1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. Russia Ukraine War: यूक्रेन में अभियान के दौरान एक सुअर ने बचाई रूसी सैनिकों की जान, VIDEO देख हो जाएंगे हैरान

Russia Ukraine War: यूक्रेन में अभियान के दौरान एक सुअर ने बचाई रूसी सैनिकों की जान, VIDEO देख हो जाएंगे हैरान

यूक्रेन में अभियान चला रही रूसी सैनिकों की एक सुअर ने जान बचाकर सबको हैरान कर दिया। रूसी सैनिक रात के अंधेरे में आगे बढ़ रहे थे, तभी उनके रास्ते में एक सुअर आ गया। सैनिकों ने उसे भगाया, लेकिन तब भी वह नहीं भागा और लैंडमाइन के ऊपर चला गया। इससे विस्फोट में सुअर घायल हो गया और सैनिक बच गए।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : AP प्रतीकात्मक फोटो

कीव: यूक्रेन के विशेष अभियान क्षेत्र में एक अविश्वसनीय घटना ने रूसी सैनिकों को मौत के मुंह से बचा लिया। एक साधारण सुअर ने यूक्रेन में अभियान चला रहे कई रूसी सैनिकों की जान बचा ली। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। अगर यह सुअर नहीं होती तो कई रूसी सैनिक मारे जा सकते थे, लेकिन एक जानवर ने कई सैनिकों को जीवनदान देने का काम किया।

सुअर ने कैसे बचाई जान

दरअसल रूसी सैनिक जिस क्षेत्र में अभियान चला रहे थे, वहां एक खतरनाक इलाके में बारूदी खदान बिछी हुई थी। सैनिक उसी रास्ते से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन तभी उनके रास्ते में आई सुअर ने सैनिकों का रास्ता रोक दिया। इसके बावजूद सैनिक सुअर को हटाकर आगे बढ़ना चाह रहे थे। मगर तब सुअर ने अद्भुत तरीके से उनकी जान बचा ली। सुअर ने इस खतरनाक इलाके में सैनिकों के आगे चलकर खतरे का संकेत दिया, जिससे वे अपना रास्ता बदल सके और भारी नुकसान से बच गए। यह घटना रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच सैनिकों के लिए एक चमत्कारिक कथा बन गई है, जहां जानवरों की सहज बुद्धिमत्ता ने मानवीय जीवन रक्षा की।घटना डोनेट्स्क क्षेत्र के एक जंगली इलाके में गुरुवार रात हुई।

 

अंधेरे में जंगल से गुजर रही थी रूसी सेना

रूसी सेना की 28वीं मोटराइज्ड राइफल ब्रिगेड के एक दस्ते को दुश्मन की ओर बढ़ना था। अंधेरे में, वे एक घने जंगल से गुजर रहे थे, जहां यूक्रेनी सेना ने एंटी-पर्सनल माइनफील्ड बिछा रखी थी। अचानक, एक जंगली सुअर उसी रास्ते से निकल आया। सैनिकों ने पहले तो उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन सुअर ने रुकने का नाम नहीं लिया। वह आगे-आगे दौड़ता रहा, कभी रुककर पीछे मुड़कर देखता, मानो कह रहा हो – 'यहां मत आओ!'कमांडर मेजर अलेक्सी कोवालेव ने बताया, "हमारी टोही इकाई पहले ही सतर्क थी, लेकिन सुअर का व्यवहार संदिग्ध लगा। वह खदान क्षेत्र में चला गया और अचानक एक धमाके की आवाज आई। सुअर घायल हो गया, लेकिन उसने हमें चेतावनी दी।" वास्तव में, सुअर के पैरों तले एक माइन फट गई, जो सैनिकों के जूते या वाहनों से न फूटती। इससे सैनिकों को समय मिला और उन्होंने ड्रोन की मदद से वैकल्पिक रास्ता चुना। नतीजा? कोई हताहत नहीं, और दस्ता सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच गया।

सुअर की संवेदनशीलता ने पहचानी बारूदी सुरंग

विशेषज्ञों का कहना है कि सुअरों की संवेदनशील नाक खदानों की गंध को भांप लेती है, जो प्रथम विश्व युद्ध में कुत्तों की तरह इस्तेमाल होती रही। रूसी सेना के एक वेटरनरी विशेषज्ञ डॉ. इरिना स्मिरनोवा ने कहा, "यह सहज प्रतिक्रिया थी। सुअरों की तीक्ष्ण गंध-ज्ञान उन्हें खतरों से दूर रखती है, और यहां यह सैनिकों के लिए वरदान बनी।" घटना की वायरल वीडियो फुटेज में सुअर को सैनिकों के बीच घूमते देखा जा सकता है, जो सोशल मीडिया पर 'हीरो पिग' का ट्रेंड चला रही है।रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसे 'प्रकृति का संदेश' बताते हुए सैनिकों को सतर्क रहने की सलाह दी। लेकिन सैनिकों के बीच सुअर की यह प्रवृत्ति बहादुरी का विषय बन गई। 

Latest World News