1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. नाइजीरियाई सेना ने 35 इस्लामी चरमपंथियों को पहुंचाया जहन्नुम, 4 ठिकानों पर किए हवाई हमले

नाइजीरियाई सेना ने 35 इस्लामी चरमपंथियों को पहुंचाया जहन्नुम, 4 ठिकानों पर किए हवाई हमले

नाइजीरिया सेना को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेना ने दावा किया है कि उसने एक हवाई हमले में कम से कम 35 इस्लामिक चरमपंथियों को ढेर कर दिया है।

सड़क पर तैनात नाइजीरियाई सेना। - India TV Hindi
Image Source : AP सड़क पर तैनात नाइजीरियाई सेना।

अबुजा: नाइजीरिया की सेना ने देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के तहत कम से कम 35 संदिग्ध इस्लामिक चरमपंथियों को हवाई हमलों में मार गिराया है। यह कार्रवाई बोर्नो प्रांत के कुम्शे क्षेत्र में की गई, जो कैमरून की सीमा से लगा हुआ है। नाइजीरिया इस समय बोको हराम और अन्य जिहादी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों से जूझ रहा है, जो वर्षों से देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।

4 ठिकानों पर किया हवाई हमला

नाइजीरियाई वायुसेना के प्रवक्ता एहिमेन एजोडामे ने जानकारी दी कि यह हवाई हमला चार अलग-अलग ठिकानों पर किया गया, जहां आतंकवादी इकठ्ठा हो रहे थे। उन्होंने बताया कि चरमपंथियों ने इलाके में तैनात सैनिकों पर हमले की योजना बनाई थी और उनके इस कदम की जानकारी मिलने के बाद ही सेना ने जवाबी कार्रवाई की। एजोडामे के अनुसार इस अभियान के बाद क्षेत्र में सैनिकों से संपर्क दोबारा स्थापित किया गया है और फिलहाल हालात स्थिर बताए जा रहे हैं।

बोको हरम है आतंक का गढ़

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब नाइजीरिया की सरकार, खासकर राष्ट्रपति बोला टीनुबू की नेतृत्व वाली प्रशासन, आतंकवाद और चरमपंथ पर काबू पाने की कोशिशों में जुटी है। हालांकि इन प्रयासों को अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। बोको हराम जैसे आतंकी संगठन 2009 से नाइजीरिया में सक्रिय हैं और देश के कई इलाकों में दहशत फैलाए हुए हैं। इस संगठन ने अब तक नाइजीरिया में हजारों लोगों की जान ली है। 

सेना की कार्रवाई आतंकियों को कड़ा संदेश

सेना द्वारा की गई यह ताजा कार्रवाई एक ओर जहां आतंकियों के लिए कड़ा संदेश है, वहीं यह इस ओर भी संकेत करती है कि क्षेत्र में अभी भी सुरक्षा चुनौतियां बरकरार हैं। स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, पुनर्वास और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए नाइजीरिया को केवल सैन्य उपायों के साथ-साथ राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा। इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों से अस्थायी राहत तो मिल सकती है, लेकिन आतंकवाद की जड़ें खत्म करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति जरूरी है। (भाषा)

Latest World News