कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ओटावा अमेरिका के साथ एक ऐसा टिकाऊ व्यापार समझौता करने के लिए तैयार है, जिससे दोनों देशों का भला हो। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि वॉशिंगटन के साथ बढ़ते व्यापार तनाव के बीच कनाडा अपने कर्मचारियों, परिवारों और व्यवसायों के हितों की रक्षा करना जारी रखेगा। मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा कोई जल्दबाजी में किया गया राजनीतिक ऐलान नहीं चाहता, बल्कि एक ऐसा दीर्घकालिक समझौता चाहता है जिससे दोनों पक्षों को फायदा हो।
'समझौता करने के लिए तैयार'
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम हमेशा कनाडा, कनाडाई कर्मचारियों और कनाडाई परिवारों के सर्वोत्तम हित के लिए खड़े रहेंगे। हम कोई आसान जीत या सिर्फ ऐलान नहीं चाहते, बल्कि कुछ ऐसा चाहते हैं जो टिकाऊ हो। ऐसा समझौता संभव है, इसमें हम दोनों का फ़ायदा है।" उन्होंने कहा कि एक ऐसा समझौता जो कनाडाई कर्मचारियों, परिवारों और व्यवसायों के हितों को पूरा करता हो, उससे अमेरिकी उपभोक्ताओं, व्यवसायों और परिवारों को भी फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा, "जब अमेरिकी तैयार होंगे, तो हम बैठकर वह समझौता करने के लिए तैयार हैं।"
'अन्य देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर फोकस'
हालांकि, मार्क कार्नी ने संकेत दिया कि ओटावा सिर्फ वॉशिंगटन के अगले कदम का इंतजार नहीं करेगा। कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम सही समय पर देखेंगे। बातचीत होगी, लेकिन सबसे जरूरी काम जो हम कर सकते हैं, वह यह है कि हम अपना सारा समय फोन के पास बैठकर कॉल का इंतजार करने या सोशल मीडिया पर अपडेट देखते रहने में न बिताएं। नहीं, हमें निर्माण करना है, मजबूती से निर्माण करना है, अभी निर्माण करना है और आगे बढ़ना है।" कार्नी ने आगे कहा, "दुनिया भर के उन सभी देशों से बातचीत करना और समझौते करना है जो कनाडा के साथ समझौता करना चाहते हैं।"
कनाडा के प्रधानमंत्री ने ओटावा का यह रुख फिर से दोहराया कि वॉशिंगटन की प्रस्तावित शर्तों को ठुकराने के बाद उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार बातचीत रोकनी पड़ी। उन्होंने कहा, "हमारे देश की परीक्षा हो रही है। दो हफ़्ते पहले, हमने अमेरिका के साथ व्यापार बातचीत रोकने का सही फैसला किया। हम उनकी पेशकश को स्वीकार नहीं कर सकते थे। हम वह नहीं दे सकते थे जो उन्होंने मांगा था। नतीजतन, अमेरिका ने नए टैरिफ लागू किए हैं जिनका मकसद हमें नुकसान पहुंचाना और बांटना है।" कार्नी ने यह बात तब कही जब उन्होंने घोषणा की कि चार दशकों में पहली बार, VIA रेल की यात्री गाड़ियां कनाडा में बनाई जाएंगी। यह घटनाक्रम वॉशिंगटन और ओटावा के बीच बातचीत टूटने के बाद अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में आई भारी गिरावट के बीच हुआ है। (इनपुट- एएनआई)
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