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यूक्रेनी हाइड्रोपावर प्लांट पर रूसी हमले के बाद बिगड़े हालात, पड़ोसी देश मोल्दोवा में पानी के लिए मचा हाहाकार

रूस और यूक्रेन के बीच जंग का व्यापक असर पड़ोसी देश मोल्दोवा में देखने को मिल रहा है। रूस ने यूक्रेन में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट पर हमला किया था जिसकी वजह से मोल्दोवा में पानी का संकट गहरा गया है।

Moldova Water Crisis- India TV Hindi
Image Source : AP Moldova Water Crisis

Russia Attack Ukraine Hydropower Plant: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। जंग के बीच रूस ने यूक्रेन में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट पर हमला किया है। हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट पर हमले के बाद पड़ोसी देश मोल्दोवा में पानी का संकट गहरा गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि हजारों मोल्दोवन बिना पानी के रहने को मजबूर हैं। रूसी हमले की वजह से पानी का संकट इस वजह से गहरा हुआ है क्योंकि तेल एक ऐसी बड़ी नदी में मिल गया है जो दोनों देशों से होकर बहती है।

मोल्दोवा की राष्ट्रपति ने जताई नाराजगी

मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू ने रूस के इस हमले पर नाराजगी जताई है।   सैंडू ने रूस को यूक्रेन के नोवोद्निस्ट्रोव्स्क हाइड्रोपावर प्लांट पर हुए हमले के बाद डनिस्टर नदी में हुए प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह हमला मोल्दोवा में पानी के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

मोल्दोवा के 80 प्रतिशत लोगों को मिलता है पानी 

रूस ने जिस हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट पर हमला किया था वह मोल्दोवा की यूक्रेन के साथ उत्तरी सीमा से लगभग 15 किलोमीटर ऊपर की ओर स्थित है। यह प्लांट मोल्दोवा की लगभग 2.5 मिलियन (25 लाख) आबादी में से लगभग 80 प्रतिशत लोगों को पानी की आपूर्ति करता है। 2022 में देश पर पूरी तरह से हमला करने के बाद से मॉस्को ने बार-बार यूक्रेन के नागरिक बुनियादी ढांचे, जैसे बांधों और नदी बंदरगाहों को निशाना बनाया है।

Image Source : apMoldova Water Crisis

मोल्दोवा ने घोषित किया आपातकाल 

मोल्दोवा के पर्यावरण मंत्रालय ने हालात के देखते हुए पर्यावरण आपातकाल की घोषणा कर दी है। इससे अधिकारियों को तकनीकी हस्तक्षेप बढ़ाने और पानी की आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानूनी अधिकार मिल गया है। मंत्रालय ने कहा, "हम यह फैसला इसलिए ले रहे हैं ताकि हम आबादी के स्वास्थ्य को होने वाले किसी भी जोखिम को रोक सकें।" फिलहाल अधिकारियों को कई जिलों में पानी की आपूर्ति बंद करनी पड़ी है, जिसमें मोल्दोवा का दूसरा सबसे बड़ा शहर बाल्टी भी शामिल है, जिसकी आबादी लगभग 90,000 है। पड़ोसी देश रोमानिया से मिली मानवीय सहायता के साथ-साथ, इस सप्ताह मोल्दोवा की सेना भी उत्तरी शहर में 10 टन के टैंकर से पीने का पानी बांटने के लिए आगे आई। 

पानी की कमी से परेशान हैं लोग

मोल्दोवा में गहराते जल संकट की वजह से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 84 साल की बाल्टी निवासी लियूबा इस्ट्राती ने कहा, "हम पांचवीं मंजिल पर रहते हैं, हम सिर्फ दो लोग हैं, बुज़ुर्ग लोग; मेरे पति बिस्तर पर बीमार पड़े हैं। यह बहुत मुश्किल है, बहुत ही मुश्किल।" हालात ऐसे हैं कि पानी की कमी के कारण कुछ स्कूलों को बंद करना पड़ा है और पढ़ाई ऑनलाइन करनी पड़ रही है।

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