1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. अमेरिका ने जब्त किया तेल टैंकर तो रूस ने भी दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- 'बढ़ सकता है तनाव'

अमेरिका ने जब्त किया तेल टैंकर तो रूस ने भी दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- 'बढ़ सकता है तनाव'

रूस और अमेरिका के बीत तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका ने रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त किया है जिसे लेकर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

America Seizure Of Oil Tanker- India TV Hindi
Image Source : AP America Seizure Of Oil Tanker

मॉस्को: रूस ने तेल टैंकर को जब्त किए जाने की कड़ी निंदा की है। अमेरिका की इस हरकत पर मॉस्को और वाशिंगटन के बीच संबंधों में नई कड़वाहट आ गई है। रूस और अमेरिका के बीच टकराव अब अन्य क्षेत्रों तक भी फैल सकता है, इतना ही नहीं यूक्रेन जंग को खत्म करने के लिए शांति वार्ता भी प्राभवित हो सकती है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को नॉर्थ अटलांटिक में रूसी झंडे वाले टैंकर को जब्त करना "यूरो-अटलांटिक क्षेत्र में मिलिट्री और पॉलिटिकल तनाव को और बढ़ा सकता है।"

पुतिन ने नहीं दी प्रतिक्रिया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अभी तक टैंकर जब्त करने पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पुतिन वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को अमेरिका वे जाने पर भी चुप रहे हैं। पुतिन के राजनयिकों ने इसे अमेरिका की खुली आक्रामकता बताया है जबकि रूसी राष्ट्रपति ने ट्रंप की किसी भी आलोचना से परहेज किया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का घोर उल्लंघन बताया और जोर दिया कि जहाज के पास दिसंबर में जारी किया गया रूसी झंडे के तहत चलने का परमिट था। कहा गया कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की ओर से एकतरफा लगाए गए प्रतिबंध अवैध थे और खुले समुद्र में जहाजों को जब्त करने का कोई औचित्य नहीं हो सकता।

रूस के पास हैं बेहद कम विकल्प

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा के प्रशासन के दौरान यूरोपीय और यूरेशियन मामलों के सहायक विदेश सचिव डैनियल फ्राइड के अनुसार, अपनी कड़ी बयानबाजी के अलावा, रूस के पास इस जब्ती पर प्रतिक्रिया देने के बारे में बहुत कम विकल्प हैं।
फ्राइड ने कहा, "जब रूसी शर्मिंदा होते हैं तो वो चिल्लाते हैं, और इस मामले में वो शर्मिंदा हुए हैं क्योंकि रूसी शक्ति वैसी नहीं है जैसा व्लादिमीर पुतिन इसे दिखाते हैं, वो इस जहाज के बारे में कुछ नहीं कर सके।"

कम हुई रूस की विश्वसनीयता

फ्राइड ने कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण को देखते हुए, जब अंतरराष्ट्रीय कानून के बारे में शिकायतों की बात आती है तो रूस की विश्वसनीयता बहुत कम है। उन्होंने कहा कि जहाज पर रूस का दावा भी कमजोर है, यह देखते हुए कि उसे पिछले महीने ही रूसी झंडा फहराने का अस्थायी परमिट दिया गया था। फ्राइड ने कहा, "अगर आप इस बारे में कानूनी तौर पर बात करते हैं, तो यह एक जटिल मुद्दा है। अगर आप इस बारे में रणनीतिक रूप से बात करते हैं, तो रूसी बुरी तरह से फैले हुए और कमजोर हैं। वो यूक्रेन में एक ऐसे युद्ध से चिपके हुए हैं जिसे वो जीत नहीं रहे हैं, उनकी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।" उन्होंने कहा कि हालांकि यह संभव था कि मॉस्को टैंकर को जब्त करने पर अमेरिकी हितों पर हमला करके प्रतिक्रिया दे, लेकिन पुतिन शायद ट्रंप को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाना चाहेंगे।"

बदला गया था जहाज का नाम

अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने कहा कि व्यापारी जहाज बेला 1 को अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन की वजह से जब्त किया गया था। जब अमेरिका ने पिछले महीने टैंकर का पीछा करना शुरू किया गया था तब इस जहाज का नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया और इसमें रूसी झंडा लगाया गया था। ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला पर तेल प्रतिबंध लागू किया है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि वेनेजुएला में अब वही तेल आएगा और जाएगा जो अमेरिकी कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप स्वीकृत चैनलों के माध्यम से होगा।

यह भी पढ़ें:

ट्रंप से खफा फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जमकर की भारत की तारीफ, जानें क्या-क्या कहा?

Iran Internet blackout: ईरान के 50 शहरों में पहुंचा विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट किया गया बंद, तेहरान में बिगड़ी स्थिति

Latest World News