वॉशिंगटन:अमेरिका की सेना ने ओमान की खाड़ी में नाकेबंदी तोड़ने पर कार्गो जहाज पर बम बरसाया है। इसकी जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से दी गई है। बताया गया कि नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज को एयरस्ट्राइक कर निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी सेना के मुताबिक शिप के क्रू मेंबर्स को बार-बार चेतावनी दी जा रही थी लेकिन वह इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहा था। ईरान के एक बंदरगाह पर रुकने के बाद उसने क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश की।
CENTCOM की ओर से शनिवार को जारी बयान के मुताबिक अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई 7 नवंबर को की। अमेरिकी सैन्य विमान ने सेंट किट्स के झंडे वाले मालवाहक जहाज 'M/V Huda' के पिछले हिस्से (स्टर्न) को निशाना बनाते हुए सटीक हमला किया। इस हमले का मकसद जहाज को आगे बढ़ने में असमर्थ करना था।
हमले से पहले चालक दल को दी गई चेतावनी
अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले से पहले जहाज के नागरिक चालक दल को निशाना बनाए जाने वाले हिस्सों से हटने के निर्देश दिए गए थे, ताकि किसी की जान को नुकसान न पहुंचे। इसके बावजूद जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों का पालन नहीं किया और नाकेबंदी का उल्लंघन करने की बार-बार कोशिश की। अमेरिकी सेनाने क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों से जुड़े सभी जहाज संचालकों को चेतावनी दी है कि वे ईरान के तटीय इलाकों और आसपास के समुद्री रास्तों से गुजरते समय अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन करें।
147 जहाजों को लौटाया, पांच को किया निष्क्रिय
अमेरिकी सैन्य कमान के मुताबिक, जुलाई से जारी नाकेबंदी लागू करने के अभियानों के दौरान अब तक 147 व्यावसायिक जहाजों को रोककर उनका रास्ता बदलवाया गया है। वहीं, रुकने से इनकार करने वाले पांच कमर्शियल शिप्स को निष्क्रिय किया गया है। इसके अलावा, CENTCOM ने दावा किया है कि उसने ईरान के 10 व्यावसायिक तेल टैंकरों को भी नष्ट किया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये टैंकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कथित बहु-अरब डॉलर के समुद्री नेटवर्क के अहम हिस्से थे।
ईरान के हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए नई टास्क फोर्स
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कथित जमीनी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को बाधित करने के लिए एक नई टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया है। इसका उद्देश्य ईरान तक उन्नत हथियारों, दोहरे इस्तेमाल वाली तकनीकों और प्रतिबंधित सामग्रियों की आपूर्ति रोकना है। अमेरिका इस कदम के जरिए ईरान के सैन्य सप्लाई नेटवर्क पर दबाव और बढ़ाना चाहता है।
बता दें कि इससे पहले अक्तूबर महीने में ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे पनामा के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज MT On Peace पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इस हमले में जहाज पर सवार 12 क्रू मेंबर घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय मूल के थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी जानकारी दी।
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