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माली में फ्यूल ट्रकों पर हमला क्यों कर रहे हैं आतंकी? दर्जनों ट्रक फूंके, अल-कायदा से है खास कनेक्शन

माली में अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन JNIM ने ईंधन सप्लाई रोकने के लिए ट्रकों पर हमले तेज कर दिए हैं। अब तक करीब 100 फ्यूल ट्रक जलाए जा चुके हैं। इसका मकसद देश की सैन्य सरकार को कमजोर करना है।

Mali fuel truck attack, JNIM terrorists Mali- India TV Hindi
Image Source : AP माली में लंबे समय से हालात खराब चल रहे हैं।

डकार: माली की राजधानी बामाको में अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन यानी कि JNIM के आतंकी पिछले कुछ दिनों से ट्रकों पर हमले कर रहे हैं। दरअसल, JNIM के ये आतंकी मु्ल्क में फ्यूल यानी कि ईंधन की सप्लाई को रोकने के लिए इन ट्रकों को निशाना बना रहे हैं। माली के नेशनल काउंसिल ऑफ एम्प्लॉयर्स के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ दिनों में आतंकियों ने करीब 100 ईंधन ट्रकों को आग के हवाले कर दिया, जिससे मुल्क की नाजुक अर्थव्यवस्था पर गहरा खतरा मंडरा रहा है।

आग की लपटों में घिरे दिखे कई फ्यूल ट्रक

बता दें कि JNIM ने 2 हफ्ते पहले माली में पड़ोसी देशों से ईंधन आयात पर पाबंदी लगा दी थी। आतंकियों ने चेतावनी दी थी कि उनकी बात न मानने वाले ट्रक ड्राइवरों को निशाना बनाया जाएगा। इसके बाद, बीते 2 हफ्तों में माली के कायेस शहर के पास, जो सेनेगल की सीमा के करीब है, आतंकियों ने ईंधन ट्रकों पर हमले किए और उन्हें जला दिया। एक वायरल वीडियो में सड़क किनारे कई फ्यूल टैंकरों को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा गया। माली की सेना ने पुष्टि की कि बामाको की ओर जा रहे ईंधन ट्रकों की सुरक्षा के लिए तैनात उनके जवानों पर 'आतंकी हमला' हुआ। हालांकि, सेना ने नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी।

हालात सुधरने का इंतजार कर रहे ट्रक ड्राइवर

माली के प्रधानमंत्री मेजर जनरल अब्दुलाये माइगा ने सोशल मीडिया पर एक बयान में इस घटना को 'दुखद' बताया। बता दें कि माली की अर्थव्यवस्था काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। रोजाना 100 से ज्यादा फ्यूल टैंकर सेनेगल से माली में आते हैं, लेकिन अब यह आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। सीमा पर सैकड़ों ट्रक ड्राइवर सेना की सुरक्षा और सड़कों पर हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। फ्यूल इंपोर्ट करने वाले एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'सप्लाई रुकने से बामाको में ईंधन की कमी हो सकती है और कीमतें आसमान छू सकती हैं।'

सैन्य सरकार को कमजोर करना चाहते हैं आतंकी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि JNIM के आतंकी इस पाबंदी के जरिए माली की सैन्य सरकार को कमजोर करना चाहते हैं। कंट्रोल रिस्क्स ग्रुप की विश्लेषक बेवर्ली ओचिएंग ने कहा, 'आतंकी इस ब्लॉकेड के जरिए कारोबारियों और आम लोगों को सरकार से दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि सरकार की साख और ताकत कम हो।' माली पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है, और अब यह ईंधन संकट स्थिति को और बिगाड़ सकता है। अगर यह ब्लॉकेड लंबा खिंचा तो बामाको में न सिर्फ ईंधन की किल्लत होगी, बल्कि रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। सरकार और सेना के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।

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