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रूस के आगे यूक्रेन क्यों हुआ बेबस? पुतिन ने चीन और अमेरिका पर डाली युद्ध खत्म करने की जिम्मेदारी

रूस के आगे यूक्रेन बेबस दिखाई दे रहा है। रूस ने यूक्रेन पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं जिन्हें रोकने में यूक्रेन नाकाम हो रहा है। दूसरी ओर पुतिन ने चीन और अमेरिका पर युद्ध खत्म करने की जिम्मेदारी डाल दी है।

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Image Source : AP पुतिन ने यूक्रेन को दहलाया।

रूस के हमलों ने यूक्रेन में अफरा-तफरी मचा दी है। रूस बड़े मिसाइल अटैक कर रहा है। कीव में बड़े मॉल, अस्पताल, दफ्तर जल रहे हैं। जेलेंस्की के पास रूसी मिसाइलों को रोकने के लिए इंटरसेप्टर नहीं है। अमेरिका दे नहीं रहा, यूरोप ने भी सप्लाई अचानक रोक दी है। जेलेंस्की को ट्रंप ने फिर डील करने की सलाह दी है। वहीं, पुतिन ने युद्ध खत्म करने की जिम्मेदारी चीन और अमेरिका पर डाल दी है। अगले महीने तीनों नेताओं के बीच एक बैठक हो सकती है। जेलेंस्की को इसमें नहीं बुलाया गया है और यूरोप के भी किसी नेता को भी नहीं बुलाया गया है। ऐसे में यूक्रेन के लिए टेंशन और ज्यादा बढ़ गई है।

रूस ने यूक्रेन को दहलाया

रूस ने यूक्रेन की 10 बिजली कंपनियों पर एक साथ हमला किया है। जेलेंस्की की राजधानी कीव पर आसमान से आफत बरस रही है। रूस की बैलिस्टिक मिसाइलें आग के गोलों की तरह नीचे गिर रही हैं और कीव के शहरी इलाकों में धमाकों के शोर से धरती हिल रही है। रूस ने इस बार कीव मेट्रो स्टेशन को भी निशाना बनाया है। मेट्रो स्टेशन पर रूस ने गेरान-4 ड्रोन से हमले किए हैं। रूस ने रात में 16 बैलिस्टिक मिसाइलें कीव पर दागी। जेट इंजन वाले 269 ड्रोन दागे। यूक्रेन ने 243 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया। यूक्रेन एक भी बैलिस्टिक मिसाइल नहीं रोक पाया। जेलेंस्की के 25 ठिकाने बुरी तरह बर्बाद हो गए। 

जेलेंस्की यूरोप और अमेरिका पर निकाली भड़ास

हमले के बाद जेलेंस्की ने यूरोप और अमेरिका के पार्टनर्स पर जमकर भड़ास निकाली जिन्होंने रात में हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की अर्ली वॉर्निंग यूक्रेन को नहीं दी। जेलेंस्की के ट्रंप को ये कहकर टारगेट किया कि पार्टनर देशों में सिर्फ अमेरिका के पास ऐसा अर्ली वॉर्निंग सिस्टम है जो रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों की जानकारी काफी पहले दे सकता है। मगर ट्रंप ने जेलेंस्की को पुतिन के बैलिस्टिक प्रहार की भनक तक नहीं लगने दी। इसकी वजह से कीव में एक बड़ा डेटा सेंटर निशाना बन गया। फायर प्वाइंट लॉजिस्टिक हब पर हमला हो गया जहां यूक्रेन की स्वदेशी फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल के कंपोनेंट बनाए जाते हैं। कई ड्रोन को यहां असेंबल भी किया जाता है। एक लोकोमोटिव सेंटर को भी रूस ने उड़ा दिया है जहां मिसाइलों को असेंबल करने के बाद स्टोर किया जाता है।

कब होगी ट्रंप, पुतिन और शी की बैठक?

ट्रंप, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच बैठक एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है। चीन के शेन्जेन में 18 और 19 नवंबर को एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन हो रहा है। अब सवाल उठता है क्या जेलेंस्की अमेरिका और चीन का फैसला मान लेंगे। वो भी जब उनके देश का फैसला करने वाली समिट में उन्हें ही नहीं बुलाया गया है। फिलहाल जेलेंस्की की प्राथमिकता स्टारशील्ड का नेटवर्क दोबारा हासिल करने पर है जिसे ट्रंप के गुस्से के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। स्टारशील्ड का नेटवर्क नहीं मिलने से जेलेंस्की के लिए युद्ध लड़ना करीब करीब असंभव हो गया है। पैट्रियट एयर डिफेंस में लगने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें नहीं मिलने से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को भी यूक्रेन नहीं रोक पा रहा है। ट्रंप ऐसा करके जेलेंस्की पर डील के लिए मैक्सिमम दबाव डाल रहे हैं। अब देखना है दबाव कितना काम करता है।

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