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ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ी चिंता, यूरोपीय देशों और तेहरान के बीच बेनतीजा रही वार्ता

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। यूरोपीय देशों और तेहरान के बीच अहम वार्ता बेनतीजा रही है। वार्ता ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों और ईरानी अधिकारियों के बीच हुई है।

Iran Uranium Conversion Facility- India TV Hindi
Image Source : AP Iran Uranium Conversion Facility

वियना: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता बेनतीजा रही है। तीन यूरोपीय देशों के प्रतिनिधि अपने ईरानी समकक्ष के साथ इस बात पर सहमत नहीं हो पाए कि समय सीमा समाप्त होने से कुछ दिन पहले प्रतिबंधों को कैसे टाला जाए। इन तीन देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की चेतावनी दी है। एक राजनयिक ने कहा कि E3 देश कहलाने वाले ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत बेनतीजा रही है। 

'जारी हैं समाधान के प्रयास'

राजनयिक ने कहा कि यूरोपीय देशों की ओर से ईरान पर प्रतिबंध फिर से लागू करने की समय सीमा तेजी से नजदीक आने के बीच समाधान तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ‘स्नैपबैक’ प्रावधान के तहत की जा सकती है। इससे पहले 25 जुलाई को इस्तांबुल में यूरोपीय और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच एक दौर की बातचीत हुई थी। 

यूरोपीय देशों की बढ़ गई है चिंता

ईरान की ओर से अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग समाप्त करने और जून में ईरान-इजरायल जंग के दौरान उसके परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद यूरोपीय देशों की चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। IAEA के निरीक्षण बंद होने के कारण वैश्विक समुदाय को ईरान के परमाणु कार्यक्रम 'विशेषकर 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित यूरेनियम के भंडार' की स्थिति का कोई स्पष्ट अंदाजा नहीं है। 

क्या है ईरान का दावा?

हथियार बनाने के लिए उपयुक्त यूरेनियम 90 प्रतिशत शुद्धता का होता है और 60 प्रतिशत तकनीकी रूप से बेहद निकट स्तर है। ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, हालांकि वह एकमात्र ऐसा गैर-परमाणु हथियार संपन्न देश है जो इतने उच्च स्तर की यूरेनियम संवर्धन कर रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका और यूरोपीय देशों ने सहमति जताई थी कि यदि ईरान, अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता फिर शुरू करना, संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों को परमाणु ठिकानों तक पहुंच देना और 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम का स्पष्ट विवरण देना जैसी कुछ प्रमुख शर्तें पूरी नहीं करता तो अगस्त के अंत तक ‘स्नैपबैक’ प्रावधान लागू किया जाएगा। (एपी) 

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