी फायदा हुआ है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नेतन्याहू के नेतृत्व में एक 'यूनिटी गवर्नमेंट' बनाने के प्रयासों में मदद करेंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "मैं इस पर गौर करूंगा।"

  • 10:11 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    इजरायल में 90 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है

    इजरायल के चुनाव में कोई स्पष्ट विजेता सामने नहीं आया है। लगभग 90 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है, लेकिन दोनों प्रमुख राजनीतिक गुटों में से कोई भी सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार को बताया कि स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे (19:00 GMT) तक 50 लाख से अधिक वोटों की गिनती हो चुकी है। 

  • 9:03 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    आइसेनकोट ने कहा-नेतन्याहू नहीं जीत रहे चुनाव

     मुख्य विपक्षी उम्मीदवार और 'यशार' के चेयरमैन गादी आइसेनकोट ने कहा कि ये चुनावी नतीजे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से 'अविश्वास' जताते हैं। आइसेनकोट ने 'X' पर लिखा, "यह जनता की इच्छा है। लोगों ने 7 अक्टूबर की सरकार, सेना में भर्ती से बचने वालों, और ऐसे लोगों के पूरे गुट के प्रति अविश्वास जताया है।" उन्होंने सीधे तौर पर नेतन्याहू और उनके राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधा।

  • 9:01 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    क्यों खास है इजरायल का चुनाव?

    मंगलवार को इज़राइल में राष्ट्रीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ, जिसमें कुल 7,331,981 इज़राइली नागरिक वोट डालने के पात्र थे। चुनाव में भारी मतदान देखने को मिला, जिसमें लगभग 77.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले। यह 2022 के इज़राइली चुनावों में हुए मतदान (जो 70 प्रतिशत से थोड़ा अधिक था) के मुकाबले ज़्यादा है। 2023 में हमास के हमले के बाद से देश में यह पहला आम चुनाव है।

  • 8:57 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    इजरायल में वोटों को सीटों में कैसे बदला जाता है

    इजरायल में मतदान का तरीका भारत से अलग है। वहां अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र नहीं होते जहां से सांसद चुने जाएं। मतदाता एक पार्टी की सूची चुनते हैं, और संसद की 120 सीटें मोटे तौर पर मिले वोटों के अनुपात में बांट दी जाती हैं।

  • 8:56 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    अरब पार्टियों ने किंगमेकर बनने का किया दावा

    इज़राइल के अरब दलों को संसद में रिकॉर्ड संख्या में सीटें मिलने की संभावना है और वे 'किंगमेकर' की भूमिका में आ सकते हैं। वोटों की गिनती से पता चलता है कि दो मुख्य अरब दल लगभग 19 सीटें जीत सकते हैं, जो नेसेट (इज़राइली संसद) में उनके मौजूदा प्रतिनिधित्व से लगभग दोगुनी हैं। इन दो मुख्य दलों में यूसुफ जबरीन के नेतृत्व वाला 'जॉइंट लिस्ट' और मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाला 'राअम' शामिल हैं।

  • 8:54 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    क्या होता है डबल इनवेलप वोट, कैसे होती है गिनती?

    इजरायल के चुनाव में डबल इनवेलप वोट उन मतदाताओं के वोट होते हैं, जो अपने तय मतदान केंद्र पर जाकर वोट नहीं डाल पाते। जैसे - सैनिक, जेल में बंद वोटर्स, मेडिकल स्टाफ, कुछ बीमार लोग और विदेश में तैनात इजरायली प्रतिनिधि शामिल हैं। ऐसे मतदाताओं के वोट अलग प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। इन वोटों को डबल इनवेलप यानी दो लिफाफों वाली प्रक्रिया से गिना जाता है और इसमें वोटर्स की पहचान और उसके वोट की जांच की जाती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति दो बार वोट न डाल सके। पहचान और जरूरी जांच पूरी होने के बाद ही वोट को गिनती में शामिल किया जाता है।

  • 8:46 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    "डबल लिफाफे" वाले वोटों की गिनती जारी, क्या होता है ये?

    'टाइम्स ऑफ इज़राइल' की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) ने घोषणा की है कि "डबल लिफाफे" वाले वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इन मतपत्रों में मुख्य रूप से IDF सैनिक, कैदी, चिकित्सा कर्मी, स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग और विदेशों में तैनात इज़राइली प्रतिनिधि शामिल हैं।

  • 8:45 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    बहुमत के लिए कितने सीटों की होती है जरूरत?

    बता दें कि इजरायल में संसदीय बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है।

  • 8:45 AM (IST) Posted by Kajal Kumari

    ताजा आंकड़ों में क्या पता चल रहा

    इजरायली मीडिया द्वारा जारी किए गए आंकड़े 97.5 प्रतिशत मतपेटियों में पड़े 90 प्रतिशत वोटों की गिनती पर आधारित हैं। ताजा आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि कई राजनीतिक गुट 3.25 प्रतिशत की चुनावी सीमा (इलेक्टोरल थ्रेशोल्ड) को पार नहीं कर पाए हैं। इनमें 'रिजर्विसिस्ट्स' (2.6 प्रतिशत वोट), 'पीपल ऑफ इजरायल' (1.6 प्रतिशत वोट) और 'चारेदी पब्लिक' गुट (0.2 प्रतिशत वोट) शामिल हैं।