द हेग (नीदरलैंड): नाटो शिखर सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की को तगड़ा झटका दिया है। नाटो की ग्रुप फोटो में जेलेंस्की मौजूद रहे। मगर मुख्य बैठकों की सीन से वह गायब रहे। नाटो के नेताओं ने जेलेंस्की को रूस के आक्रमण के खिलाफ चल रहे युद्ध के बीच बुधवार को रक्षा खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि पर सहमति जताई। मगर इस अहम बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अनुपस्थित रखा गया। इसने सभी का ध्यान खींचा। एक ओर जहां गठबंधन के नेता साझा रणनीतियों पर चर्चा कर रहे थे, वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मौजूद नहीं थे।
3 साल से रूस से युद्ध लड़ रहा यूक्रेन
यूक्रेन फरवरी 2022 से रूस के साथ युद्ध में उलझा हुआ है। यह विषय नाटो बैठकों में अक्सर चर्चा का केंद्र रहा है, लेकिन हेग में शुरू हुई इस वर्ष की वार्षिक बैठक में तस्वीर कुछ बदली-बदली सी नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में जेलेंस्की को पहली बार अहम बैठकों से दरकिनार किया गया है। जब से अमेरिका में ट्रंप का शासन हुआ है, तब से जेलेंस्की को अमेरिकी मदद पूरी तरह बंद हो गई है। वहीं यूरोप भी यूक्रेन को पूर्ण मदद के मुद्दे पर बंट सा गया है।
अब अलग बैठकों पर जेलेंस्की का फोकस
कहा ये भी जा रहा है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की की अनुपस्थिति के पीछे की वजह यह थी कि उन्होंने नाटो सम्मेलन के समानांतर, सम्मेलन स्थल पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं से आमने-सामने की द्विपक्षीय बैठकें निर्धारित कर रखी थीं। बैठक से पहले ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "हम उनकी (जेलेंस्की की) कठिनाइयों पर चर्चा करेंगे। वह एक अच्छे व्यक्ति हैं। मेरा अनुमान है कि आज हम यूक्रेन को लेकर गंभीर बात करेंगे।" गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने अतीत में यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के प्रयासों को अवरुद्ध किया है। हाल ही में अमेरिका के ओवल ऑफिस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी बहस भी चर्चा का विषय बनी थी।
यूक्रेन को सैन्य सहायता के नए वादे
NATO समिट के पहले दिन जेलेंस्की शिखर सत्र में नहीं दिखे, लेकिन उन्होंने हेग में निरंतर बैठकें कीं। नीदरलैंड ने रूस के ड्रोन हमलों से निपटने के लिए यूक्रेन को नए ड्रोन्स और रडार सिस्टम देने का वादा किया। यह सहायता यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने में मदद करेगी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने घोषणा की कि उनका देश यूक्रेन को 350 हवाई रक्षा मिसाइलें देगा। इन मिसाइलों के लिए फंडिंग जब्त की गई रूसी परिसंपत्तियों पर ब्याज से जुटाई गई 70 मिलियन पाउंड की राशि से की जाएगी।
युद्ध की पृष्ठभूमि और नाटो की चिंता
यूक्रेन में युद्ध अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। रूस की हालिया सैन्य कार्रवाइयों में, उसने कीव पर सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया है। इन हमलों में हजारों नागरिक मारे जा चुके हैं और यूक्रेन के कई शहर बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। नाटो समिट में सदस्य देशों ने सुरक्षा खर्च बढ़ाने पर सहमति जताई है। ताकि रूस की आक्रामक रणनीति का मुकाबला किया जा सके, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि यूक्रेन को गठबंधन के भीतर पूर्ण सदस्यता और सैन्य सुरक्षा को लेकर अभी और संघर्ष करना होगा।
ट्रंप ने फिर भारत-पाकिस्तान सीजफायर का लिया क्रेडिट
द हेग में चल रहे नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान सीजफायर कराने का जबरन क्रेडिट लिया। ट्रंप ने कहा, "...पिछले कुछ हफ्तों में, हमने भारत और पाकिस्तान, कोसोवो और सर्बिया का ख्याल रखा। कांगो और रवांडा आ रहा है; वह एक खूनी युद्ध था जो चला। इसके अलावा हमने दो और अभियान किए। किसी ने भी कभी ऐसा कुछ नहीं किया..."
(एपी)
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